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CLAT का प्रारूप बदला, इतिहास व भूगोल भी शामिल
इलाहाबाद/ब्यूरो
Updated Mon, 15 Apr 2013 03:00 PM IST
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कॉमन लॉ एडमिशन टेस्ट (क्लैट) के अभ्यर्थियों को सफलता के लिए अब और अधिक मेहनत करनी होगी। प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रारूप में परिवर्तन के क्रम में क्लैट के पेपर पैटर्न में भी बड़ा बदलाव किया गया है।
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इसके तहत अब समसामयिक की जगह सामान्य अध्ययन के सवाल पूछे जाएंगे। यानी, अब इतिहास, भूगोल आदि विषयों से भी प्रश्न होंगे।
इतना ही नहीं इस बार से नेगेटिव मार्किंग का प्रावधान भी लागू कर दिया गया है। प्रवेश के लिए बढ़ती भीड़ के मद्देनजर ये निर्णय लिया गया है।
देश भर के 14 राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालयों के पांच वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम बीएएलएलबी में दाखिले के लिए 12 मई को परीक्षा प्रस्तावित है। पूर्व की परीक्षाओं में 200 अंक के पेपर में अंग्रेजी, जीके, गणित, तर्कशक्ति तथा विधि अभिरुचि के सवाल होते थे।
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इनमें से सबसे अधिक 50 सवाल जीके तथा सबसे कम गणित से 20 प्रश्न पूछे जाते थे। नए फार्मेट के तहत अन्य विषयों के प्रारूप में तो कोई बदलाव नहीं हुआ है लेकिन जीके का दायरा बढ़ गया है।
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पहले इसमें सिर्फ एक साल के भीतर की समसामयिक घटनाओं पर आधारित सवाल पूछे जाते थे लेकिन अब इसमें सामान्य अध्ययन के सभी विषयों से सवाल होंगे।
इसके अलावा पूर्व में निगेटिव मार्किंग का प्रावधान नहीं था लेकिन अब कर दिया गया है। अब हर गलत उत्तर पर 0.25 अंक काट लिए जाएंगे, जबकि सही उत्तर पर एक अंक मिलेंगे।
काउंसलर पद्मा पांडेय का कहना है कि ऐसे में अब सिर्फ करेंट पर निर्भर रहने वाले अभ्यर्थियों को नुकसान उठाना पड़ सकता है। इसके अलावा उनकी यह भी सलाह है कि तुक्के से बचें।