कोरोना संक्रमण : बूस्टर डोज में प्रमाणपत्र का पेच, सिर्फ 1306 को सुरक्षा कवच
बढ़ते कोविड संक्रमण और ओमिक्रॉन के खतरे से बचाव के लिए बूस्टर डोज का सुरक्षा कवच पाने के लिए लोगों में खासा उत्साह रहा। केंद्रों पर बूस्टर डोज लगवाने बढ़ी संख्या में लोग पहुंचे भी, लेकिन पोर्टल की दिक्कतों के कारण बड़ी संख्या में लोगों को मायूस होकर लौटना पड़ा।
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विस्तार
कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए कोरोना टीके की बूस्टर डोज (प्रिकॉशन डोज) लगाने की शुरुआत सोमवार से हो गई। अभियान के पहले दिन 1306 फ्रंट लाइन वर्कर्स, स्वास्थ्य कर्मियों और साठ वर्ष से अधिक उम्र के बीमारों, बुजुर्गों को प्राथमिकता के आधार पर बूस्टर डोज दी गई। जबकि एक लाख से अधिक लोगों को बूस्टर डोज लगाई जानी है। केंद्रों पर पहुंचने वाले सैकड़ों लोग पूर्व में लगे दोनों टीके का प्रमाणपत्र पोर्टल पर अपलोड न होने के मायूस होकर लौटना पड़ा।
बढ़ते कोविड संक्रमण और ओमिक्रॉन के खतरे से बचाव के लिए बूस्टर डोज का सुरक्षा कवच पाने के लिए लोगों में खासा उत्साह रहा। केंद्रों पर बूस्टर डोज लगवाने बढ़ी संख्या में लोग पहुंचे भी, लेकिन पोर्टल की दिक्कतों के कारण बड़ी संख्या में लोगों को मायूस होकर लौटना पड़ा। सर्वाधिक परेशान पिछले वर्ष फरवरी और मार्च में कोरोना वैक्सीन की दूसरी डोज लगवाने वाले परेशान रहे। बताया गया कि पोर्टल पर उनका विवरण, प्रमाणपत्र अपलोड नहीं है।
केंद्रों से निराश होकर लौटे लोगों से पता चला कि अधिकतर लोगों में पिछले वर्ष फरवरी और मार्च में कोरोना टीके की दूसरी डोज लगवाई थी। उस वक्त पोर्टल संबंधी दिक्कतों के कारण स्वास्थ्य कर्मियों ने कागज पर विवरण दर्ज कर हाथ से लिखी पर्ची दी थी। इन्हीं लोगों के विवरण पोर्टल पर नहीं दिख रहे हैं।
वहीं अन्य केंद्रों के साथ मेडिकल कॉलेज केंद्र पर ही स्वास्थ्य कर्मियों को भी बिना बूस्टर डोज लगवाए वापस होना पड़ा। लाभार्थियों से कप्यूटराइज्ड सर्टिफिकेट मांगा गया। जिनके पास सर्टिफिकेट की पीडीएफ नहीं थी, उनसे मोबाइल नंबर या आधार नंबर के आधार पर पोर्टल विवरण खोजा गया जब टीका लगाए जाने की तस्दीक नहीं हुई तो लोगों को लौटाया गया। नोडल चिकि त्साधिकारी डॉ. उत्सव सिंह के मुताबिक सामान्य टीकाकरण के साथ बूस्टर डोज लगवाने बड़ी संख्या में लोग आए। इस केंद्र पर सर्वाधिक 312 लोगों को बूस्टर डोज लगाया गया।
चुनाव कार्मिकों को दिखाना होगा ड्यूटी कार्ड
स्वास्थ्य कर्मियों और फ्रंट लाइन वर्करों के साथ चुनाव ड्यूटी में लगे जिन प्रशासनिक कर्मचारियों को बूस्टर डोज लगाई जाएगी, उन्हें कोरोना के दोनों टीके लगाने का प्रमाणपत्र के साथ ड्यूटी कार्ड, आईडी कार्ड दिखाना होगा। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. तीरथलाल के मुताबिक चुनाव ड्यूटी में लगाए गए उन्हीं कर्मियों को बूस्टर डोज लगाई जाएगी, जिन्होंने दूसरे टीके और बूस्टर डोज के बीच के अंतराल को पूरा कर लिया है। नियम सभी पर लागू होंगे। ऐसा नहीं है कि चुनाव ड्यूटी लगी हो और अवधि पूरी नहीं है तो उन्हें बूस्टर डोज लगा दी जाएगी। कंप्यूटर पर दर्ज विवरण और कंप्यूटराइज्ड प्रमाणपत्र के आधार पर ही बूस्टर डोज लगाने के निर्देश का पालन किया जाएगा।
