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Prayagraj: कॉल्विन में ट्रू नॉट मशीन से कोरोना जांच शुरू, रेलवे ने जांच शुरू करने की सीएमओ से मांगा अनुमति
Wed, 10 Jun 2020 01:49 AM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Wed, 10 Jun 2020 01:49 AM IST
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- फोटो : prayagraj
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कोरोना की जांच कॉल्विन और सेंट्रल रेलवे अस्पताल में हो सकेगी। लेकिन इन दोनों अस्पतालों में उन्हीं लोगों की जांच होगी जो वहां उपचार कराने के लिए गए हैं। अगर किसी को सर्जरी कराने की जरूरत है या फिर प्रसव कराना है। इस मशीन की खास बात यह है कि यह एक घंटे में रिपोर्ट दे देगी। उससे संक्रमण के खतरे का पता लग जाएगा। अगर पॉजिटिव रिपोर्ट आती है तो उसके अनुसार कदम उठाया जाएगा। अगर रिपोर्ट निगेटिव आई तो मरीज की सर्जरी या प्रसव या उनकी जरूरत के अनुसार उपचार हो सकेगा।
कॉल्विन अस्पताल के एसआईसी डॉ. वीके सिंह ने बताया कि उनके यहां जांच शुरू हो गई है। ट्रू नॉट मशीन से एक बार आठ नमूनों की जांच हो सकेगी। बताया कि उनके अस्पताल की ओपीडी सहित सारी सेवाएं बहाल हैं। लेकिन जांच में दिक्कत होने से सर्जरी नहीं हो पा रही थी लेकिन इस मशीन के आने के बाद अब सर्जरी कराने वाले मरीजों की आसानी से जांच हो सकेगी। रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद उसकी सर्जरी कर दी जाएगी।
उन्होंने बताया कि शासन ने प्रदेश के सभी जिला अस्पतालों में यह सेवा शुरू कराई है। इससे ज्यादा संख्या मेें तो नहीं लेकिन अस्पताल में संदिग्ध मरीजों में संक्रमण का खतरे का आसानी से पता चल सकेगा और आसानी से जांच हो सकेगी। उन्होंने बताया कि अब तक 15 लोगों की जांच भी की जा चुकी है। हालांकि कोई भी पॉजिटिव नहीं आया है।
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उधर, सेंट्रल रेलवे हॉस्पिटल में आने वाले मरीजों के लिए ट्रू नॉट मशीन से जांच की सेवा शुरू किए जाने की तैयारी कर ली गई है। अस्पताल में बॉयोसेफ्टी लैब स्थापित कर दिया गया है। सेंट्रल हॉस्पिटल के निदेशक डॉ. विनीत अग्रवाल की ओर से मुख्य चिकित्साधिकारी मेजर डॉ. जीएस बाजपेई को जांच शुरू करने की अनुमति के लिए पत्र लिखा गया है।
अनुमति मिलने के बाद रेलवे अस्पताल में सर्जरी या फिर अन्य रोगों के उपचार के लिए पहुंचने वाले मरीजों की कोरोना की जांच हो सकेगी। दोनों हॉस्पिटलों में केवल उन्हीें लोगों की कोरोना की जांच हो सकेगी जो वहां भर्ती होंगे। चिकित्सालय प्रशासन अपनी-अपनी लैब में कोरोना जांच कराकर रिपोर्ट के मुताबिक उपचार कर सकेंगे।
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कॉल्विन अस्पताल के एसआईसी डॉ. वीके सिंह ने बताया कि उनके यहां जांच शुरू हो गई है। ट्रू नॉट मशीन से एक बार आठ नमूनों की जांच हो सकेगी। बताया कि उनके अस्पताल की ओपीडी सहित सारी सेवाएं बहाल हैं। लेकिन जांच में दिक्कत होने से सर्जरी नहीं हो पा रही थी लेकिन इस मशीन के आने के बाद अब सर्जरी कराने वाले मरीजों की आसानी से जांच हो सकेगी। रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद उसकी सर्जरी कर दी जाएगी।
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उन्होंने बताया कि शासन ने प्रदेश के सभी जिला अस्पतालों में यह सेवा शुरू कराई है। इससे ज्यादा संख्या मेें तो नहीं लेकिन अस्पताल में संदिग्ध मरीजों में संक्रमण का खतरे का आसानी से पता चल सकेगा और आसानी से जांच हो सकेगी। उन्होंने बताया कि अब तक 15 लोगों की जांच भी की जा चुकी है। हालांकि कोई भी पॉजिटिव नहीं आया है।
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उधर, सेंट्रल रेलवे हॉस्पिटल में आने वाले मरीजों के लिए ट्रू नॉट मशीन से जांच की सेवा शुरू किए जाने की तैयारी कर ली गई है। अस्पताल में बॉयोसेफ्टी लैब स्थापित कर दिया गया है। सेंट्रल हॉस्पिटल के निदेशक डॉ. विनीत अग्रवाल की ओर से मुख्य चिकित्साधिकारी मेजर डॉ. जीएस बाजपेई को जांच शुरू करने की अनुमति के लिए पत्र लिखा गया है।
अनुमति मिलने के बाद रेलवे अस्पताल में सर्जरी या फिर अन्य रोगों के उपचार के लिए पहुंचने वाले मरीजों की कोरोना की जांच हो सकेगी। दोनों हॉस्पिटलों में केवल उन्हीें लोगों की कोरोना की जांच हो सकेगी जो वहां भर्ती होंगे। चिकित्सालय प्रशासन अपनी-अपनी लैब में कोरोना जांच कराकर रिपोर्ट के मुताबिक उपचार कर सकेंगे।