{"_id":"67bbed995dd88b30230cfcf0","slug":"companies-spent-five-thousand-crores-on-brand-and-promotion-in-mahakumbh-2025-2025-02-24","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"MahaKumbh: ब्रांड एवं प्रमोशन पर कंपनियों ने खर्च किए पांच हजार करोड़, पिछले कुंभ के मुकाबले कीमत 4 गुना बढ़ी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
MahaKumbh: ब्रांड एवं प्रमोशन पर कंपनियों ने खर्च किए पांच हजार करोड़, पिछले कुंभ के मुकाबले कीमत 4 गुना बढ़ी
Mon, 24 Feb 2025 10:25 AM IST
शाहरुख खान
हिमांशु पांडेय, अमर उजाला, प्रयागराज
हिमांशु पांडेय, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: शाहरुख खान
Updated Mon, 24 Feb 2025 10:25 AM IST
सार
महाकुंभ में ब्रांड एवं प्रमोशन पर कंपनियों ने पांच हजार करोड़ खर्च किए। पिछले कुंभ के मुकाबले ब्रांडिंग की कीमतों में चार गुना का इजाफा हुआ है। एक-एक पुलिस चौकी पर विज्ञापन के लिए डेढ़-डेढ़ लाख रुपये खर्च करने पड़े।
विज्ञापन
MahaKumbh
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
संगम में डुबकी लगाने आने वाले करोड़ों लोगों तक अपने ब्रांड की पहुंच बनाने के लिए कंपनियों ने पानी की तरह पैसे बहाए। कंपनी की अच्छी छवि पेश करने के लिए कॉरपोरेट सोशल रिस्पांसबिलिटी (सीएसआर) फंड से भी करोड़ों खर्च किए गए।
मेले में ब्रांडिंग का काम संभाल रहे अफसरों के अनुसार, 45 दिन के महाकुंभ में कंपनियों ने ब्रांड प्रमोशन के नाम पर करीब 5000 करोड़ रुपये खर्च कर डाले।
महाकुंभ में करोड़ों की भीड़ की संभावना को देखते हुए आईटीसी, कोका कोला, पेप्सिको, अदाणी समूह, हिंदुस्तान यूनिलीवर, डाबर, बिसलेरी, इमामी, रिलायंस कंज्यूमर प्रोडक्ट्स, स्पाइसजेट जैसी दर्जनों नामी कंपनियां ब्रांड प्रमोशन के लिए आक्रामक अंदाज में मैदान में आ गई थीं। कंपनियों में छिड़ी जोर-अजामाइश ने ब्रांडिंग की कीमतों को आसमान पर पहुंचा दिया।
पिछले कुंभ के मुकाबले करीब चार गुना का उछाल देखने को मिला। कई नामी कंपनियों की ब्रांडिंग एवं प्रमोशन का जिम्मा संभाल रहीं श्रुति सजल बताती हैं, पिछले कुंभ में जिस होर्डिंग के लिए 40-50 हजार रुपये चुकाए गए। इस बार उनके लिए 1.5 लाख से तीन लाख रुपये तक देने पड़े।
विज्ञापन
विज्ञापन
मेले में ब्रांडिंग का काम संभाल रहे अफसरों के अनुसार, 45 दिन के महाकुंभ में कंपनियों ने ब्रांड प्रमोशन के नाम पर करीब 5000 करोड़ रुपये खर्च कर डाले।
महाकुंभ में करोड़ों की भीड़ की संभावना को देखते हुए आईटीसी, कोका कोला, पेप्सिको, अदाणी समूह, हिंदुस्तान यूनिलीवर, डाबर, बिसलेरी, इमामी, रिलायंस कंज्यूमर प्रोडक्ट्स, स्पाइसजेट जैसी दर्जनों नामी कंपनियां ब्रांड प्रमोशन के लिए आक्रामक अंदाज में मैदान में आ गई थीं। कंपनियों में छिड़ी जोर-अजामाइश ने ब्रांडिंग की कीमतों को आसमान पर पहुंचा दिया।
विज्ञापन
पिछले कुंभ के मुकाबले करीब चार गुना का उछाल देखने को मिला। कई नामी कंपनियों की ब्रांडिंग एवं प्रमोशन का जिम्मा संभाल रहीं श्रुति सजल बताती हैं, पिछले कुंभ में जिस होर्डिंग के लिए 40-50 हजार रुपये चुकाए गए। इस बार उनके लिए 1.5 लाख से तीन लाख रुपये तक देने पड़े।
