मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महाकुंभ-2025 के सारे कार्याें को पूरा करने की समय सीमा 10 दिसंबर तय कर दी है। अफसरों से कहा, इसके बाद काम शेष रहा तो आपके लिए अच्छा नहीं होगा। सीएम 10-15 दिनों पर नियमित निरीक्षण की बात भी कही। मुख्यमंत्री का हेलिकॉप्टर सुबह सवा दस बजे परेड मैदान में उतरा और शाम को साढ़े चार बजे रवाना हुआ। करीब सवा छह घंटे के कार्यक्रम के दौरान सीएम ने महाकुंभ-2025 के लोगो, वेबसाइट, एप तथा भूमि एवं सुविधाओं के लिए तैयार अप्लीकेशन का अनावरण किया।
इससे पहले मुख्यमंत्री ने संगम दर्शन एवं पूजन के बाद बाढ़ के पानी में डूबे मेला क्षेत्र का मोटरबोट से निरीक्षण किया। अक्षयवट एवं हनुमान मंदिर पूजन तथा निरीक्षण के बाद उन्होंने संतों संग वार्ता में महाकुंभ आयोजन पर चर्चा की। इसके बाद उन्होंने डेढ़ घंटे से अधिक समय तक अफसरों संग 5650.66 कराेड़ रुपये 600 से अधिक परियोजनाओं की समीक्षा की।
महाकुंभ के कई काम पिछड़ गए हैं। इस पर वरिष्ठ अफसरों के साथ मुख्यमंत्री ने भी चिंता जताई। फाफामऊ में सिक्स लेन पुल, प्रयागराज-रायबरेली फोर लेन एवं रिंग रोड के निर्माण में देरी पर ज्यादा चिंता दिखी। प्रयागराज-रायबरेली मार्ग का तो अभी तक महज 52 फीसदी ही काम हुआ है। इस पर एनएचएआई के अफसरों से स्पष्ट कहा कि समय सीमा के भीतर हर हाल में काम पूरा हो जाए। अफसरों ने भी सिक्स लेन पुल पर स्टील ब्रिज समेत सभी काम दिसंबर के पहले सप्ताह में पूरा हो जाने की बात कही।
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अखाड़ा परिषद और संतों के साथ बैठक करते सीएम योगी।
- फोटो : अमर उजाला।
मेलाधिकारी विजय किरन आनंद ने महाकुंभ के कार्यों की प्रगति के बारे में बताया। इसमें पाया गया कि कई विभागों के काम पीछे हैं। इस पर मुख्यमंत्री ने हर काम की अलग-अलग समीक्षा की तथा उनके पूरा होने की नई सीमा तय की। इसके बाद उन्होंने 10 दिसंबर तक सभी काम पूरा होने की अंतिम समय सीमा तय की।
बैठक के बाद प्रेस प्रतिनिधियों से मुखातिब मुख्यमंत्री ने स्वच्छ, सुरक्षित, सुव्यवस्थित महाकुंभ के संकल्प को दोहराया। मुख्यमंत्री ने बारिश तथा बाढ़ का पानी नहीं निकलने की वजह से आठ से 10 दिन काम पिछड़ रहे हैं लेकिन यह चिंता की बात नहीं है। पहले से ही इतना समय लेकर चला जा रहा है। अफसरों को मानवश्रम तथा अन्य संसाधन बढ़ाकर दोगुनी गति से काम कराने के लिए कहा गया है।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मां गंगा का पूजन किया।
- फोटो : अमर उजाला।
मुख्यमंत्री ने बताया कि 2019 के कुंभ को पूरी दुनिया में पहचान मिली थी। कुल 24 करोड़ लोग आए थे। 100 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों ने भारत की सांस्कृतिक समृद्धि को देखा था। महाकुंभ-2025 उससे भव्य होगा। इस बार महाकुंभ क्षेत्र भी 3200 से बढ़ाकर 4000 हेक्टेयर कर दिया गया है। उसी के अनुसार युद्ध स्तर पर तैयारी शुरू कर दी गई है।
मुख्यमंत्री भरद्वाज आश्रम एवं अलोपी देवी मंदिर में दर्शन पूजन किया। वहां हो रहे निर्माण कार्यों का निरीक्षण भी किया। निर्माणाधीन आईईआरटी फ्लाईओवर को भी देखा। इसके बाद स्वामी वासुदेवानंदजी से मुलाकात की। करीब 10 मिनट की मुलाकात के दौरान उन्होंने महाकुंभ पर चर्चा की। मुख्यमंत्री को नैनी में दो सड़कों के निरीक्षण के साथ आदि माधव मंदिर भी जाना था लेकिन संतों के साथ वार्ता में अधिक समय लग गया। इस वजह से नैनी में निरीक्षण का कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया।
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मां गंगा का पूजन करते मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।
- फोटो : अमर उजाला।
लोगो, वेबसाइट और एप का किया अनावरण
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महाकुंभ की तैयारियों का जायजा लेने के बाद जनप्रतिनिधियों के साथ महाकुंभ की तैयारियों की समीक्षा बैठक की। सीएम ने महाकुंभ-2025 के लोगो का अनावरण, वेबसाइट http://kumbh.gov.in और ऐप Mahakumbhmela2025 को लांच किया।
10 से 15 दिसंबर के बीच आएंगे प्रधानमंत्री
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 10 से 15 दिसंबर के बीच प्रयागराज आएंगे। महाकुंभ तथा अन्य योजनाओं के अंतर्गत होने वाले निर्माण परियोजनाओं का लोकार्पण करेंगे। मुख्यमंत्री योगी ने यह जानकारी देने के साथ अफसरों से 10 दिसंबर तक हर काम पूरे कर लेने के निर्देश दिए।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के स्वागत के लिए हेलीपैड पर पहुंचे साधुु-संत।
- फोटो : अमर उजाला।
संतों से कहा- नकारात्मक बातें न करें, महाकुंभ में मांस-मदिरा रहेगी प्रतिबंधित
प्रयागराज। मुख्यमंत्री ने संतों से कहा कि यह आपका का मेला है। महाकुंभ आयोजन तथा व्यवस्था को लेकर किसी तरह की नकारात्मक बात न कहें। संतों की भावनाओं का पूरा सम्मान होगा। संतों ने विगत दिनों अफसरों के व्यवहार, उपेक्षा को लेकर बयान जारी किए थे। इसी परिपेक्ष्य में मुख्यमंत्री ने यह बात कही। संतों की मांग पर मुख्यमंत्री ने कहा कि महाकुंभ मेला क्षेत्र के आसपास मांस-मदिरा की बिक्री प्रतिबंंधित रहेगी।