पोर्टल संबंधी दिक्कतों के लिए सीएमओ कार्यालय में करना होगा आवेदन
कोरोना टीके की बूस्टर डोज लगवाने में प्रमाणपत्र या पोर्टल संबंधी दिक्कत आ रही है तो परेशान होने की जरूरत नहीं है। इसके लिए संबंधिक व्यक्ति को सीएमओ कार्यालय में त्रुटि सुधार के लिए आवेदन करना होगा। पहला और दूसरा टीका लगाने की तिथि, मोबाइल नंबर, केंद्र और आधार नंबर देने पर पोर्टल पर विवरण, टीकाकरण प्रमाणपत्र अपडेट किया जाएगा। इसके लिए 15 दिन का समय निर्धारित है। इसके बाद ही बूस्टर डोज लगवाने की सुविधा मिलेगी।
ओमिक्रॉन के चलते 16 तक बंद हुए शहर के कोचिंग संस्थान
कोविड-19 के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन का संक्रमण लगातार बढ़ रहा है। इसकी रोकथाम के लिए शासन के निर्देश पर जिले के स्कूल कॉलेज 16 जनवरी तक के लिए बंद कर दिए गए हैं। डीआईओएस ने सभी कोचिंग संस्थानों को 16 जनवरी तक बंद करने का निर्देश दिया है। साथ ही कहा है कि सभी कोचिंग संचालक इस आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करेंगे।
मरीजों के लिए टेलीमेडिसिन सुविधा, हेल्पलाइन नंबर जारी
रेलवे के केंद्रीय चिकित्सालय ने कोविड संक्रमित मरीज जो होम आइसोलेशन में उनकी सुविधा के लिए चिकित्सीय परामर्श 24 घंटे देने का निर्णय लिया है। इसके लिए केंद्रीय चिकित्सालय की ओर से टेलीमेडिसिन सुविधा शुरू की गई है।
हेल्पलाइन नंबर 8957410803 पर कॉल कर होम आइसोलेशन में रह रहे मरीज अपनी समस्याओं का समाधान पा सकते हैं। रेलवे के प्रमुख मुख्य चिकित्सा निदेशक डॉ. आनंद टंडन ने बताया कि रेलवे के वरिष्ठ चिकित्सक लोगों को फोन पर उचित परामर्श देंगे। वहीं अस्पताल में डॉ. पीड़ितों की हर संभव मदद के लिए तैयार हैं। उत्तर मध्य रेलवे के महाप्रबंधक प्रमोद कुमार ने इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि सभी लोग कोविड प्रोटोकाल का पालन जरूर करें।
जंक्शन पर बिना मास्क इंट्री नहीं
रेलवे ने माघ मेले की तैयारियों को अंतिम रूप देने के साथ ही जंक्शन समेत सभी रेलवे स्टेशनों पर बिना मास्क यात्रियों को इंट्री नहीं दिए जाने का फरमान जारी किया है। इसके लिए सभी स्टेशनों के गेट पर दो टीमें भी लगाई जा रही हैं। यह व्यवस्था प्रयागराज छिवकी, नैनी स्टेशन पर भी लागू रहेगी।
इस बीच माघ मेले के प्रमुख स्नान पर्व पर आने वाली भीड़ और कोरोना संक्रमण की रफ्तार को देखते हुए रेलवे ने रिजर्वेशन करवाने वाले यात्रियों से आग्रह किया है कि वह एक घंटे पहले स्टेशन पहुंचे। एनसीआर प्रयागराज मंडल के पीआरओ अमित सिंह का कहना है कि मेला अवधि में भीड़ बढ़ने पर तमाम इंतजाम किए जा रहे हैं। ऐसे में यात्रियों को प्लेटफार्म पर पहुंचने में समय लग सकता है। इसलिए ट्रेनों में रिजर्वेशन कराने वाले यात्री घंटे भर पहले जंक्शन पहुंचे। मेला अवधि में अलग-अलग गेटों से यात्रियों को इंट्री देने की भी तैयारी है।
