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Prayagraj : दंपती ने छत के पंखे से लटक कर दी जान, एक ही साड़ी के दो किनारों से लटका मिला शव
Tue, 20 Aug 2024 04:58 PM IST
विनोद सिंह
Prayagraj
Prayagraj
Published by: विनोद सिंह
Updated Tue, 20 Aug 2024 04:58 PM IST
सार
हंडिया थाना क्षेत्र के मुंगराव गांव में सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है यहां पर दंपति ने नव विवाहित दंपति ने एक ही साड़ी के दो किनारों से फंदा बनाकर छठ के पंखे से लटक कर जान दे दी घटना की जानकारी परिवार वालों को सुबह हुई तो हड़कंप मच गया सूचना पाकर विवाहिता के परिजन भी मौके पर पहुंच गए सहमति के आधार पर दोनों के शो का परिजनों ने अंतिम संस्कार कर दिया घटना की जानकारी पुलिस को नहीं दी गई।
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नेहा और रविंद्र। फाइल फोटो
- फोटो : संवाद
विस्तार
हंडिया थाना क्षेत्र के मुंगराव में सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है। नव विवाहित दंपती ने एक ही साड़ी के दो किनारों से फंदा बनाकर छत के पंखे से लटक कर जान दे दी। घटना की जानकारी परिवार वालों को सुबह हुई तो हड़कंप मच गया। सूचना पाकर विवाहिता के परिजन भी मौके पर पहुंच गए। सहमति के आधार पर दोनों के शवों का परिजनों ने अंतिम संस्कार कर दिया। घटना की जानकारी पुलिस को नहीं दी गई।
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मुंगराव गांव निवासी रविंद्र सिंह उर्फ विपिन (26) पुत्र जगत बहादुर सिंह की शादी नेहा सिंह (23) पुत्री भद्दर सिंह निवासी गांव रैपुरा तनरिया थाना मेजा के साथ करीब एक साल पहले हुई थी। रविंद्र सिंह वाराणसी में किसी प्राइवेट फाइनेंस कंपनी में नौकरी करते थे। रक्षाबंधन के लिए वह रविवार को गांव आए थे।
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नेहा के भाई लोग भी राखी बनवाने के लिए मुंगराव आए थे। त्योहार को सभी ने धूमधाम से मनाया। रविंद्र भी अपनी शादीशुदा बहनों से राखी बंधवाने के लिए उनके ससुराल गए थे। शाम को घर लौटने के बाद सावन का अंतिम सोमवार होने के चलते नेहा और रविंद्र ने एक साथ भगवान शिव की पूजा की। इसके बाद खाना पीना खाकर सोने के लिए चले गए।
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सुबह काफी देर तक सोकर नहीं उठे तो माँ श्यामा देवी ने दरवाजा खोला तो साड़ी के दोनों किनारों से रविंद्र और नेहा का शव लटक रहा था। साड़ी छत के पंखे से बांधा गया था। एक साथ बहू-बेटे की मौत से वृद्ध माता-पिता बदहवास हो गए। कुछ देर में गांव के लोग पहुंच गए। सूचना पाकर नेहा के मायके से लोग आ गए। सहमति के आधार पर दोनों के शव का अंतिम संस्कार स्थानीय गंगा घाट पर कर दिया गया।
घटना की जानकारी पुलिस को नहीं दी गई। रविंद्र का एक छोटा भाई अंकित सिंह है, जो मुंबई में किसी प्राइवेट कंपनी में नौकरी करता है। घटना को लेकर गांव के लोग भी स्तब्ध हैं। गांव के लोगों ने बताया कि रविंद्र सिंह बहुत ही मिलनसार और मृदुभाषी था। वह ऐसा कदम भी उठा सकता है, यह लोगों को विश्वास नहीं हो रहा है। परिवार भी संपन्न है और घर में किसी चीज की कोई कमी नहीं है। ऐसे में घटना को लेकर हर कोई आश्चर्यचकित है।