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High Court : चीन के नागरिक को नहीं मिली जमानत, हाईकोर्ट ने कहा-देश के आर्थिक हितों के लिए खतरा

Fri, 28 Nov 2025 07:12 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Fri, 28 Nov 2025 07:12 PM IST
सार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि भारत में अवैध रूप से रहने व इलेक्ट्रॉनिक चिप चोरी कर चीन भेजने का गंभीर आरोप है। यह देश के लिए आर्थिक खतरा पैदा करता है।

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Chinese citizen denied bail, High Court said – threat to the economic interests of the country
इलाहाबाद हाईकोर्ट। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि भारत में अवैध रूप से रहने व इलेक्ट्रॉनिक चिप चोरी कर चीन भेजने का गंभीर आरोप है। यह देश के लिए आर्थिक खतरा पैदा करता है। इस टिप्पणी संग न्यायमूर्ति अरुण कुमार सिंह देशवाल की एकल पीठ ने नकली पासपोर्ट और आधार कार्ड बनाने, वीजा में हेराफेरी करने के आरोपी चीन के नागरिक शू फी को जमानत देने से इन्कार कर दिया।

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गौतमबुद्ध नगर के थाना बीटा-2 में 2022 में चीनी नागरिक शू फी उर्फ कोएई के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। नेपाल के रास्ते भारत में घुसते समय पकड़े गए युवक से मिली जानकारी पर याची को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। आरोप है कि उसने लाक्पा शेरपा के नाम से नकली भारतीय पासपोर्ट और आधार कार्ड बनवाया। वीजा की वैधता 2020 से 2022 तक बढ़ाने के लिए जालसाजी की। वहीं, प्राइवेट लिमिटेड कंपनियों के माध्यम से स्क्रैप से चिप और प्रोसेसर निकालकर अवैध रूप से चीन भेजने का काम कर रहा था। उसने हाईकोर्ट में जमानत के लिए अर्जी दायर की।

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कोर्ट ने कहा कि भारत, चीन के बीच मौजूदा तनावपूर्ण संबंध और कोई प्रत्यर्पण संधि न होने के कारण आवेदक के फरार होने का खतरा है। यह भी पाया गया कि एक सह-आरोपी पहले ही देश छोड़कर भाग चुका है। कोर्ट ने कहा कि मामले की डायरी में ऐसा सबूत है, जो दर्शाता है कि आवेदक नकली दस्तावेजों के आधार पर भारत में रह रहा था और अवैध गतिविधियों में शामिल था। अदालत साक्ष्य अधिनियम के तहत भारत और चीन के बीच के तनावपूर्ण संबंधों को नजरअंदाज नहीं कर सकती। याची करीब साढ़े तीन साल से जेल में है। इसलिए ट्रायल को जल्द से जल्द पूरा किया जाए।

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