युनाइटेड मेडिसिटी में होगा कोविड-19 का उपचार
- लेवल-टू हॉस्पिटल का मिला है दर्जा, दो सौ बेड की है व्यवस्था
- सुपर स्पेशियलिटी अस्पतालों में उपचार के लिए शुल्क निर्धारित
प्रयागराज। कोरोना के मरीज अब निजी अस्पताल में भी उपचार करा सकेंगे। सीएमओ ने शासन के निर्देश के बाद युनाइटेड मेडिसिटी हॉस्पिटल एंड मेडिकल कॉलेज रावतपुर को लेवल-टू का दर्जा देते हुए निर्धारित दरों पर उपचार करने की अनुमति प्रदान की है। यह निजी क्षेत्र का पहला हॉस्पिटल है जो कोरोना के मरीजों का उपचार करेगा। कोविड-19 के लिए यहां दो सौ बेड की व्यवस्था की गई है। बीस फीसदी बेड सरकारी अधिकारियों, कर्मचारियों, आयुष्मान भारत के मरीजों के लिए आरक्षित किया गया है। इन बेडों के लिए सीजीएचएस या आयुष्मान भार के दर पर भुगतान किया जाएगा। सीएमओ मेजर डॉ जीएस बाजपेई ने इसकी पुष्टि की।
सीएमओ ने बताया कि सुपर स्पेशियलिटी चिकित्सा वाले अस्पतालों के लिए प्रतिदिन का शुल्क भी निर्धारित कर दिया गया है। अगर कोरोना संक्रमित व्यक्ति की हालत सामान्य से थोड़ा अधिक खराब है यानी मीडियम श्रेणी का मरीज है तो उससे प्रतिदिन आठ हजार रुपये देने होंगे। यदि मरीज गंभीर है तो 12 हजार रुपये और ज्यादा गंभीर है तो 15 हजार रुपये देने होंगे। इसमें पीपीई किट का पैसा शामिल किया गया है। हॉस्पिटल पीपीई किट के लिए मरीज से अलग से कोई चार्ज नहीं कर सकेगा।
इसके अलावा समय-समय पर आने वाली सरकार की गाइडलाइन का भी पालन करना होगा। चिकित्सालय के चिकित्सक, नर्स एवं अन्य मेडिकल स्टाफ को इंफेक्शन प्रिवेंशन आदि का समुचित प्रशिक्षण दिया जाना भी अनिवार्य होगा। आईसीएमआर एवं इंफेक्शन प्रिवेंशन प्रोटोकॉल की गाइडलाइन के मुताबिक चिकित्सालय में समुचित व्यवस्था करनी होगी। उधर युनाइटेड मेडिसिटी के संचालकों ने कहा कि मरीजों की देखभाल के लिए अत्याधुनिक उपकरणों के साथ सैनिटाइजेशन, साफ-सफाई का समुचित व्यवस्था की गई है, जिससे मरीजों को दिक्कत न हो।