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Prayagraj News: अदालतों में हड़ताल व न्यायिक कार्य से विरत रहने पर होगी अवमानना कार्यवाही

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 13 Sep 2024 03:25 AM IST
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Contempt action will be taken against strike in courts and abstaining from judicial work.
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने वकीलों के निधन पर न्यायिक कार्य से विरत रहने की प्रथा पर लगाम लगाने की कार्रवाई शुरू कर दी है। हाईकोर्ट के महानिबंधक राजीव भारती ने सभी जिला जजों को विस्तृत दिशानिर्देश जारी कर पत्र भेजा है।
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कहा कि शोक में न्यायिक कार्य से विरत रहने, हड़ताल करने और हड़ताल का आवाहन करने वालों के विरुद्ध अवमानना की कार्यवाही की जाएगा। सभी जिला जजों को हड़ताल और न्यायिक कार्य से विरत रहने की नियमित जानकारी हाईकोर्ट को भेजनी होगी। महानिबंधक ने यह दिशानिर्देश न्यायमूर्ति अश्वनी कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति डॉ.गौतम चौधरी की खंडपीठ की ओर से हड़ताल के खिलाफ दर्ज स्वत: संज्ञान याचिका में पारित आदेश के अनुपालन में जारी किया है।
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दिशानिर्देश के मुताबिक यदि कोई अधिवक्ता व्यक्तिगत रूप से या वकीलों का कोई भी संगठन हड़ताल पर जाता है, आवाहन करता है या किसी के निधन पर शोक के नाम पर न्यायिक कार्य से विरत रहता है तो इस कृत्य को प्रथम दृष्टया आपराधिक अवमानना का कृत्य माना जाएगा। ऐसा करने वाले अधिवक्ता, संगठन व बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों के नाम को उल्लिखित करते हुए उनके विरुद्ध नियमानुसार फौजदारी अवमानना की कार्रवाई शुरू करने के लिए महानिबंधक को पत्र प्रेषित किया जाएगा। हालांकि, न्यायालय के अधिवक्ता, अधिकारी, कर्मचारी व उनके संबंधियों की मृत्यु पर शोकसभा का आयोजन किया जा सकेगा।
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