UPPSC : पीसीएस का सत्र शून्य होने से बचा ले गया आयोग, प्रारंभिक परीक्षा के आयोजन में 37 दिन शेष
22 दिसंबर को प्रस्तावित पीसीएस प्रारंभिक परीक्षा की तैयारी के लिए अभ्यर्थियों के पास केवल 37 दिन शेष रह गए हैं, सो अभ्यर्थी तैयारी में जुटे गए हैं। इससे पूर्व अभ्यर्थी लगातार पांच दिनों से आंदोलन कर रहे थे। परीक्षा अब एक दिन में कराई जाएगी, इसलिए नॉर्मलाइजेशन भी नहीं होगा और अभ्यर्थी बेफिक्र होकर परीक्षा की तैयारी कर सकेंगे।
विस्तार
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) आखिरकार पीसीएस का सत्र शून्य होने से बचा ले गया। आयोग यह परीक्षा वर्ष 2024 में ही कराने जा रहा है और शुक्रवार को परीक्षा की तिथि भी घोषित कर दी गई। वहीं, स्थगित की गई आरओ/एआरओ प्रारंभिक परीक्षा-2023 अब अगले साल महाकुंभ के बाद ही होने की उम्मीद है।
22 दिसंबर को प्रस्तावित पीसीएस प्रारंभिक परीक्षा की तैयारी के लिए अभ्यर्थियों के पास केवल 37 दिन शेष रह गए हैं, सो अभ्यर्थी तैयारी में जुटे गए हैं। इससे पूर्व अभ्यर्थी लगातार पांच दिनों से आंदोलन कर रहे थे। परीक्षा अब एक दिन में कराई जाएगी, इसलिए नॉर्मलाइजेशन भी नहीं होगा और अभ्यर्थी बेफिक्र होकर परीक्षा की तैयारी कर सकेंगे।
पीसीएस के 220 पदों पर भर्ती के लिए 576154 अभ्यर्थियों ने आवेदन किए हैं। यह परीक्षा पहले 17 मार्च 2024 को प्रस्तावित थी। 11 फरवरी 2024 को हुई आरओ/एआरओ प्रारंभिक परीक्षा-2023 में पेपर लीक के बाद पीसीएस प्रारंभिक परीक्षा को भी स्थगित कर दिया गया। यह परीक्षा पहले जून में, फिर अक्तूबर, इसके बाद सात व आठ दिसंबर को प्रस्तावित की गई और अब 22 दिसंबर को होने जा रही है।
अगर यह परीक्षा इस वर्ष न हो पाती तो डेढ़ दशक के बाद सत्र शून्य होने की नौबत आ जाती और आयोग की साख पर बट्टा लगता। ऐसे में अभ्यर्थियों के आंदोलन के बाद पीछे हटे आयोग ने यह परीक्षा लंबे समय तक टालने की जगह दिसंबर में ही कराने का निर्णय लिया। आपाधापी में केंद्र निर्धारण संबंधी दिशा-निर्देश भी जारी कर दिए गए, जिसमें पीसीएस के लिए परीक्षा केंद्रों के निर्धारण में शहर से अधिकतम 10 किमी की दूरी की अनिवार्यता भी हटा दी गई।
वहीं, पेपर लीक के बाद निरस्त की गई आरओ/एआरओ प्रारंभिक परीक्षा 22 व 23 दिसंबर को प्रस्तावित की गई थी, जो अब स्थगित कर दी गई है। आयोग ने परीक्षा की नई तिथि तय करने के लिए समिति का गठन किया है। अभ्यर्थियों में चर्चा है कि आरओ/एआरओ प्रारंभिक परीक्षा अब अगले साल कुंभ के बाद ही होने की उम्मीद है।
आरओ/एआरओ के 441 पदों के लिए 1076004 अभ्यर्थियों ने आवेदन किए हैं। आयोग के इतिहास में पहली बार किसी परीक्षा के लिए इतनी अधिक संख्या में आवेदन आए हैं। अभ्यर्थी अब समिति की रिपोर्ट और आयोग के फैसले का इंतजार कर रहे हैं। अगर आयोग आगे भी दो दिन में परीक्षा कराने निर्णय लेता है तो उसे अभ्यर्थियों के विरोध का फिर से सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में आयोग पर आरओ/एआरओ परीक्षा भी एक दिन में कराने का दबाव होगा।