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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Chaitra Navratri 2024: Maa Durga will come in Revati Nakshatra

Chaitra Navratri 2024 : रेवती नक्षत्र में आएंगी मां दुर्गा, अमृत सिद्धि योग में होगी सुख-शांति की वर्षा

Mon, 08 Apr 2024 06:32 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Mon, 08 Apr 2024 06:32 PM IST
सार

मंगलवार को शुरू हो रहा नवरात्र इस बार कई मायनो में बेहद खास है। महाशक्ति की आराधना के इस महापर्व का शुभारंभ रेवती नक्षत्र में होगा। इस दौरान अमृत सिद्धि योग सुख-समृद्धि का सूचक बनेगा। ऐसे में नवरात्र और नव संवत का आरंभ हर किसी के लिए शुभदायी माना जा रहा है। देवी मंदिरों में साफ-सफाई और सजावट चल रही है। नौ दिन तक नौ रूपों में मां का विशेष श्रंगार किया जाएगा। 

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Chaitra Navratri 2024: Maa Durga will come in Revati Nakshatra
चैत्र नवरात्रि के लिए शक्तिपीठ अलोपी देवी मंदिर को सजाया गया है। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

वासंतिक नवरात्र इस बार पूरे नौ दिन का होगा। नौ अप्रैल रेवती नक्षत्र और अमृत सिद्धि योग में नवरात्रि आरंभ होगा। इसी के साथ नौ दिन में कई दुर्लभ योग मिलेंगे। इस नवरात्र सुख-शांति और समृद्धि का प्रदाता होगा।

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इस बार मंगलवार को शुरू हो रहे वासंतिक नवरात्र में देवी का आगमन भक्तों के कल्याण के लिए रेवती नक्षत्र में होगा। इस दौरान अमृत सिद्धि योग सुख-समृद्धि का सूचक बनेगा। ऐसे में नवरात्र और नव संवत का आरंभ हर किसी के लिए शुभदायी माना जा रहा है। खास बात यह है कि इस बार पिंगल नामक नव संवत्सर-2081 के राजा मंगल और मंत्री शनि होंगे। इस वर्ष मंगलवार को नवरात्र आरंभ हो रहा है, इसलिए मां दुर्गा घोड़े पर सवार होकर भक्तों के द्वार पर पधारेंगी।
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वासंतिक नवरात्रि के अनुष्ठान मंगलवार की सुबह आरंभ होंगे। इस बार सनतनधर्मी परिवारों में घर-घर कलश स्थापना की तैयारी की गई है। कलश, नारियल और अन्य पूजन सामग्री जुटाई जा रही है। सूर्योदय के साथ ही ब्रह्म मुहूर्त में ही कलश स्थापना कर दुर्गा सप्तशती और दुर्गा चालीसा पाठ आरंभ हो जाएंगे। इसके लिए घरों में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।

विधि-विधान से होगी कलश की स्थापना

मंदिरों से लेकर घरों तक सविधि मंत्रों से मां का आह्वान कर कलश स्थापना की जाएगी। इसके साथ ही पुष्प, सुगंध और माला अर्पित कर मां का ध्यान किया जाएगा। ज्योतिषाचार्य डॉ. ब्रजेंद्र मिश्र के मुताबिक इस बार मां दुर्गा की की आराधना से भक्तों के हर मनोरथ पूरे होंगे। सुख-समृद्धि की प्राप्ति के योग हैं।

इस नवरात्र में भक्तों को अपनी क्षमता के अनुसार मां को पुष्प, फल और उनके प्रिय भोग अर्पित कर आराधना करनी चाहिए। किसी भी तरह के भय से मुक्ति के लिए दुर्गा सप्तशती के पाठ और अखंड दीप जलाकर कर मां का ध्यान करना फलदायी रहेगा। पालनहारिणी मां दुर्गा की नौ दिवसीय उपासना के फलित इस बार शुभ और मंगलकारी हैं।

कलश स्थापना ऐसे करें:

सुबह उठकर स्नान कर स्वच्छ कपड़े धारण करें। फिर वेदी सजाकर मां को लाल वस्त्र के आसन पर विराजित कराएं। मां को वस्त्र धारण कराने के बाद अक्षत, पुष्प, धूप, दीप, नैवेद्य और पुष्पांजलि से उनका आह्वान करें। सबसे पहले गौरी,गणेश और नवग्रह की पूजा कर मां का आह्वान कर कलश स्थापना करनी चाहिए। कलश स्थापना के लिए मिट्टी की वेदियां बनाकर जौ की बोवाई करनी चाहिए। इसके बाद अखंड दीप जलाकर दुर्गा शप्तसती का पाठ आरंभ करें।

कलश स्थापना मुहूर्त:

कलश स्थापना के लिए मंगलवार को सबसे अच्छा समय सुबह ब्रह्म मुहूर्त में प्रात: 04: 31 बजे से 05: 17 बजे तक है।

इसके बाद मेष लग्न में सूर्योदय से 7:32 बजे तक ।

अभिजीत मूहुर्त- 11: 57 से 12:48 बजे तक।

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