Allahabad University : फीस वृद्धि के मुद्दे पर वार्ता को बनी कमेटी, आंदोलनकारियों से मांगी वैध छात्रों की सूची
फीस वृद्धि के खिलाफ जारी आंदोलन को ध्यान में रखते हुए कुलपति प्रो. संगीता श्रीवास्तव ने डीएसडब्ल्यू, चीफ प्रॉक्टर एवं वरिष्ठ शिक्षकों और जिला प्रशासन के अफसरों की एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है।
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इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) में फीस वृद्धि के विरोध में छात्रों से वार्ता के लिए इविवि प्रशासन एवं जिला प्रशासन के प्रतिनिधियों की संयुक्त रूप से कमेटी गठित कर दी गई है। हालांकि, आंदोलनकारियों की ओर से वार्ता के लिए प्रस्तावित नामों की लिस्ट को इविवि प्रशासन ने खारिज कर दिया है। इविवि प्रशासन ने वार्ता के लिए वैध छात्रों की लिस्ट मांगी है।
फीस वृद्धि के खिलाफ जारी आंदोलन को ध्यान में रखते हुए कुलपति प्रो. संगीता श्रीवास्तव ने डीएसडब्ल्यू, चीफ प्रॉक्टर एवं वरिष्ठ शिक्षकों और जिला प्रशासन के अफसरों की एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है। समिति ने बुधवार को नॉर्थ हॉल में छात्रों को वार्ता के लिए आमंत्रित किया था। वार्ता के लिए संयुक्त संघर्ष समिति और एबीवीपी की ओर से दो अलग-अलग लिस्ट दी गई थी, लेकिन समिति ने इस लिस्ट को खारिज कर दिया।
संयुक्त संघर्ष समिति की ओर से पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष डॉ. ऋचा सिंह समेत 16 छात्र नेताओं की लिस्ट दी गई थी। समिति ने पाया कि इनमें से वर्तमान में कोई भी इविवि का छात्र नहीं है। यहां तक कि आमरण अनशन कर रहे छात्र नेता अजय यादव सम्राट और अखिलेश यादव भी अब इविवि के छात्र नहीं हैं।
एबीवीपी की ओर से दी गई आठ छात्र नेताओं की लिस्ट में आलोक त्रिपाठी एवं संदीप वर्मा ही इविवि के छात्र हैं, बाकी छह छात्र नेता इविवि के छात्र ही नहीं हैं। समिति के सदस्यों ने वैध छात्रों से वार्ता के लिए दो घंटे प्रतीक्षा करने के बाद निर्णय लिया कि वैध छात्रों से वार्ता के लिए 29 सितंबर को भी नॉर्थ हॉल में उपस्थित रहेंगे, लेकिन इस दौरान छात्रसंघ के पूर्व सदस्यों, निलंबित छात्रों, अन्य कॉलेजों के छात्रों या पूर्व छात्रों से वार्ता नहीं की जाएगी।
पीआरओ डॉ. जया कपूर का कहना है कि इस लिस्ट से स्पष्ट है कि कैंपस में अराजकता कुछ स्वार्थी तत्वों द्वारा राजनैतिक महत्वाकांक्षा के चलते फैलाई जा रही है। पीआरओ का कहना है कि इनमें से कुछ लोगों ने अंग्रेजी विभाग में घुसकर आंदोलन में जाने से मना कर रहे एक छात्र की बेल्ट से पिटाई की। इसी वजह से विश्वविद्यालय की ओर से जिला प्रशासन से इन अराजक तत्वों को परिसर से हटाने का आग्रह किया जा रहा है।
उठे सवाल, छात्रसंघ नहीं तो कौन करेगा नेतृत्व
छात्रों ने सवाल उठाए हैं कि जब इविवि में छात्रसंघ का अस्तित्व ही समाप्त कर दिया गया है तो उनका नेतृत्व कौन करेगा। छात्रों को किसी न किसी पूर्व पदाधिकारी पर भरोसा करना पड़ेगा, जो उनके पक्ष को मजबूती से इविवि प्रशासन के समक्ष रख सके। छात्र अगर अपने पूर्व पदाधिकारियों पर भरोसा करते हैं तो इससे इविवि प्रशासन को परहेज क्यों है। छात्र नेता अजय यादव सम्राट का आरोप है कि विश्वविद्यालय समस्या का हल निकालना ही नहीं चाहता।
आंदोलन को एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष का समर्थन
इविवि में फीस वृद्धि के खिलाफ छात्रसंघ भवन के सामने जारी आमरण अनशन में बुधवार को एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीरज कुंदन शामिल हुए और उन्होंने आंदोलन को अपना समर्थन दिया। केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार शिक्षा का बाजारीकरण करने पर तुली है। फीस वृद्धि के खिलाफ लड़ाई हम सड़क से लेकर सदन तक लड़ेंगे। एक ही बार में सीधे चार सौ फीसदी शुल्क बढ़ोतरी किसी भी कीमत में स्वीकार नहीं की जा सकती। एनएसयूआई के प्रदेश प्रभारी अविनाश यादव ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन संवादहीनता के दौर से गुजर रहा है। इस दौरान अनशकारी छात्र नेता अजय पांडेय बागी की तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिन्हें बेली अस्पताल में भर्ती कराया गया।