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प्रयागराज में संगम तट पर बही अविरल-निर्मल गंगा, 45 नाले किए गए ट्रैप
Mon, 14 Jan 2019 11:52 PM IST
vivek shukla
ब्यूरो, अमर उजाला, प्रयागराज
ब्यूरो, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: vivek shukla
Updated Mon, 14 Jan 2019 11:52 PM IST
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- फोटो : ANI
कुंभ के प्रथम स्नान पर्व पर संतों भक्तों को निर्मल गंगा की धारा उपलब्ध कराने के लिए संगम पर न्यूनतम जल प्रवाह बन गया है। कुंभ मेलाधिकारी विजय किरन आनंद ने संगम पर सात हजार क्यूसेक जल का निरंतर प्रवाह होने की जानकारी दी। बताया कि कुंभ में देश-दुनिया के श्रद्धालुओं को संगम स्नान के लिए अविरल-निर्मल गंगा की धारा मिलेगी।
प्रथम शाही स्नान से पहले संगम तट पर गंगा अविरल-निर्मल बहने लगी है। इसके लिए टिहरी से दो हजार क्यूसेक और नरौरा बांध से पांच हजार क्यूसेक पानी लगातार छोड़ा जा रहा है। मकर संक्रांति पर कुंभ के प्रथम शाही स्नान की तैयारियों पर पत्रकारों से बातचीत में कुंभ मेलाधिकारी ने बताया कि प्रयागराज में गंगा का मूल प्रवाह अविरल-निर्मल हो गया है।
इसके लिए 45 नालों को गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई ने ट्रैप करा दिया है। छोटे नालों से बहने वाले गंदे पानी का बायो रेमिडिशन तकनीक से शोधनहो रहा है, ताकि गंगा-यमुना, अदृश्य सरस्वती के संगम में एक बूंद भी गंदा पानी न जाने पाए। सिंचाई विभाग के बाढ़ प्रखंड के अधिशासी अभियंता ने बताया कि संतों -भक्तों को निर्मल गंगा में डुबकी लगाने के लिए कुंभ के दौरान 15 जनवरी से चार मार्च तक लगातार टिहरी और नरौरा बांधों से पानी छोड़ा जाता रहेगा।
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प्रथम शाही स्नान से पहले संगम तट पर गंगा अविरल-निर्मल बहने लगी है। इसके लिए टिहरी से दो हजार क्यूसेक और नरौरा बांध से पांच हजार क्यूसेक पानी लगातार छोड़ा जा रहा है। मकर संक्रांति पर कुंभ के प्रथम शाही स्नान की तैयारियों पर पत्रकारों से बातचीत में कुंभ मेलाधिकारी ने बताया कि प्रयागराज में गंगा का मूल प्रवाह अविरल-निर्मल हो गया है।
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इसके लिए 45 नालों को गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई ने ट्रैप करा दिया है। छोटे नालों से बहने वाले गंदे पानी का बायो रेमिडिशन तकनीक से शोधनहो रहा है, ताकि गंगा-यमुना, अदृश्य सरस्वती के संगम में एक बूंद भी गंदा पानी न जाने पाए। सिंचाई विभाग के बाढ़ प्रखंड के अधिशासी अभियंता ने बताया कि संतों -भक्तों को निर्मल गंगा में डुबकी लगाने के लिए कुंभ के दौरान 15 जनवरी से चार मार्च तक लगातार टिहरी और नरौरा बांधों से पानी छोड़ा जाता रहेगा।
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