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षड्यंत्र और धोखाधड़ी के आरोपी की सशर्त जमानत मंजूर
Fri, 30 Jul 2021 08:28 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Fri, 30 Jul 2021 08:28 PM IST
सार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने षड्यंत्र धोखाधड़ी के आरोपी तिलखांड, कानपुर नगर के विवेक तिवारी की सशर्त जमानत मंजूर कर ली है। उन्हें व्यक्तिगत मुचलके व दो प्रतिभूतियों पर रिहा करने का निर्देश दिया है।
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अदालत
- फोटो : file
विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने षड्यंत्र धोखाधड़ी के आरोपी तिलखांड, कानपुर नगर के विवेक तिवारी की सशर्त जमानत मंजूर कर ली है। उन्हें व्यक्तिगत मुचलके व दो प्रतिभूतियों पर रिहा करने का निर्देश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति अली जामिन ने दिया है।
मामले के अनुसार मेसर्स बायोमास रिसर्च एंड टेक्निकल सोल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के प्रोपराइटर सुमित अवस्थी व रामवती अवस्थी ने इसी नाम से फर्म खोली और कंपनी का पैसा हजम कर गए। सुमित अवस्थी के खिलाफ 34 व रामवती अवस्थी के खिलाफ 25 आपराधिक मामले दर्ज हैं। एक केस के अलावा सभी में जमानत पर रिहा है। इस केस में सुमित,रामवती व ऋषिनाथ अवस्थी की जमानत हो चुकी है। याची सुमित का साला है।19 जुलाई 2016 से जेल में बंद है।
याची के अधिवक्ता का कहना था कि सह अभियुक्तों को जमानत मिली है, इसलिए उसे भी जमानत पर रिहा किया जाए। सरकारी वकील का कहना था कि याची पर हत्या का भी केस है। इसके खिलाफ 21 केस दर्ज हैं। इसलिए अर्जी खारिज की जाए। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने लंबे समय से जेल की अवधि को देखते हुए सशर्त जमानत मंजूर कर ली है।
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मामले के अनुसार मेसर्स बायोमास रिसर्च एंड टेक्निकल सोल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के प्रोपराइटर सुमित अवस्थी व रामवती अवस्थी ने इसी नाम से फर्म खोली और कंपनी का पैसा हजम कर गए। सुमित अवस्थी के खिलाफ 34 व रामवती अवस्थी के खिलाफ 25 आपराधिक मामले दर्ज हैं। एक केस के अलावा सभी में जमानत पर रिहा है। इस केस में सुमित,रामवती व ऋषिनाथ अवस्थी की जमानत हो चुकी है। याची सुमित का साला है।19 जुलाई 2016 से जेल में बंद है।
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याची के अधिवक्ता का कहना था कि सह अभियुक्तों को जमानत मिली है, इसलिए उसे भी जमानत पर रिहा किया जाए। सरकारी वकील का कहना था कि याची पर हत्या का भी केस है। इसके खिलाफ 21 केस दर्ज हैं। इसलिए अर्जी खारिज की जाए। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने लंबे समय से जेल की अवधि को देखते हुए सशर्त जमानत मंजूर कर ली है।
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