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अवैध हिरासत पर पीड़ित को 25 हजार रुपये प्रतिदिन के हिसाब से दिया जाए मुआवजा : हाईकोर्ट

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 10 Jun 2026 02:50 AM IST
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Compensation of 25,000 per day should be awarded to the victim for illegal detention: High Court.
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में स्पष्ट किया है कि किसी भी व्यक्ति को 24 घंटे से अधिक समय तक अवैध रूप से हिरासत में रखने पर उसे 25,000 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से मुआवजा दिया जाएगा। यह राशि विभागीय जांच में दोषी पाए जाने पर संबंधित अधिकारी के वेतन से वसूली जाएगी। यह आदेश न्यायमूर्ति सिद्धार्थ और न्यायमूर्ति विनय कुमार द्विवेदी की खंडपीठ ने बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर दिया है।
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साथ ही कोर्ट ने प्रदेश के डीजीपी को सभी जिला पुलिस प्रमुखों को सर्कुलर जारी कर आदेश का अनुपालन सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया है।
मामला गाजियाबाद के टीला मोड़ थाना क्षेत्र का है। चौकी प्रभारी राजेंद्र सिंह ने 22 फरवरी 2026 को दिव्यांग अधिवक्ता चंद्रपाल सिंह को हिरासत में लिया था। उन्हें 24 घंटे के भीतर मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश नहीं किया गया और बॉन्ड भरने के बावजूद जेल भेज दिया गया।
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बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट के आदेश के बाद 25 फरवरी को उनकी रिहाई हुई। अदालत ने चंद्रपाल सिंह को तीन दिन की अवैध हिरासत के लिए 75,000 रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया है। साथ ही एसीपी शालीमार गार्डन और एसएचओ टीला मोड़ से विभागीय जांच के बाद राशि वसूलने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने पुलिस आयुक्त गाजियाबाद से 14 सितंबर 2026 तक अनुपालन रिपोर्ट मांगी है।
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