इस दौरान जंक्शन पर चार यात्री आश्रय स्थल से यात्रियों को प्रवेश दिया जाएगा। यहां प्रत्येक आश्रय स्थल की क्षमता 2500 यात्रियों की है। सभी आश्रय स्थल पर यात्री सुविधाओं का इंतजाम रहेगा। यहां पूछताछ काउंटर, ट्रेन टाइमिंग डिस्प्ले बोर्ड, उद्घोषणा प्रणाली, पीने के पानी, प्रकाश, शौचालय आदि की व्यवस्था रहेगी। साथ ही सभी प्लेटफार्म पर मेडिकल टीम भी तैनात रहेगी। दिव्यांग जन यात्रियों के लिए व्हील चेयर की व्यवस्था भी रहेगी। सुरक्षा की दृष्टि से सभी महत्वपूर्ण स्थानों पर आरपीएफ और जीआरपी के जवान तैनात रहेंगे।
छात्रों को तत्काल हॉस्टल छोड़ने के निर्देश
इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) ने तेजी से फैल रहे कोरोना संक्रमण के मद्देनजर छात्रों को तत्काल प्रभाव से हॉस्टल खाली कर अपने घर लौटने के निर्देश दिए हैं। इस फरमान के बाद हॉस्टलों में छात्रों के बीच अफरातफरी का माहौल है। डीएसडब्ल्यू प्रोफेसर केपी सिंह की ओर से सोमवार को जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार छात्रों ने अगर हॉस्टल खाली नहीं किए गए तो विश्वविद्यालय प्रशासन नियमानुसार कार्रवाई करेगा।
डीएसडब्ल्यू प्रो. केपी सिंह की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार प्रयागराज में कोरोना वायरस का सक्रमण तेजी से फैल रहा है। ऐसे में वैध तरीके से हॉस्टल में रहने वाले सभी छात्रों से कहा गया है कि वे तत्काल हास्टल खाली कर अपने मूलस्थान के लिए लौट जाएं। इसके अलावा हॉस्टलों में रह रहे अवैध (विश्वविद्यालय में प्रवेशहीन अथवा छात्रावासीय अवधि पूर्ण कर चुके) छात्रों से कहा गया है कि वह खुद ही हास्टल खाली कर दें। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर हास्टल खाली नहीं किया तो विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। ब्यूरो
71,402 लोगों का टीकाकरण कर प्रयागराज फिर रहा सूबे में प्रथम
जिले में सोमवार को एक बार फिर सर्वाधिक टीकाकरण किया गया। 71402 लोगों को कोविड वैक्सीन की डोज लगाकर प्रयागराज सूबे भर में फिर एक बार प्रथम स्थान पर रहा। सीएमओ डॉ. नानक सरन के मुताबिक जिले में सभी आयु वर्गों के साथ किशोरों, फ्रंट लाइन वर्करों, स्वास्थ्य कर्मियों के लिए अभियान चलाया गया। जिले में कुल 71402 लोगों का टीकाकरण किया गया। 52377 लोगों का टीकाकरण कराकर सीतापुर दूसरे स्थान पर रहा। तीसरे स्थान पर राजधानी लखनऊ का नाम रहा। जहां 51,038 लोगों को ही कोरोना वैक्सीन की डोज लगाई गई।
सीएमओ डॉ. सरन के मुताबिक जिले में 27,592 लोगों को टीके की पहली खुराक, 41,542 लोगों को दूसरी खुराक दी गई। वहीं 10,899 किशोरों का टीकाकरण किया गया। जिले में बूस्टर अभियान के तहत सिर्फ 1306 लोगों का टीकाकरण किया गया। हाईकोर्ट बार के संयुक्त सचिव प्रेस आशुतोष त्रिपाठी के मुताबिक बार के सभी सदस्यों के साथ उनके बच्चों का टीकाकरण टीवी टॉवर के निकट स्थित केंद्र पर सुबह दस से 3.30 बजे तक किया जाएगा। केंद्र पर अवधि और औपचारिकताएं पूरी करने वालों को बूस्टर डोज भी लगाई जाएगी।