विज्ञापन
प्रचार के लिए खर्च करनी पड़ी मोटी रकम
यूनिपोल, वॉच टावर और बैरिकेड्स से लेकर पुलिस बूथ तक में प्रचार के लिए मोटी रकम खर्च करनी पड़ी। कंपनियों में प्राइम लोकेशन हथियाने को लेकर तगड़ी प्रतिस्पर्धा रही। इस वजह से दाम इतने बढ़े कि एक-एक पुलिस बूथ के लिए डेढ़-डेढ़ लाख रुपये तक देने पड़ गए।
यूनिपोल, वॉच टावर और बैरिकेड्स से लेकर पुलिस बूथ तक में प्रचार के लिए मोटी रकम खर्च करनी पड़ी। कंपनियों में प्राइम लोकेशन हथियाने को लेकर तगड़ी प्रतिस्पर्धा रही। इस वजह से दाम इतने बढ़े कि एक-एक पुलिस बूथ के लिए डेढ़-डेढ़ लाख रुपये तक देने पड़ गए।
कंपनियों ने ब्रांडिंग के लिए खास तौर से नाव, यूनिपोल, होर्डिंग्स, लग्जरी टेंट, वॉच टावरों, बैरिकेड्स एवं पुलिस बूथ का इस्तेमाल किया। यात्री विश्राम स्थल का भी सहारा लिया गया। हालांकि, कंपनियों को इसके लिए करीब 25 लाख रुपये खर्च करने पड़े।
50 चेजिंग रूम के लिए चुकाने पड़े पांच लाख
50 चेजिंग रूम के लिए पांच लाख रुपये, 180 मोबाइल फोन चार्जिंग प्वांइट के लिए 3.5 लाख रुपये और हवा में उड़ने वाले गुब्बारों के लिए 7.5 लाख रुपये चुकाने पड़े। पार्किंग का भी ब्रांडिंग में इस्तेमाल हुआ जबकि घाट, प्रवेश बिंदुओं समेत आने-जाने वाली मुख्य सड़कों पर अधिक कीमत में विज्ञापन लगाए गए।
50 चेजिंग रूम के लिए पांच लाख रुपये, 180 मोबाइल फोन चार्जिंग प्वांइट के लिए 3.5 लाख रुपये और हवा में उड़ने वाले गुब्बारों के लिए 7.5 लाख रुपये चुकाने पड़े। पार्किंग का भी ब्रांडिंग में इस्तेमाल हुआ जबकि घाट, प्रवेश बिंदुओं समेत आने-जाने वाली मुख्य सड़कों पर अधिक कीमत में विज्ञापन लगाए गए।
महाकुंभ नगर में विज्ञापन का अधिकांश काम संभाल रही हैदराबाद की एजेंसी के अफसरों का कहना है कि ब्रांड प्रमोशन पर करीब पांच हजार करोड़ रुपये खर्च किए हैं। कुछ दूसरी कंपनियां भी यहां काम रही हैं।
भंडारे से लेकर श्रद्धालुओं को निशुल्क सवारी तक
महाकुंभ के दौरान अंबानी-अदाणी समूह भी पूरी ताकत से डटा रहा। देश के सबसे बड़े व्यावसायिक समूह में शुमार दोनों समूह ने एक माह तक धर्मार्थ सेवा की। अदाणी समूह ने इलेक्ट्रिक गोल्फ कार्ट सेवा के जरिए श्रद्धालुओं को निशुल्क सवारी की सुविधा समेत भंडारा एवं निशुल्क धार्मिक पुस्तिका वितरित करके अपने को स्थापित किया। वहीं, रिलायंस इंडस्ट्री ने सहयोगी संगठन की मदद से विशाल भंडारे के जरिये श्रद्धालुओं तक पहुंच बनाई। इसके अलावा अन्य संगठनों ने भी सीएसआर फंड कई कार्यों में खर्च किए।
महाकुंभ के दौरान अंबानी-अदाणी समूह भी पूरी ताकत से डटा रहा। देश के सबसे बड़े व्यावसायिक समूह में शुमार दोनों समूह ने एक माह तक धर्मार्थ सेवा की। अदाणी समूह ने इलेक्ट्रिक गोल्फ कार्ट सेवा के जरिए श्रद्धालुओं को निशुल्क सवारी की सुविधा समेत भंडारा एवं निशुल्क धार्मिक पुस्तिका वितरित करके अपने को स्थापित किया। वहीं, रिलायंस इंडस्ट्री ने सहयोगी संगठन की मदद से विशाल भंडारे के जरिये श्रद्धालुओं तक पहुंच बनाई। इसके अलावा अन्य संगठनों ने भी सीएसआर फंड कई कार्यों में खर्च किए।