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कॉशन मनी छोड़ी, पर हॉस्टल आवंटन पर गतिरोध बरकरार
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Tue, 18 Jul 2017 02:01 AM IST
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इलाहाबाद
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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छात्रों की मांग पर इलाहाबाद विश्वविद्यालय प्रशासन हॉस्टल आवंटन के लिए कॉशन मनी छोड़ने को तैयार हो गया है लेकिन अन्य मुद्दों पर गतिरोध बना हुआ है। इविवि प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि हॉस्टलों का आवंटन हर हाल में पाठ्यक्रमवार ही होगा। इस मसले पर सोमवार को छात्रों ने चीफ प्रॉक्टर और डीएसडब्ल्यू का घेराव भी किया लेकिन तीन घंटे चली वार्ता के बाद भी कोई हल नहीं निकला। छात्रों ने आंदोलन जारी रखने का निर्णय लिया है।
हॉस्टलों से वॉश आउट के बाद इविवि प्रशासन ने इस बार हॉस्टल आवंटन की प्रक्रिया बदल दी है। निर्णय लिया गया है कि हॉस्टलों का आवंटन पाठ्यक्रमवार किया जाएगा ताकि अवैध छात्र हॉस्टलों पर कब्जा न कर सकें और रैगिंग की घटना न हो। इन सबके बीच इविवि प्रशासन ने हॉस्टल की फीस भी बढ़ा दी है और कॉशन मनी को भी एक हजार से बढ़ाकर पांच हजार रुपये कर दिया है। इसके विरोध में सोमवार को छात्रसंघ अध्यक्ष रोहित मिश्र के नेतृत्व में बड़ी संख्या में डीएसडब्ल्यू कार्यालय पहुंचे गए। छात्रों ने वहां चीफ प्रॉक्टर प्रो. रामसेवक दुबे और डीएसडब्ल्यू प्रो. आरकेपी सिंह का घेराव शुरू कर दिया। वहां पुलिस और जिला प्रशासन के अफसर भी मौजूद थे। तकरीबन तीन घंटे तक वार्ता चली। इविवि प्रशासन कॉशन मनी न लेने पर तो राजी हो गया लेकिन अन्य मुद्दों पर सहमति नहीं बन सकी जबकि छात्रों की मांग थी कि हॉस्टल आवंटन की प्रक्रिया पूर्व की भांति रखी जाए ताकि हॉस्टलों की परंपरा बरकरार रहे।
छात्रों का कहना था कि हॉस्टलों में वैसे भी रैगिंग नहीं होती है। छात्र हॉस्टल में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। अगर आवंटन की प्रक्रिया बदली गई तो छात्रों का ही नुकसान होगा। इसके साथ ही छात्रों ने हॉस्टल फीस, बिजली बिल के मद में की गई वृद्धि वापस लेने की मांग की। छात्रों ने कहा कि हॉस्टल की फीसदी दोगुने से अधिक हो गई है। आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के लिए 15 हजार रुपये फीस भर पाना मुश्किल होगा। इन मुद्दों पर सहमति न बन पाने के कारण छात्रों ने आंदोलन जारी रखने का निर्णय लिया। वार्ता के दौरान अध्यक्ष समेत उपाध्यक्ष अदील हमजा, पूर्व उपाध्यक्ष विक्रांत सिंह, छात्र नेता आनंद कुमार सिंह, नीरज प्रताप सिंह, सूर्य प्रकाश मिश्र, अंशुल विद्यार्थी, अश्विनी मौर्य आदि मौजूद रहे।
