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चुनावी यादें: इलाहाबाद सीट पर पांच... फूलपुर में छह नेता कभी नहीं हारे लोस चुनाव, मिले तीन प्रधानमंत्री

Tue, 16 Apr 2024 03:35 PM IST
अनुज कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज Published by: अनुज कुमार Updated Tue, 16 Apr 2024 03:35 PM IST
सार

देश में लोकसभा चुनाव को लेकर प्रचार तेजी से हो रहा है। इसी बीच चुनावी किस्सों का जिक्र भी खूब हो रहा है। इलाहाबाद और फूलपुर संसदीय सीट से तीन प्रधानमंत्री हुए हैं।

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Chunavi Kisse Five leaders in Allahabad seat and six in Phulpur never lost LS elections with 3 pm
वोटिंग (फाइल फोटो) - फोटो : istock

विस्तार

इलाहाबाद और फूलपुर संसदीय सीट से तीन प्रधानमंत्री हुए हैं। कई दिग्गज नेता केंद्र में मंत्री भी रहे, लेकिन इन दोनों सीटों पर ऐसे ग्यारह ही सांसद हुए हैं, जिन्हें लोकसभा चुनाव में कभी हार नहीं मिली।
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यहां के मतदाताओं ने उन्हें सिर्फ जीत का ही हार पहनाया है। हालांकि इनमें भी दो नेता ऐसे भी हैं, जिन्हें विधानसभा चुनाव में शिकस्त मिली। फूलपुर संसदीय सीट पर अब तक 20 बार लोकसभा चुनाव हुए और कुल 15 सांसद चुने गए। इनमें से छह नेता देश के पहले प्रधानमंत्री पं.जवाहर लाल नेहरू, मसुरिया दीन, विजयलक्ष्मी पंडित, बीडी सिंह, केशव प्रसाद मौर्य और नागेंद्र प्रताप सिंह पटेल हैं, जो लोकसभा चुनाव कभी नहीं हारे।
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पं.नेहरू तीन जबकि मसुरियादीन एवं विजयलक्ष्मी पंडित दो बार सांसद चुनी गईं जबकि इस सीट से सांसद चुने गए अन्य नौ नेताओं को किसी न किसी लोकसभा चुनाव में हार का सामना करना पड़ा। हालांकि, रामपूजन पटेल भी तीन बार और जंगबहादुर पटेल दो बार सांसद रहे, लेकिन इन्हें अन्य चुनावों में हार का सामना करना पड़ा।
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इसी तरह से इलाहाबाद संसदीय सीट के लिए 21 बार चुनाव हुए और कुल 14 सांसद चुने गए। इनमें पांच सांसद श्रीप्रकाश, पुरुषोत्तम दास टंडन, लाल बहादुर शास्त्री, कृष्ण प्रकाश तिवारी और अमिताभ बच्चन ही हैं, जिन्हें कभी हार का सामना नहीं करना पड़ा। अन्य नौ सांसदों को कभी न कभी शिकस्त खानी पड़ी है।

हारने वाले नेताओं में वीपी, डॉ.जोशी समेत कई दिग्गज शामिल
लोकसभा चुनाव में हारने वालाें में पूर्व प्रधानमंत्री विश्वनाथ प्रताप सिंह, पूर्व मुख्यमंत्री हेमवती नंदन बहुगुणा, केंद्रीय मंत्री रहे डॉ.मुरली मनोहर जोशी, जनेश्वर मिश्र, रामपूजन पटेल जैसे दिग्गज नेता शामिल हैं। पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के पुत्र हरि कृष्ण शास्त्री यहां से एक बार चुनाव लड़े और जीते, लेकिन फतेहपुर में दो बार सांसद निर्वाचित होने के बाद 1989 में उन्हें हार का सामना करना पड़ा। इतना ही नहीं देश की राजनीति को नई दिशा देने वाले डॉ.राम मनोहर लोहिया, बसपा संस्थापक कांशीराम जैसे नेता भी यहां से चुनाव लड़े, लेकिन कभी नहीं जीते।

लोकसभा जीते लेकिन विधानसभा चुनाव में मिली हार
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य 2014 में भाजपा के टिकट पर फूलपुर से सांसद चुने गए थे। केशव के इस्तीफे के बाद 2018 में हुए उपचुनाव में नागेंद्र पटेल सपा प्रत्याशी के रूप में विजयी हुए। इसके अलावा ये दोनों नेता लोकसभा चुनाव तो नहीं लड़े, लेकिन इन्हें विधानसभा चुनाव में हार मिल चुकी है।

पं.नेहरू समेत तीन नेताओं ने लगाई है हैट्रिक
फूलपुर सीट से पं.जवाहर लाल नेहरू 1952, 1957 और 1962 में लगातार तीन लोकसभा चुनाव में विजयी हुए। इसी सीट से रामपूजन पटेल 1984, 1989 और 1991 में लगातार तीन बार सांसद चुने गए। इनके अलावा पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ.मुरली मनोहर जोशी इलाहाबाद सीट से 1996, 1998 और 1999 में जीत हासिल कर हैट्रिक लगाने में सफल रहे।


विश्वनाथ प्रताप, जनेश्वर मिश्र दोनों सीट से रहे सांसद
पूर्व प्रधानमंत्री विश्वनाथ प्रताप सिंह और जनेश्वर मिश्र ऐसे नेता हैं. जो प्रयागराज की दोनों सीटों फूलपुर एवं इलाहाबाद से सांसद रहे हैं। विश्वनाथ प्रताप सिंह फूलपुर से 1971 जबकि इलाहाबाद सीट से 1980 एवं 1988 में सांसद चुने गए। इसी तरह से जनेश्वर मिश्र फूलपुर से 1969 जबकि इलाहाबाद सीट से 1977 एवं 1989 सांसद चुने गए थे।
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