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कांस्टेबल भर्ती 2018: एक सवाल का उत्तर बदलने के खिलाफ याचिका दाखिल
Thu, 27 Aug 2020 08:26 PM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Thu, 27 Aug 2020 08:26 PM IST
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इलाहाबाद हाईकोर्ट
पुलिस और पीएसी कांस्टेबल भर्ती परीक्षा में दो आंसर-की जारी होने के बाद तीसरी आंसर-की जारी कर एक सवाल का जवाब बदल देने के खिलाफ तमाम अभ्यर्थी हाईकोर्ट पहुंच गए हैं।
याचिका दाखिल कर कहा गया कि बिना किसी सूचना के प्रश्न का उत्तर बदल देने से अभ्यर्थियों को नुकसान हुआ और वह चयन से बाहर हो गए हैं। हरिशंकर सिंह और अन्य की याचिका पर सुनवाई कर रहे न्यायमूर्ति विवेक अग्रवाल ने इस मामले में जवाब मांगा है।
याचीगण के अधिवक्ता सीमांत सिंह का कहना था कि नागरिक पुलिस में 31 हजार 307 और पीएसी में 18 हजार 208 कांस्टेबलों के चयन हेतु विज्ञापन 16 नवंबर 2018 को जारी हुआ था। याचीगण लिखित परीक्षा और उसके बाद अन्य सभी चरणों की परीक्षाओं में सफल रहे थे।
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लिखित परीक्षा के बाद चार फरवरी 2019 को पहली आंसर-की जारी कर आपत्तियां मांगी गईं। इसके बाद 12 मार्च 2019 को फाइनल आंसर-की जारी कर दी गई। इसके हिसाब से याचीगण लिखित परीक्षा में सफल थे। इसके बाद 18 नवंबर 2019 को भर्ती बोर्ड ने बिना कोई नोटिस दिए तीसरी आंसर-की जारी कर दी।
इसमें एक प्रश्न संख्या 58 का उत्तर बदल दिया गया और दो मार्च 2020 को अंतिम परिणाम जारी कर दिया गया। याची का कहना था कि एक प्रश्न का उत्तर बदलने से उसके 2.5 अंक कम हो गए। इतने ही अंकों से वह चयन से बाहर हो गया। यदि इस प्रश्न का उत्तर न बदला जाता तो वह चयन सूची में शामिल होगा। कोर्ट ने इस मामले में जवाब तलब किया है।
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याचिका दाखिल कर कहा गया कि बिना किसी सूचना के प्रश्न का उत्तर बदल देने से अभ्यर्थियों को नुकसान हुआ और वह चयन से बाहर हो गए हैं। हरिशंकर सिंह और अन्य की याचिका पर सुनवाई कर रहे न्यायमूर्ति विवेक अग्रवाल ने इस मामले में जवाब मांगा है।
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याचीगण के अधिवक्ता सीमांत सिंह का कहना था कि नागरिक पुलिस में 31 हजार 307 और पीएसी में 18 हजार 208 कांस्टेबलों के चयन हेतु विज्ञापन 16 नवंबर 2018 को जारी हुआ था। याचीगण लिखित परीक्षा और उसके बाद अन्य सभी चरणों की परीक्षाओं में सफल रहे थे।
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लिखित परीक्षा के बाद चार फरवरी 2019 को पहली आंसर-की जारी कर आपत्तियां मांगी गईं। इसके बाद 12 मार्च 2019 को फाइनल आंसर-की जारी कर दी गई। इसके हिसाब से याचीगण लिखित परीक्षा में सफल थे। इसके बाद 18 नवंबर 2019 को भर्ती बोर्ड ने बिना कोई नोटिस दिए तीसरी आंसर-की जारी कर दी।
इसमें एक प्रश्न संख्या 58 का उत्तर बदल दिया गया और दो मार्च 2020 को अंतिम परिणाम जारी कर दिया गया। याची का कहना था कि एक प्रश्न का उत्तर बदलने से उसके 2.5 अंक कम हो गए। इतने ही अंकों से वह चयन से बाहर हो गया। यदि इस प्रश्न का उत्तर न बदला जाता तो वह चयन सूची में शामिल होगा। कोर्ट ने इस मामले में जवाब तलब किया है।