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इलाहाबाद विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से कमिश्नर, डीएम एवं एसीसी को पत्र भेजकर शिकायत दर्ज कराई गई है डीएसडब्ल्यू कार्यालय में वार्ता के दौरान ब्लैक लिस्टेड किए गए छात्रों ने उपद्रव किया और अपशब्दों का प्रयोग किया। चीफ प्रॉक्टर प्रो. रामसेवक दुबे की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि ब्लैक लिस्टेड किए गए नीरज प्रताप सिंह, विक्रांत सिंह, आनंद कुमार सिंह, सूर्य प्रकाश मिश्र प्रतिबंध के बावजूद विश्वविद्यालय परिसर में आए और उपद्रव करने के साथ उन्होंने अपशब्दों का प्रयोग किया। चीफ प्रॉक्टर ने पुलिस और प्रशासन से विश्वविद्यालय में अनुशासन बनाए रखने के लिए सहयोग मांगा है।
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हॉस्टलों से वॉश आउट के बाद इविवि प्रशासन ने इस बार हॉस्टल आवंटन की प्रक्रिया बदल दी है। निर्णय लिया गया है कि हॉस्टलों का आवंटन पाठ्यक्रमवार किया जाएगा ताकि अवैध छात्र हॉस्टलों पर कब्जा न कर सकें और रैगिंग की घटना न हो। इन सबके बीच इविवि प्रशासन ने हॉस्टल की फीस भी बढ़ा दी है और कॉशन मनी को भी एक हजार से बढ़ाकर पांच हजार रुपये कर दिया है। इसके विरोध में सोमवार को छात्रसंघ अध्यक्ष रोहित मिश्र के नेतृत्व में बड़ी संख्या में डीएसडब्ल्यू कार्यालय पहुंचे गए। छात्रों ने वहां चीफ प्रॉक्टर प्रो. रामसेवक दुबे और डीएसडब्ल्यू प्रो. आरकेपी सिंह का घेराव शुरू कर दिया। वहां पुलिस और जिला प्रशासन के अफसर भी मौजूद थे। तकरीबन तीन घंटे तक वार्ता चली। इविवि प्रशासन कॉशन मनी न लेने पर तो राजी हो गया लेकिन अन्य मुद्दों पर सहमति नहीं बन सकी जबकि छात्रों की मांग थी कि हॉस्टल आवंटन की प्रक्रिया पूर्व की भांति रखी जाए ताकि हॉस्टलों की परंपरा बरकरार रहे।
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छात्रों का कहना था कि हॉस्टलों में वैसे भी रैगिंग नहीं होती है। छात्र हॉस्टल में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। अगर आवंटन की प्रक्रिया बदली गई तो छात्रों का ही नुकसान होगा। इसके साथ ही छात्रों ने हॉस्टल फीस, बिजली बिल के मद में की गई वृद्धि वापस लेने की मांग की। छात्रों ने कहा कि हॉस्टल की फीसदी दोगुने से अधिक हो गई है। आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के लिए 15 हजार रुपये फीस भर पाना मुश्किल होगा। इन मुद्दों पर सहमति न बन पाने के कारण छात्रों ने आंदोलन जारी रखने का निर्णय लिया। वार्ता के दौरान अध्यक्ष समेत उपाध्यक्ष अदील हमजा, पूर्व उपाध्यक्ष विक्रांत सिंह, छात्र नेता आनंद कुमार सिंह, नीरज प्रताप सिंह, सूर्य प्रकाश मिश्र, अंशुल विद्यार्थी, अश्विनी मौर्य आदि मौजूद रहे।
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इलाहाबाद विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से कमिश्नर, डीएम एवं एसीसी को पत्र भेजकर शिकायत दर्ज कराई गई है डीएसडब्ल्यू कार्यालय में वार्ता के दौरान ब्लैक लिस्टेड किए गए छात्रों ने उपद्रव किया और अपशब्दों का प्रयोग किया। चीफ प्रॉक्टर प्रो. रामसेवक दुबे की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि ब्लैक लिस्टेड किए गए नीरज प्रताप सिंह, विक्रांत सिंह, आनंद कुमार सिंह, सूर्य प्रकाश मिश्र प्रतिबंध के बावजूद विश्वविद्यालय परिसर में आए और उपद्रव करने के साथ उन्होंने अपशब्दों का प्रयोग किया। चीफ प्रॉक्टर ने पुलिस और प्रशासन से विश्वविद्यालय में अनुशासन बनाए रखने के लिए सहयोग मांगा है।