{"_id":"5dfa7e458ebc3e87a0234c61","slug":"contempt-warning-to-ssp-noida-allahabad-news-ald2633612123","type":"story","status":"publish","title_hn":"एसएसपी नोएडा को अवमानना की चेतावनी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एसएसपी नोएडा को अवमानना की चेतावनी
विज्ञापन
Contempt warning to SSP Noida
प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एसएसपी नोएडा को निर्देश दिया कि वह दो माह में इंस्पेक्टर मनोज कुमार पंत के मामले में पारित कोर्ट के आदेश का पालन करें वरना उनके खिलाफ अदालत अवमानना की कार्रवाई करेगी। मनोज पंत की अवमानना याचिका यह आदेश न्यायमूर्ति सुनीत कुमार ने दिया है।
याची इंस्पेक्टर का कहना है कि एसएसपी नोएडा हाईकोर्ट के 24 अक्तूबर के आदेश का पालन नहीं कर रहे हैं। हाईकोर्ट ने कहा था कि इंस्पेक्टर के खिलाफ चल रही विभागीय जांच के दौरान उसे नोएडा में ही तैनात रखने पर एसएसपी निर्णय लें। याचिका के अनुसार याची को निलंबित कर दिया गया था। हाईकोर्ट ने उसकी याचिका यह कहकर निस्तारित कर दी थी कि चूंकि निलंबन आदेश अधिकारी ने वापस ले लिया है, इस कारण याचिका को कुछ निर्देश के साथ निस्तारित किया जाता है।
आरोप है कि हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी अधिकारियों ने याची की नोएडा में पोस्टिंग को लेकर आज तक कोई निर्णय नहीं लिया है। बल्कि, उसका गोरखपुर जोन में तबादला कर दिया गया है। हाईकोर्ट ने अवमानना याचिका पर एसएसपी नोएडा को दो माह का समय हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन का दिया है। इस अवमानना याचिका में एडीजीए पीयूष आनंद के साथ-साथ एसएसपी नोएडा को भी पक्षकार बनाया गया था। एसएसपी पर जानबूझकर कर कोर्ट के आदेश का अनुपालन न करने का आरोप लगाया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
याची इंस्पेक्टर का कहना है कि एसएसपी नोएडा हाईकोर्ट के 24 अक्तूबर के आदेश का पालन नहीं कर रहे हैं। हाईकोर्ट ने कहा था कि इंस्पेक्टर के खिलाफ चल रही विभागीय जांच के दौरान उसे नोएडा में ही तैनात रखने पर एसएसपी निर्णय लें। याचिका के अनुसार याची को निलंबित कर दिया गया था। हाईकोर्ट ने उसकी याचिका यह कहकर निस्तारित कर दी थी कि चूंकि निलंबन आदेश अधिकारी ने वापस ले लिया है, इस कारण याचिका को कुछ निर्देश के साथ निस्तारित किया जाता है।
विज्ञापन
आरोप है कि हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी अधिकारियों ने याची की नोएडा में पोस्टिंग को लेकर आज तक कोई निर्णय नहीं लिया है। बल्कि, उसका गोरखपुर जोन में तबादला कर दिया गया है। हाईकोर्ट ने अवमानना याचिका पर एसएसपी नोएडा को दो माह का समय हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन का दिया है। इस अवमानना याचिका में एडीजीए पीयूष आनंद के साथ-साथ एसएसपी नोएडा को भी पक्षकार बनाया गया था। एसएसपी पर जानबूझकर कर कोर्ट के आदेश का अनुपालन न करने का आरोप लगाया गया है।
विज्ञापन