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पढ़ाई ऑनलाइन, पर प्रैक्टिकल प्रयोगशाला में होंगे
Sat, 10 Oct 2020 02:48 PM IST
इलाहाबाद ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Sat, 10 Oct 2020 02:48 PM IST
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इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि)
- फोटो : अमर उजाला
प्रयागराज। इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) एवं संघटक महाविद्यालयों में शोधार्थी और साइंस एवं टेक्नोलॉजी स्ट्रीम के पीजी छात्र-छात्राएं 15 अक्तूबर के बाद से प्रयोगशाला में आकर शोध कार्य कर सकेंगे। हालांकि इस दौरान अन्य विद्यार्थियों की ऑनलाइन कक्षाओं का संचालन पूर्व की भांति जारी रहेगा। विभागाध्यक्ष की अनुमति से प्रयोगात्मक कार्यों के लिए प्रयोगशाला आने वाले विद्यार्थियों को कोविड-19 की गाइडलाइन का पालन पूरी तरह से करना होगा। इस बाबत इविवि के रजिस्ट्रार प्रो. एनके शुक्ला की ओर से आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने अनलॉक-5 के तहत अगले आदेश तक शिक्षण कार्य को ऑनलाइन मोड में जारी रखने को कहा है। वहीं, प्रयोगशालाओं में काम शुरू करने के लिए हरी झंडी दी जा सकती है। इसी के मद्देनजर इविवि प्रशासन ने निर्णय लिया है कि 15 अक्तूबर के बाद शोधार्थी और विज्ञान संकाय में साइंस एवं टेक्नोलॉजी स्ट्रीम के पीजी छात्र-छात्राएं प्रयोगशाला में आकर प्रयोगात्मक कार्य कर सकते हैं। हालांकि यह निर्णय पूरी तरह से विभागाध्यक्षों पर छोड़ दिया गया है कि संबंधित शोधार्थी और पीजी छात्र-छात्रा को प्रयोगशाला आने की जरूरत है या नहीं।
विभागाध्यक्ष तय करेंगे कि किसी शोधार्थी और पीजी विद्यार्थी को प्रयोगशाला में आने की अनुमति दी जाए। इसके लिए विभागाध्यक्ष अलग से रोस्टर बनाएंगे। साथ ही प्रयोगशाला में सोशल डिस्टेंसिंग एवं कोविड-19 से संबंधित अन्य गाइडलाइन का अनुपालन भी सुनिश्चित करना होगा। इस दौरान शिक्षण कार्य पूर्व की भांति ऑनलाइन मोड में जारी रहेगा। हालांकि शोधार्थियों और साइंस एवं टेक्नोलॉजी के पीजी छात्र-छात्राओं में बड़ी संख्या ऐसे विद्यार्थियों की है, जो प्रयागराज से बाहर अन्य जिलों में रहते हैं। प्रयोगात्मक कार्यों के लिए प्रयागराज लौटने पर ऐसे विद्यार्थी हॉस्टल खोलने की मांग कर सकते हैं। कोविड-19 के कारण इविवि के हॉस्टल अप्रैल के अंतिम सप्ताह में खाली करा लिए गए थे। तब से कई हॉस्टल पूरी तरह से खाली हैं और कुछ हॉस्टलों में बहुत कम छात्र-छात्राएं रह गए हैं।
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केंद्रीय गृह मंत्रालय ने अनलॉक-5 के तहत अगले आदेश तक शिक्षण कार्य को ऑनलाइन मोड में जारी रखने को कहा है। वहीं, प्रयोगशालाओं में काम शुरू करने के लिए हरी झंडी दी जा सकती है। इसी के मद्देनजर इविवि प्रशासन ने निर्णय लिया है कि 15 अक्तूबर के बाद शोधार्थी और विज्ञान संकाय में साइंस एवं टेक्नोलॉजी स्ट्रीम के पीजी छात्र-छात्राएं प्रयोगशाला में आकर प्रयोगात्मक कार्य कर सकते हैं। हालांकि यह निर्णय पूरी तरह से विभागाध्यक्षों पर छोड़ दिया गया है कि संबंधित शोधार्थी और पीजी छात्र-छात्रा को प्रयोगशाला आने की जरूरत है या नहीं।
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विभागाध्यक्ष तय करेंगे कि किसी शोधार्थी और पीजी विद्यार्थी को प्रयोगशाला में आने की अनुमति दी जाए। इसके लिए विभागाध्यक्ष अलग से रोस्टर बनाएंगे। साथ ही प्रयोगशाला में सोशल डिस्टेंसिंग एवं कोविड-19 से संबंधित अन्य गाइडलाइन का अनुपालन भी सुनिश्चित करना होगा। इस दौरान शिक्षण कार्य पूर्व की भांति ऑनलाइन मोड में जारी रहेगा। हालांकि शोधार्थियों और साइंस एवं टेक्नोलॉजी के पीजी छात्र-छात्राओं में बड़ी संख्या ऐसे विद्यार्थियों की है, जो प्रयागराज से बाहर अन्य जिलों में रहते हैं। प्रयोगात्मक कार्यों के लिए प्रयागराज लौटने पर ऐसे विद्यार्थी हॉस्टल खोलने की मांग कर सकते हैं। कोविड-19 के कारण इविवि के हॉस्टल अप्रैल के अंतिम सप्ताह में खाली करा लिए गए थे। तब से कई हॉस्टल पूरी तरह से खाली हैं और कुछ हॉस्टलों में बहुत कम छात्र-छात्राएं रह गए हैं।
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