फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Court expressed displeasure over officers broadcasting videos of their actions

Prayagraj : अधिकारियों के अपने कार्यों के वीडियो प्रसारित करने पर कोर्ट ने जताई नाराजगी

Fri, 10 May 2024 05:21 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Fri, 10 May 2024 05:21 PM IST
सार

कानपुर निवासी आदर्श कुमार की याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति जेजे मुनीर ने सचिव कार्मिक से इस बारे में हलफनामा मांगा था। मगर सचिव कार्मिक की ओर से दाखिल हलफनामे में सरकारी सेवकों की नियमावली प्रस्तुत की गई। जिसपर कोर्ट ने असंतोष जताया। कहा कि यह अदालत कानून और सेवा नियमावली को भली भांति जानती है।

विज्ञापन
Court expressed displeasure over officers broadcasting videos of their actions
अदालत का फैसला। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सरकारी अधिकारियों की ओर से अपने कार्यों के वीडियो सोशल मीडिया और मीडिया के अन्य प्लेटफार्म पर प्रसारित करने के बढ़ते चलन पर नाराजगी जताई है। हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार को निर्देश दिया है कि वह अधिकारियों को ऐसे वीडियो जिसमें उनके कार्यों को दिखाया गया है, उन्हें चैनल, सोशल मीडिया या प्रिंट मीडिया में प्रसारित होने से रोकें। साथ ही कोर्ट ने अपर मुख्य सचिव कार्मिक को इन बातों को ध्यान में रखते हुए एक हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है।

विज्ञापन


कानपुर निवासी आदर्श कुमार की याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति जेजे मुनीर ने सचिव कार्मिक से इस बारे में हलफनामा मांगा था। मगर सचिव कार्मिक की ओर से दाखिल हलफनामे में सरकारी सेवकों की नियमावली प्रस्तुत की गई। जिसपर कोर्ट ने असंतोष जताया। कहा कि यह अदालत कानून और सेवा नियमावली को भली भांति जानती है।
विज्ञापन


कोर्ट ने कहा अदालत यह जानना चाहती है कि अधिकारी उनके लिए बने सेवा नियमों की अनदेखी कर मीडिया और सोशल मीडिया से मुखातिब होते हैं। नवनियुक्त सरकारी अधिकारियों को चाहे वह केंद्र के हो या राज्य के किस प्रकार से प्रशिक्षण दिया जाता है। ऐसे प्रशिक्षण का अधिकारियों पर बहुत सीमित प्रभाव पड़ता है। जब तक की फील्ड में काम के दौरान उनको उनकी जिम्मेदारियां के बारे में याद न दिलाया जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन


कोर्ट ने कहा कि इस अदालत ने इस बात का न्यायिक संज्ञान लिया है कि अक्सर जिला स्तर के अधिकारी अपने कार्यों की मीडिया कवरेज करते हैं और बाद में इसके वीडियो, वीडियो चैनलों , सोशल मीडिया, प्रिंट मीडिया आदि पर दिखावटी शीर्षक के साथ प्रसारित करते हैं। ऐसे में यह सरकार की जिम्मेदारी है कि वह अधिकारियों को ऐसे कार्य करने से रोके। कोर्ट ने अपर मुख्य सचिव कार्मिक को इस मामले में एक सप्ताह में बेहतर हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed