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संस्कृत विद्यालयों में संविदा शिक्षकों की नियुक्ति में धांधली की सीएम से शिकायत
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संस्कृत विद्यालयों में संविदा शिक्षकों की नियुक्ति में धांधली सीएम से शिकायत
0 एक प्रबंधक के दो बेटों का हुआ चयन
0 आरक्षण नियमों और साक्षात्कार में अंक देने में जमकर हुई धांधली
प्रयागराज। संस्कृत विद्यालयों में संविदा शिक्षकों की नियुक्ति में जमकर धांधली हुई है। युवा मंच के अध्यक्ष अनिल सिंह ने मामले की शिकायत मुख्यमंत्री से की है। उन्होंने सीएम से मांग की है मामले की गंभीरता को देखते हुए इस प्रकरण में उच्च स्तरीय जांच कराई जाए और इसमें शामिल अफसरों के खिलाफ कार्रवाई हो। साथ ही चयन सूची को निरस्त कर पारदर्शी चयन प्रक्रिया के माध्यम से भर्ती कराई जाए।
युवा मंच के अध्यक्ष अनिल सिंह ने आरोप लगाया है कि अशासकीय सहायता प्राप्त संस्कृत माध्यमिक विद्यालयों में संविदा शिक्षकों की नियुक्ति में जमकर धांधली हुई। प्रबंधकों ने एक दूसरे से मिलीभगत करके अपने पुत्रों और रिश्तेदारों का चयन किया है। कोरांव इलाके में एक विद्यालय के प्रबंधक ने एक अन्य विद्यालय के प्रबंधक के दो बेटों का चयन किया है। जबकि अपने बेटे और एक रिश्तेदार का चयन उन प्रबंधक के विद्यालय में कराया है। आरोप है जिन अभ्यर्थियों के शैक्षिक गुणांक अधिक थे, उन्हें मेरिट लिस्ट से बाहर करने के लिए साक्षात्कार में बहुत कम नंबर दिए गए हैं। साक्षात्कार में अंक देने में जमकर धांधली हुई। साक्षात्कार में अंक देने का जो निर्धारित मानक था, उसका पालन नहीं किया गया है। आरक्षण नियमों की भी अनदेखी कर चयन प्रक्रिया पूरी हुई। संवाद
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0 एक प्रबंधक के दो बेटों का हुआ चयन
0 आरक्षण नियमों और साक्षात्कार में अंक देने में जमकर हुई धांधली
प्रयागराज। संस्कृत विद्यालयों में संविदा शिक्षकों की नियुक्ति में जमकर धांधली हुई है। युवा मंच के अध्यक्ष अनिल सिंह ने मामले की शिकायत मुख्यमंत्री से की है। उन्होंने सीएम से मांग की है मामले की गंभीरता को देखते हुए इस प्रकरण में उच्च स्तरीय जांच कराई जाए और इसमें शामिल अफसरों के खिलाफ कार्रवाई हो। साथ ही चयन सूची को निरस्त कर पारदर्शी चयन प्रक्रिया के माध्यम से भर्ती कराई जाए।
युवा मंच के अध्यक्ष अनिल सिंह ने आरोप लगाया है कि अशासकीय सहायता प्राप्त संस्कृत माध्यमिक विद्यालयों में संविदा शिक्षकों की नियुक्ति में जमकर धांधली हुई। प्रबंधकों ने एक दूसरे से मिलीभगत करके अपने पुत्रों और रिश्तेदारों का चयन किया है। कोरांव इलाके में एक विद्यालय के प्रबंधक ने एक अन्य विद्यालय के प्रबंधक के दो बेटों का चयन किया है। जबकि अपने बेटे और एक रिश्तेदार का चयन उन प्रबंधक के विद्यालय में कराया है। आरोप है जिन अभ्यर्थियों के शैक्षिक गुणांक अधिक थे, उन्हें मेरिट लिस्ट से बाहर करने के लिए साक्षात्कार में बहुत कम नंबर दिए गए हैं। साक्षात्कार में अंक देने में जमकर धांधली हुई। साक्षात्कार में अंक देने का जो निर्धारित मानक था, उसका पालन नहीं किया गया है। आरक्षण नियमों की भी अनदेखी कर चयन प्रक्रिया पूरी हुई। संवाद
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