इलाहाबाद विवि में अनशनकारियों की हालत बिगड़ी, अस्पताल में कराया गया भर्ती
आमरण अनशन विगत 3 दिनों से निम्नलिखित मांगों पर चल रहा है-:
१:- सभी छात्रों को छात्रावास में प्रवेश दिया जाए
२:- नीट और जेईई परीक्षा को स्थगित किया जाए
३:- सभी विद्यार्थियों को एक साथ प्रमोट किया जाए
४:- सभी छात्रों की एक सत्र की फीस माफ की जाए
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इलाहाबाद विश्वविद्यालय में विभिन्न मांगों को लेकर अनशन पर बैठे अनशनकारी छात्रों की हालत रविवार को बिगड़ गई। सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने एंबुलेंस के माध्यम से अनशनकारी छात्रों को अस्पताल भेजवाया। इस घटना को लेकर छात्रों में और आक्रोश व्याप्त हो गया है। कई और संगठनों ने छात्रों के आंदोलन का समर्थन दिया है।
परिसर में विगत 11 दिनों से चलाए जा रहे "छात्र सत्याग्रह" जो विगत 3 दिनों से आमरण अनशन का रूप ले चुका है में सम्मिलित छात्रों को अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव श्री बाजीराव खांडे़ ने समर्थन दिया और आंदोलन को प्रदेश स्तरीय बनाने की बात कही। शाम होते होते एक अनशनकारी की तबियत खराब होने पर छात्र नेताओं को भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचकर सीओ कर्नलगंज के नेतृत्व में थाना प्रभारी द्वारा एम्ब्यूलेंस से गिरफ्तार कर लिया गया गिरफ्तार किए गए लोगों में मुख्यत: आमरण अनशन पर बैठे इविवि उपाध्यक्ष अभिषेक द्विवेदी रहे ।।
गिरफ्तारी की निंदा करते हुए एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष निवर्तमान इविवि छात्र संघ उपाध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि विवि प्रशासन एक निरंकुश और तानाशाही रवैया अपना रहा है यह पूर्णतया छात्र विरोधी है ।। एनएसयूआई इविवि के प्रभारी एवं राष्ट्रीय समन्वयक ने पं. जितेश मिश्रा ने कहा कि गिरफ्तार किए गए साथियों को तत्काल रिहा किया जाए उनका मेडिकल चेकअप कराया जाए तथा इविवि प्रशासन अनशन कारियों की बात को सुनें ।
एनएसयूआई के प्रदेश महासचिव अक्षय यादव क्रांतिवीर ने कहा कि छात्रों की मांग को मानते हुए इविवि अपना हठ छोड़ दें और छात्रों की रक्षा करें ।।
पुलिस द्वारा गिरफ्तारी की निंदा कई छात्रों और छात्राओं ने किया जिसमें मुख्यत अखिलेश यादव, पंडित जितेश मिश्रा, अक्षय यादव, अमित द्विवेदी, प्रशांत यादव, अजय यादव, प्रवीण यादव, आनंद मौर्या आदि रहे ।