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यूपी: बुखार और तेज सांसें देख निजी अस्पतालों ने कर दिया इनकार, इलाज के अभाव में किसान की मौत

Sat, 11 Apr 2020 12:31 PM IST
बरेली ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, बरेली
अमर उजाला नेटवर्क, बरेली Published by: बरेली ब्यूरो Updated Sat, 11 Apr 2020 12:31 PM IST
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Farmer died as he did not get treatment from hospitals due to corona virus symptoms
प्रतीकात्मक तस्वीर

कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप के बीच डॉक्टरों ने अदम्य साहस का परिचय दिया है, लेकिन देश के कई क्षेत्रों में अस्पतालों और चिकित्सकों का ऐसा चेहरा सामने आया है जिससे मानवता शर्मसार हो जाती है। ताजा मामला उत्तर प्रदेश का है जहां कोरोना के शक में डॉक्टरों ने मरीज का इलाज करने से इनकार कर दिया और नतीजा यह हुआ कि उपचार के अभाव में मरीज की मौत हो गई। 

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सुल्तानपुर गांव के एक व्यक्ति को बुखार था, साथ हा उसीकी सांसें भी तेज चल रही थीं। मरीज की यह हालत देखकर बेरली के कई निजी अस्पतालों ने कोरोना के शक में इलाज करने से इनकार कर दिया। 
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परिवार वाले जिला अस्पताल पहुंचे, जहां उसे भर्ती तो कर लिया गया, लेकिन बाद में हालत गंभीर होने की वजह से मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। मेडिकल कॉलेज पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो गई। सुल्तानपुर गांव में रहने वाले 48 वर्षीय किसान को गुरुवार रात में बुखार आया और उनकी सांस तेज चलने लगी। 
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परिवार वाले उन्हें लेकर बरेली आए। परिवार वालों का आरोप है कि वे मरीज को शहर में कई निजी अस्पतालों में ले गए लेकिन कोरोना के शक में भर्ती करना तो दूर, उनका इलाज तक नहीं किया। उन्हें सीधे जिला अस्पताल ले जाने को कह दिया गया। 

जिला अस्पताल में डॉक्टरों ने राजेंद्र को भर्ती कर लिया मगर शुक्रवार को उन्हें मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। रास्ते में ही राजेंद्र की मौत हो गई। परिवार का कहना है कि कई घंटे निजी अस्पताल के चक्कर काटने में ही लग गए। अगर समय से इलाज मिल गया होता तो उनकी जान बच गई होती।


वहीं एसपी देहात डॉ. संसार सिंह ने कहा कि इस तरह का कोई मामला उनके संज्ञान में नहीं आया है। अगर आरोपों में दम है और पीड़ित पक्ष के पास कोई प्रमाण है तो लिखित शिकायत करें। जांच के बाद दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी। 

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