15 दिनों के लिए पदमुक्त: विवादित पोस्टर के मामले में कांग्रेस नेता ईरशाद उल्लाह पार्टी से निष्कासित
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कांग्रेस की रष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी के साथ सांसद वरुण गांधी का पोस्टर सोशल मीडिया पर वायरल कर वरुण के कांग्रेस में स्वागत करने संबंधी मामले में कांग्रेस कमेटी ने सख्ती दिखाते हुए ईरशाद उल्लाह को पार्टी से 15 दिनों के लिए निष्कासित कर दिया है। कांग्रेस की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि चूंकि ईरशाद उल्लाह ने पार्टी की आपत्ति के बाद क्षमा मांग ली थी इसलिए सख्त कार्रवाई नहीं की गई है और मात्र 15 दिनों के लिए उन्हें सभी पदों से मुक्त कर दिया गया है।
कांग्रेस के नगर अध्यक्ष नफीस अनवर ने जारी बयान में कहा कि शहर कांग्रेस कमेटी के सचिव इरशाद उल्ला द्वारा सोशल मीडिया पर कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी जी के साथ बीजेपी सांसद वरुण गांधी की तस्वीर लगाकर उनको कांग्रेस में शामिल करने का जिक्र किया गया। इरशाद उल्ला द्वारा किए गए इस कार्य से पार्टी के प्रति दुष्प्रचार किया गया तथा लोगों में भ्रामक प्रचार हुआ।
इस प्रकरण पर उनको नोटिस जारी कर 24 घंटे के अंदर जवाब मांगा गया था। उन्होंने अपनी गलती स्वीकार करते हुए पार्टी के शीर्ष नेताओं से लिखित माफी भी मांगी। क्योंकि इस तरह का दुष्प्रचार इरशाद उल्ला द्वारा कई बार किया गया है, इसलिये इनको शहर कांग्रेस कमेटी के विभिन्न पदों से 15 दिनों के लिए पदमुक्त करने का निर्णय लिया गया, ताकि वो वह भविष्य में इस तरह की गलती की पुनरावृत्ति न करें।
क्या था मामला
मंगलवार को कांग्रेस महानगर सचिव इरशाद उल्ला ने एक पोस्टर वायरल किया। इसमें पीलीभीत के भाजपा सांसद वरुण गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की तस्वीरें लगी हैं। इस पोस्टर के नीचे इरशाद और पार्टी नेता अभय अवस्थी की भी तस्वीरें हैं। इस पोस्टर में लिखा है कि दुख भरे दिन बीते रे भइया, अब सुख आयो रे...।
प्रयागराज से इस पोस्टर को जारी किए जाने के बाद तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं थीं। इस पोस्टर पर विपक्षी दल के नेताओं ने जहां चुटकी लेनी शुरू कर दी, वहीं कांग्रेस नेतृत्व ने इसे गंभीरता से लिया। प्रदेश कमेटी ने शहर कांग्रेस अध्यक्ष नफीस अनवर से इस प्रकरण की जानकारी ली। नफीस ने इस मामले में पोस्टर जारी करने वाले इरशाद उल्ला को कारण बताओ नोटिस जारी कर 24 घंटे भीतर जवाब तलब किया था। इसके बाद ईरशाद उल्लाह ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट डालकर अपने कृत्य के लिए क्षमा याचना की और भविष्य में इस तरह की गलती दुबारा नहीं करने की बात कही थी।