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अनुकंपा नियुक्ति परीक्षा का परिणाम जारी करने पर रोक
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Tue, 21 Jun 2016 01:31 AM IST
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पुलिस विभाग में अनुकंपा नियुक्ति के लिए आयोजित की जा रही लिखित परीक्षा का परिणाम जारी करने पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है, हालांकि कोर्ट ने 25 जून को होने वाली परीक्षा पर रोक नहीं लगाई है। प्रदेश सरकार और पुलिस भर्ती बोर्ड से जवाब मांगा है। छाया मिश्रा और अन्य की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश न्यायमूर्ति वीके बिरला ने दिया है।
याची के अधिवक्ता सीमांत सिंह के अनुसार पुलिस विभाग में मृतक आश्रित कोटे के तहत 165 पदों पर भी भर्ती की जानी है। शारीरिक दक्षता परीक्षा में 235 अभ्यर्थियों का चयन किया गया। इनको शार्ट लिस्ट करने के लिए 25 जून को लिखित परीक्षा आयोजित की जा रही है। जबकि मृतक आश्रित नियमावली में लिखित परीक्षा का कोई प्रावधान नहीं है। याचिका में दलील दी गई कि जब मृतक आश्रित के 235 अभ्यर्थी उपलब्ध हैं तो पदों को घटाकर 165 पर ही नियुक्ति किस प्रकार से की जा रही है। दूसरे पुलिस भर्ती बोर्ड ने राज प्रताप सिंह चौहान केस में हाईकोर्ट के निर्णय के तहत लिखित परीक्षा की अधिसूचना जारी की है जबकि इस केस पर सुप्रीमकोर्ट द्वारा यथास्थिति का आदेश है। इस स्थिति में लिखित परीक्षा कराने का निर्णय सुप्रीमकोर्ट के आदेश की अवहेलना है। कोर्ट ने परीक्षा के आयोजन में हस्तक्षेप नहीं करते हुए कहा कि अगले आदेश तक इस परीक्षा का परिणाम न जारी किया जाए। कोर्ट ने प्रदेश सरकार और पुलिस भर्ती बोर्ड से चार सप्ताह में जवाब मांगा है।
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याची के अधिवक्ता सीमांत सिंह के अनुसार पुलिस विभाग में मृतक आश्रित कोटे के तहत 165 पदों पर भी भर्ती की जानी है। शारीरिक दक्षता परीक्षा में 235 अभ्यर्थियों का चयन किया गया। इनको शार्ट लिस्ट करने के लिए 25 जून को लिखित परीक्षा आयोजित की जा रही है। जबकि मृतक आश्रित नियमावली में लिखित परीक्षा का कोई प्रावधान नहीं है। याचिका में दलील दी गई कि जब मृतक आश्रित के 235 अभ्यर्थी उपलब्ध हैं तो पदों को घटाकर 165 पर ही नियुक्ति किस प्रकार से की जा रही है। दूसरे पुलिस भर्ती बोर्ड ने राज प्रताप सिंह चौहान केस में हाईकोर्ट के निर्णय के तहत लिखित परीक्षा की अधिसूचना जारी की है जबकि इस केस पर सुप्रीमकोर्ट द्वारा यथास्थिति का आदेश है। इस स्थिति में लिखित परीक्षा कराने का निर्णय सुप्रीमकोर्ट के आदेश की अवहेलना है। कोर्ट ने परीक्षा के आयोजन में हस्तक्षेप नहीं करते हुए कहा कि अगले आदेश तक इस परीक्षा का परिणाम न जारी किया जाए। कोर्ट ने प्रदेश सरकार और पुलिस भर्ती बोर्ड से चार सप्ताह में जवाब मांगा है।
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