महज 10 दिन के भीतर दूसरी बार प्रयागराज आईं कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी बाड्रा ने रविवार को बसवार गांव में पुलिस उत्पीड़न के शिकार मछुआरों की पीड़ा सुनीं। प्रियंका गांधी से रो-रोकर मछुआरों की महिलाएं बोलीं कि पुलिस ने घर में घुसकर औरतों बच्चों को भी पीटा और घरों में लगा दी। जेसीबी से उनकी नावों को तोड़ दिया। इससे उनके परिवार के समक्ष रोजी-रोटी की समस्या खड़ी हो गई है। पुलिस के डर से पुरुष सदस्यों के भाग जाने के कारण वह दाने-दाने के मोहताज हो गई हैं। घरों में चूल्हे नहीं जल रहे हैं। पुलिस उनके परिवार के पुरुषों को खोज रही है।
प्रियंका गांधी से रो-रोकर बोलीं महिलाएं- पुलिस ने घर में घुसकर औरतों बच्चों को भी पीटा, घर में लगा दी आग
गरीबों के लिए नहीं, माफिया-अरबपतियों के लिए चलाई जा रही सरकार: प्रियंका गांधी
टूटे,उखड़े रास्तों से होकर बसवार गांव में यमुना किनारे मछुआरों से मिलने दिन के करीब 12:30 बजे पहुंची प्रियंका गांधी ने कहा कि वह उनकेदुख को समझने आई हैं। प्रियंका ने मछुआरों के बीच अपनी पिछले वर्ष की गंगा यात्रा का जिक्र भी किया। कहा कि तब कुछ लोगों के जरिए उनको पता चला था कि गंगा-यमुना के किनारे रहने वाले मछुआरे कैसे जीवन जीते हैं। नदियों के किनारे और जंगल में रहने वाले पर्यावरण को क्षति नहीं पहुंचाते। इसलिए कि उसी जंगल और नदियों से उनका जीवन जुड़ा होता है। लेकिन, उद्योगपति ऐसा नहीं सोचते। वह अंधाधुंध खनिज संपदा का दोहन करते हैं और पर्यावरण को क्षति पहुंचाते हैं।
प्रियंका गांधी ने किसी का नाम लिए बिना सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि किसान आंदोलन के साथ क्या हो रहा है,देशवासियों से छिपा नहीं है। गरीबों, किसानों की समस्याओं को यह सरकार नहीं समझ रही है। अरबपतियों, उद्योगपतियों के फायदे के लिए ही कानून बनाए जा रहे हैं। उन्होंने बसवार गांव में बालू परिवहन पर आश्रित मछुआरा परिवारों के जख्मों पर मरहम लगाने की कोशिश की। बालू की ढुलाई कर जीविका चलाने वाली महिलाओं, बच्चों और चरवाहों की पिटाई को उन्होंने शर्मनाक करार दिया।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि इस मुद्दे को संसद से सड़क तक उठाएंगे। मछुआरों की लड़ाई लड़ने और न्याय दिलाने में हर संभव मदद का उन्होंने भरोसा दिलाया। कहा कि उनकी सरकार आई तो वह फिर से नदी तट पर पारंपरिक पट्टा वापस दिलाने, पुश्तैनी धंधों को चालू कराने के लिए कदम उठाएंगी। इस मौके पर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू, पूर्व मंत्री प्रमोद तिवारी और कांग्रेस विधानमंडल दल की नेता आराधना मिश्रा मोना मौजूद थीं।
यह कहने आई हूं कि साथ खड़ी हूं
भीड़ की धक्कामुक्की के बीच रविवार को प्रियंका गांधी से जब अचानक बसवार गांव की पगडंडयिों पर चलने की वजह पूछी गई तब, उनका कहना था कि सिर्फ यह बताने आई हूं कि गरीबों-मछुआरों के साथ खड़ी हूं। न्याय दिलाने के लिए पूरी मदद की जाएगी। उन्होंने कहा कि वह इसके लिए सुप्रीम कोर्ट तक के न्यायविदों से राय लेंगी। प्रियंका ने कहा कि वह एनजीटी की ओर से यमुना तट पर बालू खनन-परिवहन पर लगी रोक हटाने के लिए कपिल सिब्बल, अभिषेक मनु सिंघवी जैने वरिष्ठ अधिवक्ताओं से भी सलाह लेंगी, ताकि न्याय दिलाने में मदद की जा सके।
प्रियंका गांधी के प्रयागराज दौरे का वीडियो कांग्रेस ने अपने आफिशियल ट्रिवटर हैंडल पर भी साझा किया-
नाव तोड़ने के मुद्दे को हम उठाएंगे, लड़ाई लड़ेंगे।
— Congress (@INCIndia) February 21, 2021
जब नेता ये भूल जाता है कि उसको सत्ता किसने दी है, तो वो भटकने लगता है : श्रीमती @priyankagandhi #निषादों_संग_प्रियंका_गांधी pic.twitter.com/FVWNqE3gQO