Corona News : गांवों में डेढ़ लाख घरों का हुआ सर्वे, 17 सौ मिले संक्रमित
- 4049 आशाओं की लगाई गई टीमों ने घर-घर जाकर चिह्नित किए मरीज
- पहले चरण का कार्य पूरा, आज से शुरू होगा दूसरे चरण का अभियान
विस्तार
ग्रामीण इलाकों में बढ़ रहे कोरोना संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से डेढ़ लाख घरों में कराए गए सर्वे में 17 सौ लोग संक्रमित मिले हैं। यह सर्वे पांच मई को शुरू किया गया था। पहले चरण का सर्वे पूरा हो चुका है, अब दूसरे चरण के सर्वे का कार्य मंगलवार से शुरू होगा।
ग्रामीण इलाकों में सर्वे का काम देख रहे एसीएमओ डॉ. बीएस सिंह ने बताया कि ग्रामीण इलाकों में कोरोना संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए आशाओं की 4094 टीमें लगाई गई थी। आशाओं को घर-घर जाकर जुकाम, बुखार, खांसी, डायरिया, शुगर, ब्लडप्रेशर सहित अन्य बीमारियों के लोगों को चिह्न्ति करना था। पांच दिनों तक चले अभियान में आशाओं की टीम 149987 घरों तक पहुंची और वहां से पांच हजार से अधिक संदिग्ध मरीजों को चिह्नित कर जांच कराने की सलाह दी गई। जांच कराने के लिए संदिग्ध मरीजों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर भेजा गया था। वहां उनकी एंटीजन जांच हुई। इनमें से 1700 संक्रमित मिले हैं।
एसीएमओ ने बताया कि ग्रामीण इलाकों में सर्वे अभियान का यह पहला चरण पूरा हो गया है, दूसरे चरण का काम काम मंगलवार यानी 11 अप्रैल से शुरू होगा। इसके लिए भी 4094 आशाओं की टीम लगाई जाएगी। इसमें पहले चरण में छूटे लोगों को चिह्नित किया जाएगा। साथ ही कुछ नए संदिग्ध मरीज होंगे तो वे भी चिह्नित किए जाएंगे। इससे संक्रमण के नियंत्रण में सहायता मिलेगी। जिले में यह अभियान मुख्यमंत्री के आदेश के बाद शुरू किया गया है।
वायरल समझकर की लापरवाही, हुई मौत
कोरोना की दूसरी लहर ग्रामीण इलाकों में दिल्ली, मुंबई, गुजरात जैसे बड़े शहरों से आने वाले लोगों की वजह से फैली है। बहुत से लोग संक्रमित हुए, लेकिन उन्होंने कोरोना की बजाय इसे वायरल फीवर समझा और उपचार न कराने की वजह से संक्रमित हो गए और इसमें से बहुत से लोगों की हालत गंभीर हुई तो वे अस्पताल पहुंचे, लेकिन ऑक्सीजन का स्तर गिरने से उनकी मौत हो गई। ऐसे लोगों की कोरोना की जांच न होने के कारण उन्हें संक्रमण की श्रेणी में भी नहीं रखा गया। कहीं-कहीं एक ही परिवार के दो से तीन लोगों की मौत हो गई।