कोविड टीकाकरण : ग्रामीण इलाकों में 21 जून से बिना रजिस्ट्रेशन कराए लगेगा टीका
- 18 वर्ष या उससे अधिक उम्र वालों का मौके पर होगा रजिस्ट्रेशन, स्लाट बुकिंग की जरूरत नहीं
- स्वास्थ्य विभाग ने जिले में टीकाकरण अभियान को और व्यापक बनाने के लिए उठाए कदम
विस्तार
ग्रामीण इलाकों में कोरोना टीका लगवाने के प्रति लोगों में कम रूझान को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने टीकाकरण अभियान में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। सोमवार यानी 21 जून से ग्रामीण इलाकों में 18 वर्ष या उससे अधिक सभी आयु वर्ग के लोगोें का मौके पर रजिस्ट्रेशन कर टीकाकरण किया जाएगा। ग्रामीण इलाकों के लोगों को पहले से न तो रजिस्ट्रेशन कराने की बाध्यता होगी और न ही स्लाट बुकिंग की। ग्रामीण इलाकों के लोग सीधे टीकाकरण सेंटर या फिर लगने वाले शिविरों पर जाएंगे और वहां बैठे स्वास्थ्य कार्यकर्ता उनका रजिस्ट्रेशन कर टीका लगाएंगे। अभी तक यह व्यवस्था 45 या उससे अधिक आयु वर्ग के लोगों के लिए ही थी। 45 वर्ष या उससे अधिक उम्र के लोगों के लिए स्वास्थ्य टीमें गांव-गांव जाकर टीका लगा रही हैं। हर गांव का दिन भी निर्धारित किया गया है। लेनिक, 18 वर्ष से 44 वर्ष की आयु वर्ग के लिए यह व्यवस्था नहीं थी।
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी एसीएमओ डॉ. तीरथलाल ने बताया कि 21 जून से चलने वाले टीकाकरण अभियान के लिए माइक्रोप्लान बनाया गया है। पहले चरण में इस अभियान को जिले के छह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर शुरू किया जा रहा है। इन स्वास्थ्य केंद्रों कें अंतर्गत स्वास्थ्य टीमें प्रतिदिन दो राजस्व गांवों में जाएंगी और वहां 18 वर्ष या उससे अधिक उम्र वाले लोगों का टीकाकरण करेंगी। पहले चरण में कौड़िहार, सोरांव, होलागढ़, कोटवां, चाका, जसरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में यह अभियान चलेगा।
माइक्रोप्लान के मुताबिक टीकाकरण के लिए सीएचसी कौड़िहार में सात टीमें, सीएचसी सोरांव में 15 टीमें, सीएचसी होलागढ़ में नौ टीमें, सीएचसी कोटवां में नौ टीमें, सीएचसी चाका में 12 टीमें और जसरा में 10 टीमें लगाई जाएंगी। उधर, कोटवां एट बनी सीएचसी के अधीक्षक डॉ. अमृत लाल कहते हैं कि सोमवार से चलने वाले टीकाकरण अभियान के लिए तैयारी पूरी कर ली गई है। किन राजस्व गांवों में टीमें टीका लगाने जाएंगी। इसका भी खाका खींच लिया गया है।
शहरी इलाकें में टीकाकरण अभियान में कोई बदलाव नहीं
शहरी इलाके में टीकाकरण की पुरानी व्यवस्था ही अभी चलेगी। शहर में अभी 45 वर्ष या उससे अधिक उम्र के लोगों का टीकाकरण करने के लिए पहले से रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य नहीं रह गया है। लेकिन, 18 वर्ष से 44 वर्ष तक के लोगों के लिए यह रजिस्ट्रेशन के साथ स्लाट बुकिंग अनिवार्य है। रविवार की सुबह 10 बजे से स्लाट बुक किया जाएगा।कोशिशें तमाम फिर भी टीका लगवाने नहीं पहुंच रहे लोग
शहरी क्षेत्र के मुकाबले ग्रामीण इलाकों में लोगों का टीकाकरण करने के लिए तमाम कोशिशें की जा रही हैं फिर भी आशा के अनुरूप लोग टीका नहीं लगवा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग ने कुछ दिनों से 45 वर्ष या उससे अधिक आयु वर्ग के लोगों के लिए गांव-गांव कैंप लगा रहा है। लेकिन, कैंप घर के पास होने के बावजूद लोग टीका लगवाने नहीं जा रहे हैं। शनिवार को ऐसे ही दो कैंपों का जायजा लिया गया तो वहां टीका लगवाने के लिए गिनती के लोग पहुंचे थे।कोटवां एट बनी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अंतर्गत शनिवार को दो गांवों में टीकाकरण कैंप लगाया गया। बलरामपुर गांव में लगाए गए कैंप में दोपहर दो बजे तक 12 लोग ही टीका लगवाने पहुंचे थे। जबकि बनी गांव में लगाए गए कैंप में थोड़ी भीड़ दिखी। यहां दो बजे तक 46 लोग टीका लगवा चुके थे। इसमें महिलाओं की संख्या मात्र 10 ही थी। कोटवां सीएचसी के अधीक्षक डॉ. अमृत लाल यादव ने भी यह माना कि तमाम कोशिशों के बावजूद ग्रामीण इलाके में लोग टीका लगवाने कम ही आ रहे हैं। इसी तरह फूलपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर दोपहर दो बजे तक 45 लोगों टीका लगवा लिया था।