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संत समाज से बहिष्कृत किए गए चिन्मयानंद

Sat, 21 Sep 2019 11:21 PM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sat, 21 Sep 2019 11:21 PM IST
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Chinmayananda excluded from saint society
स्वामी चिन्मयानंद - फोटो : सोशल मीडिया

दुष्कर्म के आरोपी चिन्मयानंद को अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने संत समाज से बहिष्कृत कर दिया है। हालांकि हरिद्वार में दस अक्तूबर को होने वाली अखाड़ा परिषद की बैठक में विभिन्न अखाड़ों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में इस पर मुहर लगेगी।

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अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि ने कहा है कि एक ओर जहां उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संत समाज का माथा ऊंचा कर रखा है, वहीं स्वामी चिन्मयानंद ने अपने कृत्य से संत समाज को अपमानित किया है। चिन्मयानंद का उक्त कृत्य निंदनीय ही नहीं अक्षम्य भी है। हालांकि वह संत परंपरा से आते हैं, लेकिन उनके कृत्य के बाद उन्हें संत कहने का कोई औचित्य ही नहीं रह जाता है। यह कृत्य संत समाज की प्रतिष्ठा, उसकी छवि और मर्यादा को धूमिल करता है। संत समाज इस घटना से आहत है।
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इसी क्रम में अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद केउपाध्यक्ष और निर्मल पंचायती अखाड़ा के सचिव महंत देवेंद्र सिंह शास्त्री बोले, यह निंदनीय है, ऐसे ही बाबाओं से संत समाज अपमानित हो रहा है, उसकी छवि खराब हो रही है।
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बता दें, बाबा रामरहीम प्रकरण से आहत अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने फर्जी संतों पर नकेल कसने की तैयारी की थी। परिषद का कहना था कि संत-महात्मा, बाबा के नाम पर आमजन की आस्था से खिलवाड़ और संतों की मर्यादा को धूमिल कर रहे तथाकथित बाबाओं को बेनकाब किया जाएगा। परिषद की बैठक के बाद फर्जी महात्माओं की लिस्ट जारी की गई थी। संतों ने यह भी कहा था कि ऐसी घटनाओं से संतों की मर्यादा धूमिल होती है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि तमाम ढोंगी और बहुरूपिये अपने नाम के आगे बाबा या महात्मा लिखकर संत समाज को बदनाम कर रहे हैं।


परिषद का मानना है कि ऐसे मामलों में कड़ा और निर्णायक फैसला लेना जरूरी है। अखाड़ा प्रतिनिधियों से अपने-अपने क्षेत्र में सक्रिय कथित बाबाओं की सूची तैयार करके परिषद के साथ-साथ संबंधित राज्यों के मुख्यमंत्रियों को भी सौंपने को कहा गया था। आम जनमानस को भी ऐसे बाबाओं से दूर  रहने के लिए आगाह किया गया था।

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