Covid : कोरोना के नए वैरिएंट से लड़ने का सबसे बड़ा हथियार सजगता, डॉक्टरों ने बताए बचाव के टिप्स
ओमिक्रॉन के नए वैरिएंट बीएफ.7 से लड़ाई के लिए इस बार समय रहते तैयारियां मुकम्मल कर ली गई हैं। कोविड का यह नया रूप वैक्सीन की दोनों डोज लेने वालों को भी प्रभावित कर सकता है।
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ओमिक्रॉन के नए वैरिएंट बीएफ.7 से लड़ाई के लिए इस बार समय रहते तैयारियां मुकम्मल कर ली गई हैं। कोविड का यह नया रूप वैक्सीन की दोनों डोज लेने वालों को भी प्रभावित कर सकता है। लेकिन, इससे डरने की जरूरत नहीं है। सजगता से प्रोटोकॉल का पालन किया जाए तो इसके खतरों से बखूबी निबटा जा सकता है। यह बातें सोमवार को अमर उजाला की ओर से कोरोना संक्रमण के खतरों से बचने के उपायों पर आधारित संवाद में शहर के चिकित्सकों ने कही।
सिविल लाइंस स्थित कार्यालय में कोरोना के नए वैरिएंट के खतरे और उससे निबटने के उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई। मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के डॉ. जितेंद्र शुक्ल ने बताया कि ओमिक्रॉन की तरह ही इसके फैलने का खतरा ज्यादा है। किसी कार्यस्थल पर या समूह में एक व्यक्ति को हुआ तो सबको हो सकता है। लेकिन, जान-जोखिम का खतरा उतना नहीं है।
मॉस्क लगाकर, दूरी बनाकर और भीड़ वाले स्थानों पर न जाकर इससे बचा जा सकता है। इसी तरह मेडिकल कॉलेज के ही चिकित्सक वैभव सिंह ने राय दी कि ज्यादातर लोग वैक्सीन की दोनों खुराक ले चुके हैं। लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ी है। ऐसे में बहुत डरने की जरूरत नहीं है,लेकिन बच्चों की टीकाकरण अभी भी पूरा नहीं हो सका है। ऐसे में स्कूल खुलने से पहले प्राथमिकता के तौर पर बच्चों का टीकाकरण पूरा किया जाना चाहिए।
इसी तरह डॉ. घनश्याम मिश्र ने बूस्टर डोज के साथ ही बच्चों को मंगलटीका तेजी से लगवाने का सुझाव दिया। उनका कहना था कि बस सजगता ही इस वैरिएंट से बचाव का उपाय है। मेडिकल कॉलेज के डॉ. मनीष केशरी के अनुसार हमारी तैयारी इस बार पहले की तुलना में बहुत अच्छी है। अस्पताल अपग्रेडेड हो चुके हैं। अभी बहुत लोगों ने वैक्सीन नहीं ली है। ऐसे में भीड़ में जाने से बचना चाहिए। नाक-कान, गला विशेषज्ञ डॉ. एलएस ओझा का कहना था कि मॉस्क ठीक से लगाएं और कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते रहें। इस तरह एहतियात बरतने पर बीएफ.7 फैलने के बाद भी परेशान नहीं कर सकेगा।
ऑक्सीजन- बेड और वेंटिलेटर सब दुरुस्त, चिंता की बात नहीं: डॉ. एसपी सिंह
मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ एसपी सिंह ने कोरोना के नए वैरिएंट से निबटने के इंतजामों पर एक-एक कर जानकारी दी। उन्होंने सेकेंड और थर्ड वेब की चिंताओं का जिक्र किया। बताया कि पहले बेड कम थे। आक्सीजन की भी कमी की बात एक बार आई थी। लेकिन, अब हमारी तैयारी समय रहते दुरुस्त है। हर बेड तक ऑक्सीजन की पाइप लाइन पड़ चुकी है। बेड पर्याप्त हैं। वेंटिलेटर भी पर्याप्त हैं। आक्सीजन पाइप लाइन, प्लांट, उपकरण दुरुस्त कर लिए गए हैं। सिर्फ लापरवाही से बचने की जरूरत है। हम मुस्तैदी से लड़ने और इस संक्रमण से पार पाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
सामान्य मरीजों के लिए खुले रहेंगे अस्पताल
केंद्र और राज्य स्तर पर कोरोना के नए वैरिएंट से लड़ने के लिए की गई तैयारियों की प्रमुख सचिव के स्तर पर समीक्षा कर ली गई है। इस बार स्पष्ट कर दिया गया है कि अस्पताल बंद नहीं किए जाएंगे। सामान्य मरीजों का उपचार होता रहेगा।