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कोल्ड स्ट्रोक का झटका, कइयों को पटका

Tue, 16 Dec 2014 01:30 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला इलाहाबाद
ब्यूरो/ अमर उजाला इलाहाबाद Updated Tue, 16 Dec 2014 01:30 AM IST
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Cold shock stroke , many of them knocked
इलाहाबाद (ब्यूरो)। कई दिनों से लगातार गिरते पारे से हार्ट एवं ब्रेन स्ट्रोक का खतरा बढ़ गया है। इसके चलते बीते एक सप्ताह में ही अलग-अलग अस्पतालों में दस से अधिक लोगों की जान चली गई है, वहीं दो दर्जन से अधिक सरकारी और निजी अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं। ब्
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रेन स्ट्रोक बीमारी से जहां कई मरीजों ने बिस्तर पकड़ लिया है, वहीं कई सुध-बुध खो बैठे हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक ठंड के मौसम में शरीर का रक्त हल्का गाढ़ा हो जाता है, जिससे तमाम परेशानियां खड़ी हो जाती हैं। ऐसा होने से शरीर में रक्त संचरण कम हो जाता है और रक्त वाहिकाएं फट जाती हैं, जिससे ब्रेन स्ट्रोक या हार्ट अटैक हो जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि एहतियात बरतकर जान बचाई जा सकती है।
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ब्रेेन स्ट्रोक , हार्ट अटैक के लक्षण
00 मरीज अचानक चक्कर खाकर गिर जाता है।
00 आवाज अचानक गुम हो जाती है।
00 हाथ, पैर सुन्न हो जाते हैं। आवाज बदल जाती है।
00 ब्रेन स्ट्रोक में मरीज कोमा में चला जाता है।
00 ब्रेन स्ट्रोक होने पर पैरालाइसिस की संभावना 99 प्रतिशत तक हो जाती है।
00 बेहोशी की स्थिति बन जाती है।

00 ब्रेन स्ट्रोक या हार्ट अटैक होने पर तत्काल विशेषज्ञ के पास ले जाएं।
00 अधिक ठंड में मार्निंग वाक से परहेज करें।
00 धूप निकलने या मौसम ठीक होने पर भ्रमण पर निकले।
00 रात के समय अचानक विस्तर ने निकलकर बाथरूम न जाएं। कपड़े पहनकर ही निकलें।
00 बाइक चलाते समय गर्म कपड़े पहनकर ही निकले। गले, सिर को ठंड से बचाएं।

इमरजेंसी में हार्टअटैक के मरीजों की संख्या अप्रत्याशित ढंग से 20 फीसदी तक बढ़ी है, जो चौंकाने वाला पहलू है। ठंड से बचाव कर परेशानियों से बचा जा सकता है। जिन मरीजों को पहले भी ब्रेन स्ट्रोक या हार्ट अटैक का दौरा पड़ चुका है, उन्हें और अधिक सावधानी बरतने की जरूरत है।
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डॉ. पीसी सक्सेना, सीनियर कार्डियोलाजिस्ट, पूर्व प्राचार्य मेडिकल कालेज

ठंड के चलते ब्रेन स्ट्रोक की स्थिति में पैरालाइसिस की संभावना काफी बढ़ जाती है। इलाज के उपरांत फिजियोथेरेपी तकनीक से निष्क्रिय अंगों को ठीक किया जा सकता है। ठंड के चलते बड़ी तादात में मरीज फिजियोथेरेपी इलाज कराने पहुंच रहे हैं।
डॉ. राकेश चंद्रा, वरिष्ठ फिजियोथेरेपिस्ट
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