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गूंजे जयकारे, देवी के द्वारे
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Fri, 29 Sep 2017 02:07 AM IST
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इलाहाबाद
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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शारदीय नवरात्र के आठवें दिन बृहस्पतिवार को भगवती के अष्टम महागौरी स्वरूप की पूजा आराधना की गई। महाष्टमी पर श्रद्धालुओं ने व्रत रखा। भगवती के पूजन के लिए दोपहर तक और शाम को शृंगार दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का जमावड़ा रहा। जयकारों के बीच लोग आधी रात के बाद तक जुटते रहे।
मीरापुर स्थित सिद्धपीठ ललिता देवी मंदिर में भगवती का सफेद और लाल रंग के फूलों से महाशृंगार किया गया। देवी तरह-तरह के आभूषणों से भी सजीं। परिसर में महिलाओं की टोली की ओर से देवीगीतों की धूम रही। मीरापुर हनुमान मंदिर से लेकर मंदिर तक सड़क के दोनों ओर लाल पताके फहराते और देवी गीत गूंजते रहे। रात्रि में भंडारा भी हुआ। समिति अध्यक्ष हरिमोहन वर्मा और महामंत्री धीरज नागर की देखरेख में अनेक श्रद्धालु निशान चढ़ाने भी आए।
चौक गंगादास स्थित शक्तिस्वरूपा मां खेमामाई के पूजन और शृंगार दर्शन को श्रद्धालुओं का आना आधी रात के बाद तक जारी रहा। मुट्ठीगंज कालीबाड़ी में पुष्पांजलि के लिए महिलाएं जुटीं। इसी क्रम में हाईकोर्ट चौराहा स्थित हनुमान मंदिर, अष्टभुजी मंदिर, हनुमत निकेतन के दुर्गा मंदिर, सिद्धेश्वरी गुप्त महापीठ, कर्नलगंज व कटरा कालीबाड़ी, चौफटका, समियामाई आदि मंदिरों में दुर्गा सप्तशती, शतचंडी के पाठ हुए, भगवती का शृंगार किया गया। रामकृष्ण मठ की ओर से अध्यक्ष स्वामी अक्षयानंद की देखरेख में महाअष्टमी पर मंगला आरती के बाद हवन, भजन और फिर प्रवचन के कार्यक्रम हुए। रामनाम संकीर्तन का गायन भी किया गया।
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कल्याणी देवी स्थित भगवती कल्याणी स्वर्ण आभूषणों से सजीं। नवनिर्मित सोने के चेहरे, सीतारामी स्वर्णचक्र मुकुट, सिंह पर सवार हाथ में खड्ग, खप्पर, धनुष, गदा, पद्म धारण हुए भगवती ने भक्तों को दर्शन दिया। काशी के सज्जाकारों सोनूश्रीमाली, ईशू, बबलू, पवन सिंह, बबलू जड़िया आदि ने पूरे गर्भगृह को अद्भुत रूप दिया। पंडित श्यामजी पाठक, सुशील पाठक की देखरेख में महा अभिषेक, महाशतचंडी पाठ भी हुए।
करेली, नयापुरवा स्थित सिद्धपीठ देवी काली के प्राचीन मन्दिर में मंगला आरती के बाद भक्तों के आने का क्रम आरंभ हुआ और सिलसिला देर रात तक जारी रहा। काली का बहुरंगी कपड़ों, गेंदा, गुलाब, सफेद चाँदनी से महाशृंगार किया गया । महिलाओं की टोली ने देवी गीत, छम छम काली निकली, भक्तों का कल्याण करने, माँ की हर बात निराली, सुनाया। श्रद्धालुओं ने भैरव, हनुमान,शीतला, शिव-पार्वती, गणेश, लक्ष्मी सरस्वती, मसुरियन आदि के दर्शन भी किए। प्रधानपुजारी हनुमत पंडा,प्रबंधक सुशील कुमार पंडा की देखरेख में हुए कार्यक्रम में डॉ.सुशील सिन्हा, सुमित श्रीवास्तव, मुकेश साहू, पिन्टू सोनकर, सुनीता, ज्योति, अंजलि, पवन श्रीवास्तव आदि मौजूद थे।
