फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Conspiracy to destroy minority institute

अल्पसंख्यक संस्थान को नष्ट करने का षड्यंत्र

Tue, 05 Sep 2017 02:08 AM IST
अमर उजाला/इलाहाबाद
अमर उजाला/इलाहाबाद Updated Tue, 05 Sep 2017 02:08 AM IST
विज्ञापन
शुआट्स के कार्यवाहक कुलसचिव डा. नाहर सिंह ने कहा है कि इस घोटाले में शुआट्स के अफसरों को षड्यंत्र के तहत राजनीतिक दबाव में पुलिस फंसा रही है। उन्हें जेल भेजकर इस अल्पसंख्यक संस्था की छवि को धूमिल करने की कोशिश की जा रही है। पत्रकारों से वार्ता करते हुए कुलसचिव ने कहा कि विवि के अधिकारी एक्सिस बैंक में 23.92 करोड़ के गबन की जांच में पूरा सहयोग कर रहे हैं। इसके बावजूद रजिस्ट्रार प्रोफेसर रॉबिन एल प्रसाद सहित कई अधिकारियों को गलत तरीके से पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। इनके बारे मे झूठी अफवाह फैलाई गई कि वह भागने वाले थे। जबकि कुलसचिव का गबन से कोई लेना देना नहीं है। इनका आरोप है कि शहर में कुछ लोग ब्लैकमेल करना चाहते हैं। उन्हीं के इशारे पर शुआट्स के अफसरों को फंसाया जा रहा है। जबकि गबन के लेखाधिकारी राजेश कुमार और बैंक अधिकारी कमाल अहसान ने गबन स्वीकार कर लिया है।
विज्ञापन


शुआट्स के कार्यवाहक कुलसचिव ने कहा कि एक्सिस बैंक में शुआट्स के 23.92 करोड़ का गबन 317 चेक का उल्लेख करके किया गया था। जबकि अधिकांश चेक विवि के पास मूल रूप से उपलब्ध हैं। इस बैंक में विवि के तीन में से एक एकाउंट से तो बिना दस्तावेज के 9.90 लाख रुपये निकाल लिए गए। बैंक ने चेक बुक सीरीज 243044 पांच सितंबर 2014 को जारी की थी लेकिन इस सीरिज के चेक से 14 जुलाई 2014 यानी कि पौने दो महीने पहले ही ए. हक के नाम 18,54,117 रुपये का भुगतान कर दिया गया।
विज्ञापन


इसी तरह चेक सीरीज 243139 की चेक बुक पांच सितंबर 2014 को दी गई लेकिन उसका भुगतान 24 जुलाई 2014 को कर दिया गया। एक अन्य चेक बुक की सीरीज 243139 की चेकबुक नौ सितंबर को ुिववि को दी गई लेकिन उसका भुगतान 6,04,230 रुपये योर सेल्फ के नाम से 24 जुलाई 2014 को बैंक ने भुगतान कर दिया गया। कुलसचिव ने बैंक स्टेटमेंट प्रस्तुत करते हुए कहा कि खाता नं 15428 में 31 मार्च 2011 को क्लोजिंग बैलेंस 12,38,95,405 रुपये निगेटिव में था लेकिन बिना किसी ट्रांजेक्शन के एक अप्रैल 2011 को क्लोजिंग बैलेंस 2,31,54,784 रुपये दिखा दिया गया। प्रेस वार्ता के दौरान अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के पदाधिकारी अभय गोस्वामी सहित कई लोगों ने पहुंचकर हंगामा काटा और आरोप प्रत्यारोप लगाए।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed