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धुंध से घिरा शहर, सांस लेना दूभर

Mon, 07 Nov 2016 02:35 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Mon, 07 Nov 2016 02:35 AM IST
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City surrounded by mist, breathing difficult
pollution - फोटो : ANI
दिल्ली की तरह संगम नगरी में भी आबोहवा जहरीली होने लगी है। प्रदूषण का स्तर भले ही दिल्ली से कुछ कम हो लेकिन रविवार को धुंध से घिरे शहर में लोगों के लिए सांस लेना दूभर हो गया। दमा के मरीजों को ज्यादा तकलीफ हुई। अस्पतालों की ओपीडी में अचानक भीड़ बढ़ गई। रात तक हालात बदतर बने रहे। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट में भी प्रदूषण की मात्रा साढ़े तीन गुना अधिक पाई गई। खुदी पड़ी सड़कों से उड़ती धूल, वाहनों से निकलता धुआं और दिवाली पर हुई जबर्दस्त आतिशबाजी को इसका प्रमुख कारण माना जा रहा है।
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प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के मुताबिक शहर में पीएम-10 का स्तर 100 माइक्रोग्राम प्रतिघन मीटर होना चाहिए, जो बढ़कर साढ़े तीन सौ माइक्रोग्राम प्रतिघन मीटर तक पहुंच गया है। सोहबतियाबाग में फोर्ट रोड चौराहा, रामबाग, बाई का बाग, जानसेनगंज चौराहा, हाईकोर्ट पानी टंकी, कटरा लक्ष्मी चौराहा, तेलियरगंज चुंगी और बमरौली में दुग्ध उत्पादन सहकारी संघ के आसपास पीएम-10 की मात्रा काफी अधिक है। नतीजा कि रविवार सुबह जब लोग बिस्तर छोड़कर बाहर निकले तो आसमान में धुंध देखकर लगा कि कोहरा है और कुछ देर में छट जाएगा लेकिन देर शाम तक धुंध छाई रही। यहां भी हालात दिल्ली जैसे हो गए। दिल्ली में तो स्कूल बंद कर दिए गए हैं लेकिन इलाहाबाद में सोमवार से स्कूल खुल जाएंगे और हालात नहीं सुधरे तो बच्चों को इसी आबोहवा में स्कूल जाना पड़ेगा।
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‘वायु प्रदूषण की वजह से स्मॉग बढ़ गया है। यह ठंड बढ़ने के साथ धूल और धुंए के कारण होता है। हवा का बहाव न होने से यह काफी देर तक आसमान में रुका रहता है। रविवार को हवा का बहाव कम होने से धुंध बढ़ी। वायु प्रदूषण कम हो, इसके लिए जनरेटर का कम इस्तेमाल, कूड़ा, पत्ती जलाने और होटलों-ढाबों में कोयला, उपले जलाने पर सख्ती से रोक लगनी चाहिए। सड़कों की खोदाई के दौरान धूल न उड़े, इसके लिए पानी का छिड़काव भी जरूरी है।’ -डॉ.मोहम्मद सिकंदर, क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड
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‘इस मौसम में दमा के मरीजों की दिक्कत बढ़ी है। स्मॉग से श्वसन तंत्र पर सबसे पहले असर पड़ता है। इससे सांस लेने में दिक्कत होती है, गला चोक हो जाता है। स्मॉग के छोटे कण फेफेड़ों में पहुंचकर रक्त प्रवाह का प्रभावित करते हैं। इसकी वजह से पूरे शरीर में कई तरह की दिक्कतें हो सकती हैं।’ डॉ. डीएस सिंह, एसोसिएट प्रोफेसर

पश्चिम से आने वाली हवाओं ने शहर के मौसम का मिजाज भी बदल दिया है। शनिवार की रात से ही आसमान में धुंध छाई रही। इस कारण रविवार को दिन में सूरज लुकाछिपी करता रहा। हवाओं के चलने से लोगों ठंड अधिक महसूस की। तापमान भी गिरकर 30 डिग्री सेल्सियस के नीचे आ गया और न्यूनतम आर्द्रता बढ़ गई। शनिवार तक शहर का मौसम सामान्य था, लेकिन पश्चिम-उत्तर की हवाओं के हल्के जोर से इसका मिजाज बदल गया। दिन का तापमान डेढ़ डिग्री सेल्सियस गिरकर 29.7 डिग्री पर आ गया जबकि रात का तापमान 17 डिग्री से डेढ़ डिग्री गिरकर 15.5 डिग्री पर आ गया। मौसम विज्ञानी डॉ. सुनीत द्विवेदी के अनुसार आने वाले दिनों में ठंड तेजी से बढ़ेगी।


अचानक मौसम बिगड़ने से रविवार को दिल्ली जाने वाली एयर इंडिया की फ्लाइट निरस्त कर दी गई। वैकल्पिक इंतजाम कर यात्रियों को यहां से लखनऊ भेजा गया और वहां से दिल्ली जाने के लिए दूसरी फ्लाइट की व्यवस्था की गई। वहीं, ट्रेनों के संचालन पर भी इसका असर पड़ा। प्रयागराज, रीवां, पुरुषोत्तम, नार्थ ईस्ट समेत इलाहाबाद आने वाली कई ट्रेनें रविवार को समय से नहीं पहुंच सकीं। बहुत सी ट्रेनें ऐसी रहीं, जो घंटों देरी से इलाहाबाद पहुंची। यात्रियों को खासी परेशानी हुई। सबसे खराब हाल स्पेशल ट्रेनों का रहा। स्पेशल ट्रेनों की लेटलतीफी कुछ घंटों से बढ़कर एक-एक दिन की हो गई।
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