कोविड टीकाकरण : पोर्टल की खामियों से भटके लोग, पंजीकरण कराने वाले नहीं बुक कर रहे स्लॉट
कोरोना से बचाव को टीकाकरण कराने के उत्सुक लोगों पर कोविन पोर्टल की खामियां भारी पड़ रही हैं। कभी पोर्टल दगा दे रहा है तो अधिकतर केंद्रों पर लोग बिना स्लॉट बुक कराए पहुंच जा रहे हैं, जबकि रजिस्ट्रेशन के बाद स्लॉट बुक कराना जरूरी होता है।
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कोरोना से बचाव को टीकाकरण कराने के उत्सुक लोगों पर कोविन पोर्टल की खामियां भारी पड़ रही हैं। कभी पोर्टल दगा दे रहा है तो अधिकतर केंद्रों पर लोग बिना स्लॉट बुक कराए पहुंच जा रहे हैं, जबकि रजिस्ट्रेशन के बाद स्लॉट बुक कराना जरूरी होता है। वहीं ऐसे मामले भी सामने आ रहे हैं, जिनमें पहली डोज लगवाने वालों का विवरण ही पोर्टल पर दर्ज नहीं हैं। ऐसे लोगों को 84 दिन के अंतराल पर आने को कहा जा रहा है, शायद तभी पोर्टल पर इंट्री दुरुस्त हो पाएंगी।
कोविन पोर्टल पर वैक्सीन की पहली डोज लगवाने वालों की इंट्री का न दिखना, मानवीय भूल का कारण माना जा रही है। टीकाकरण कार्य से जुड़े अफसरों का कहना है कि मैन्युअल इंट्री के दौरान कई बार इंट्री सिक्रोनाइज नहीं हो पाती। कई मामलों में फोन नंबर या आधार नंबर गलत दर्ज हो जाता है। अधिकतर मामलों में पंजीकरण कराने वाले सही ओटीपी नहीं बता पाते जिससे इंट्री दिखती नहीं है। वहीं पोर्टल पर इंट्री करने के दौरान हुई गल्तियों के भी अनेक मामले सामने आ रहे हैं।