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मीरापुर स्थित सिद्धपीठ ललिता देवी मंदिर में भगवती का सफेद और लाल रंग के फूलों से महाशृंगार किया गया। देवी तरह-तरह के आभूषणों से भी सजीं। परिसर में महिलाओं की टोली की ओर से देवीगीतों की धूम रही। मीरापुर हनुमान मंदिर से लेकर मंदिर तक सड़क के दोनों ओर लाल पताके फहराते और देवी गीत गूंजते रहे। रात्रि में भंडारा भी हुआ। समिति अध्यक्ष हरिमोहन वर्मा और महामंत्री धीरज नागर की देखरेख में अनेक श्रद्धालु निशान चढ़ाने भी आए।
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चौक गंगादास स्थित शक्तिस्वरूपा मां खेमामाई के पूजन और शृंगार दर्शन को श्रद्धालुओं का आना आधी रात के बाद तक जारी रहा। मुट्ठीगंज कालीबाड़ी में पुष्पांजलि के लिए महिलाएं जुटीं। इसी क्रम में हाईकोर्ट चौराहा स्थित हनुमान मंदिर, अष्टभुजी मंदिर, हनुमत निकेतन के दुर्गा मंदिर, सिद्धेश्वरी गुप्त महापीठ, कर्नलगंज व कटरा कालीबाड़ी, चौफटका, समियामाई आदि मंदिरों में दुर्गा सप्तशती, शतचंडी के पाठ हुए, भगवती का शृंगार किया गया। रामकृष्ण मठ की ओर से अध्यक्ष स्वामी अक्षयानंद की देखरेख में महाअष्टमी पर मंगला आरती के बाद हवन, भजन और फिर प्रवचन के कार्यक्रम हुए। रामनाम संकीर्तन का गायन भी किया गया।
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कल्याणी देवी स्थित भगवती कल्याणी स्वर्ण आभूषणों से सजीं। नवनिर्मित सोने के चेहरे, सीतारामी स्वर्णचक्र मुकुट, सिंह पर सवार हाथ में खड्ग, खप्पर, धनुष, गदा, पद्म धारण हुए भगवती ने भक्तों को दर्शन दिया। काशी के सज्जाकारों सोनूश्रीमाली, ईशू, बबलू, पवन सिंह, बबलू जड़िया आदि ने पूरे गर्भगृह को अद्भुत रूप दिया। पंडित श्यामजी पाठक, सुशील पाठक की देखरेख में महा अभिषेक, महाशतचंडी पाठ भी हुए।
करेली, नयापुरवा स्थित सिद्धपीठ देवी काली के प्राचीन मन्दिर में मंगला आरती के बाद भक्तों के आने का क्रम आरंभ हुआ और सिलसिला देर रात तक जारी रहा। काली का बहुरंगी कपड़ों, गेंदा, गुलाब, सफेद चाँदनी से महाशृंगार किया गया । महिलाओं की टोली ने देवी गीत, छम छम काली निकली, भक्तों का कल्याण करने, माँ की हर बात निराली, सुनाया। श्रद्धालुओं ने भैरव, हनुमान,शीतला, शिव-पार्वती, गणेश, लक्ष्मी सरस्वती, मसुरियन आदि के दर्शन भी किए। प्रधानपुजारी हनुमत पंडा,प्रबंधक सुशील कुमार पंडा की देखरेख में हुए कार्यक्रम में डॉ.सुशील सिन्हा, सुमित श्रीवास्तव, मुकेश साहू, पिन्टू सोनकर, सुनीता, ज्योति, अंजलि, पवन श्रीवास्तव आदि मौजूद थे।