प्रयागराज : नगर निगम की बैठक में जलभराव को लेकर फूटा पार्षदों का गुस्सा, एक्सईएन के खिलाफ होगी कार्रवाई
प्रयागराज नगर निगम सदन की बैठक में बृहस्पतिवार को जमकर हंगामा हुआ। शहर में जलभराव और गंदगी को लेकर पार्षदों की नगर आयुक्त और महापौर से तीखी बहस हुई। पार्षदों ने गंगा प्रदूषण इकाई के अधिशासी अभियंता (एक्सईएन) के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
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सीवर सफाई में गड़बड़ी के मुद्दे को लेकर को लेकर बृहस्पतिवार को नगर निगम के सदन की कार्यवाही हंगामे के बीच शुरू हुई। पार्षदों ने गंगा प्रदूषण इकाई के खिलाफ नाराजगी जताते हुए कार्रवाई की मांग उठाई। महापौर गणेश केसरवानी ने अधिशासी अभियंता आशुतोष यादव के खिलाफ विभागीय कार्रवाई का संकल्प पारित कराते हुए रिपोर्ट शासन को भेजने को कहा। शहर में जल भराव की समस्या से परेशान पार्षदों का गुस्सा सदन की कार्यवाही शुरू होते ही अधिकारियों पर फूट पड़ा। पार्षद भोला तिवारी ने कहा कि सीवर लाइन को बिना किसी मानक के डाला गया है। पार्षद अनुपमा पांडेय ने कहा कि अल्लापुर में सीवर लाइन बेतरतीब तरीके से डाली गई है।
वरिष्ठ पार्षद शिव सेवक सिंह ने कहा कि सीवर लाइन चोक होने की वजह से 80 रोड व बाघम्बरी बक्शी बांध के पास रोड धंस गई। वहीं, पार्षद आशीष द्विवेदी व सिंटू मिश्रा ने कहा कि सीवर लाइन चोक होने की वजह से पूरा शहर जलभराव की समस्या का सामना कर रहा है। जिसके बाद सभी पार्षदों ने अधिशासी अभियंता के खिलाफ कार्रवाई के लिए संकल्प पारित करने का प्रस्ताव रखा। महापौर गणेश केसरवानी ने अधिशासी अभियंता पर विभागीय जांच कर कार्रवाई करने का संकल्प पारित कराया और रिपोर्ट शासन को भेजने को कहा।
कहां गए सीवर सफाई के पांच करोड़ रुपये
पार्षदों के भारी हंगामे के बीच नगर आयुक्त साई तेजा ने अधिशासी अभियंता आशुतोष यादव से पूछा कि सीवर सफाई के लिए कितना बजट पास हुआ है। आशुतोष यादव ने बताया कि पांच करोड़ रुपये का बजट पास हुआ है। ऐसे में नगर आयुक्त ने आशुतोष यादव को 24 घंटे के भीतर सीवर सफाई की समुचित रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा। नगर आयुक्त ने कहा कि एक हफ्ते में स्थलीय निरीक्षण किया जाएगा और गड़बड़ी सामने आने पर ठेकेदार के साथ अधिशासी अभियंता पर भी एफआईआर दर्ज की जाएगी।
नाला सफाई पर चुप्पी
जहां एक तरफ सीवर लाइन को लेकर पार्षद हंगामा करते रहे। वहीं, नाला सफाई पर पार्षदों की चुप्पी देखने को मिली। नालों की सफाई न होने की वजह से चौतरफा जलभराव हो गया। इनमें कई मोहल्ले ऐसे भी हैं जहां पर पहली बार जलभराव की स्थिति उत्पन्न हुई। सदन में मलाकराज के पार्षद आकाश सोनकर के अलावा कुछ पार्षदों ने ही नाला सफाई का मुद्दा उठाया।
रजिस्ट्री व दाखिल में बड़ी राहत, एक हजार रुपये विलंब शुल्क की व्यवस्था लागू
नगर निगम ने संपत्ति की रजिस्ट्री, दाखिल-खारिज व वरासत पर लगने वाले विलंब शुल्क में बड़ी राहत दी है। अब मासिक 500 रुपये के बजाय केवल एकमुश्त 1000 रुपये विलंब शुल्क लिया जाएगा। यह निर्णय पार्षदों की मांग को देखते हुए बृहस्पतिवार को नगर निगम के सदन में महापौर गणेश केसरवानी ने लिया।
इस फैसले से लगभग 15 से 20 हजार लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। यह नई व्यवस्था गाजियाबाद नगर निगम की तर्ज पर प्रयागराज में लागू की गई है। पहले संपत्ति खरीदने के बाद दाखिल-खारिज में देरी होने पर हर महीने 500 रुपये का अतिरिक्त शुल्क देना पड़ता था।
पार्षद कमलेश तिवारी, भोला तिवारी व ज्ञानेंद्र मिश्रा ने पिछली बैठक में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था। सदन में चर्चा के दौरान पार्षदों ने नगर निगम अधिकारियों पर मनमाना शुल्क लगाने का आरोप भी लगाया। चर्चा के बाद सदन ने एक हजार रुपये का एकमुश्त विलंब शुल्क निर्धारित करने के संकल्प को मंजूरी दे दी।
आम जनता पर वरासत व रजिस्ट्री में विलंब शुल्क अतिरिक्त बोझ पड़ रहा था। जनमानस व पार्षदों की तरफ से विलंब शुल्क को हटाने की मांग नियमित की जा रही थी। इसी को ध्यान में रखते हुए दाखिल-खारिज व रजिस्ट्री में एकमुश्त विलंब शुल्क की राहत लोगों को दी गई है। -गणेश केसरवानी, महापौर