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प्रयागराज : नहीं पता चल सका कि कहां से आया मृतक प्रदीप को चढ़ाया गया प्लेटलेट्स

Sat, 22 Oct 2022 12:01 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sat, 22 Oct 2022 12:01 AM IST
सार

मृतक के साले सौरभ त्रिपाठी का कहना है कि जिस बिल्डिंग में अस्पताल है, उसके ओनर के बेटे सतीश साहू ने यह प्लेटलेट्स दिलाया था। इसके आधार पर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ.नानक सरन ने सतीश साहू का बयान दर्ज करते हुए अस्पताल को सील कर दिया।

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Could not know from where did the platelets were offered to the deceased Pradeep
Prayagraj News : फर्जी प्लेटलेट्स की वायरल फोटो। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

फर्जी प्लेटलेट्स चढ़ाए जाने के कारण हुई डेंगू मरीज की मौत के तीन दिन बाद भी इसका जवाब किसी के पास नहीं है कि आखिर स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल का टैग लगी प्लेटलेट्स कहां से आई। मृतक के साले सौरभ त्रिपाठी का कहना है कि जिस बिल्डिंग में अस्पताल है, उसके ओनर के बेटे सतीश साहू ने यह प्लेटलेट्स दिलाया था। इसके आधार पर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ.नानक सरन ने सतीश साहू का बयान दर्ज करते हुए अस्पताल को सील कर दिया। लेकिन, अब भी यह पता नहीं है कि आखिर यह प्लेटलेट्स कहां से आई। झलवा के ग्लोबल एंड ट्रामा सेंटर के संचालक सौरभ मिश्रा का कहना है कि मरीज के परिजनों से आठ यूनिट प्लेटलेट्स की मांग की गई थी। 

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इसमें से तीन यूनिट का इंतजाम खुद परिजनों ने अपने डोनर से किया था। बाकी पांच यूनिट के लिए जिस इमारत में अस्पताल है, उसके मालिक पप्पू लाल साहू के बेटे सतीश साहू से मिले थे। सतीश उन्हें झलवा के रहने वाले मनोज साहू के पास ले गए। जहां पर मनोज ने परिजनों से पांच हजार रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से पांच यूनिट प्लेटलेट्स के लिए 25 हजार रुपये नकद मांगे।
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जब परिजनों ने कैश देने से मना किया तो किसी अमन साहू का क्यूआर कोड देकर कहा कि इस पर पैसे डाल दो। एमाउंट ट्रांसफर होने के बाद उन्हें मनोज साहू ने पांच यूनिट प्लेटलेट्स उपलब्ध कराए। इस पर स्वरूप रानी नेहरू अस्पताल का टैग लगा हुआ था। वहीं दूसरी ओर मृतक प्रदीप पांडे के साले सौरभ त्रिपाठी ने भी इस बात की पुष्टि की है। एक ओर जहां प्लेटलेट्स के मामले में स्वरूप रानी अस्पताल पहले ही कह चुका है कि प्लेटलेट्स उसके यहां का नहीं है, वहीं दूसरी ओर अब भी जांच टीम को यह पता नहीं चल सका है कि आखिर प्लेटलेट्स कहां से मंगाई गई।
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जांच टीम ने मृतक के गांव पहुंचकर लिया प्लेटलेट्स का सैंपल
ड्रग इंस्पेक्टर गोविंद गुप्ता, डिप्टी सीएमओ डॉ.सुनील कुमार व सिविल लाइंस थाने के सीओ एनएन सिंह शुक्रवार की शाम मृतक प्रदीप पांडे के बमरौली स्थित आवास पहुंचे। जहां से उन्होंने बचे हुए एक पैकेट प्लेटलेट्स को अपने कब्जे में लेते हुए जांच के लिए भेज दिया। मृतक प्रदीप पांडे के साले सौरभ त्रिपाठी का कहना है कि उन्हें एसीएम फर्स्ट ने फोन करके सीएमओ कार्यालय सैंपल देने के लिए बुलाया था। लेकिन, प्लेटलेट्स का पैकेट गांव में होने की वजह से वह नहीं पहुंचा सके। इसके बाद टीम उनके गांव पर प्लेटलेट्स लेने पहुंची।

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