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सीबीएसई स्कूल के बच्चे बनाएंगे रोबोट
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Fri, 29 Jul 2016 01:11 AM IST
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रोबोट
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सीबीएसई स्कूलों के छात्र-छात्राएं अब रोबोट बनाना सीखेंगे। बोर्ड की ओर से स्कूलों में वर्ल्ड रोबोट ओलंपियाड का आयोजन किया जाएगा। सीबीएसई की ओर से इंटरनेशनल रोबोटिक्स कम्पटीशन का आयोजन दिल्ली में कराया जाएगा। इसमें 400 से अधिक टीमें भाग लेंगी। बोर्ड की ओर से स्कूलों के नाम भेजे गए निर्देश में कहा गया है कि वह विज्ञान शिक्षकों को बच्चों को रोबोट तैयार करने एवं उससे जुड़ी जानकारी दें। रोबोट की जानकारी देने की प्रक्रिया स्कूली शिक्षकों को इंटरनेट के जरिए सीखकर बच्चों को देनी होगी।
रोबोटिक्स प्राथमिक से लेकर सेकेंडरी स्तर के बच्चों को अनिवार्य होगी। बोर्ड की ओर से 26 सितंबर को रीजनल रोबोटिक्स प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। इसमें चुने गए बच्चे अक्तूबर में होने वाली अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता में भाग लेंगे। दिल्ली में वर्ल्ड रोबोट ओलंपियाड का आयोजन इंडिया स्टेम फाउंडेशन (आईएसएफ), नेशनल काउंसिल ऑफ साइंस म्यूजियम संस्कृति मंत्रालय संयुक्त रूप से करेंगे। 21वीं सदी में विज्ञान युग में रोबोट एक आधुनिक विधा है, स्कूलों के विज्ञानशिक्षकों को इस विषय पर गंभीरता से काम करने को कहा गया है।
सीबीएसई की सहायक निदेशक सुगंध शर्मा का कहना है कि बोर्ड की ओर से स्कूलों को इंटरनेट से जानकारी लेकर बच्चों को रोबोट की जानकारी देेने को कहा गया है। सीबीएसई की सहायक निदेशक का कहना है कि इस अनोखी पहल से हमारे विद्यार्थी लाभान्वित होंगे। इससे भारतीय छात्र अंतर्राष्ट्रीय स्तर की टीम के साथ मिलकर रोबोटिक्स विधा के बारे में जान सकेंगे। वर्ल्ड रोबोट ओलंपियाड के दौरान बच्चों को विश्व स्तर के विशेषज्ञों के अनुभव का लाभ मिलेगा। इस दौरान बच्चे साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और मैथ (एसटीईएम) के बारे में सही माहौल पाने में सफल होंगे। इससे बच्चों में क्रियेटिव थिंकिंग, प्रॉब्लम सॉल्विंग स्किल का विकास होगा। यह युवा बच्चों के लिए सही प्लेटफार्म साबित होगा।
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रोबोटिक्स प्राथमिक से लेकर सेकेंडरी स्तर के बच्चों को अनिवार्य होगी। बोर्ड की ओर से 26 सितंबर को रीजनल रोबोटिक्स प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। इसमें चुने गए बच्चे अक्तूबर में होने वाली अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता में भाग लेंगे। दिल्ली में वर्ल्ड रोबोट ओलंपियाड का आयोजन इंडिया स्टेम फाउंडेशन (आईएसएफ), नेशनल काउंसिल ऑफ साइंस म्यूजियम संस्कृति मंत्रालय संयुक्त रूप से करेंगे। 21वीं सदी में विज्ञान युग में रोबोट एक आधुनिक विधा है, स्कूलों के विज्ञानशिक्षकों को इस विषय पर गंभीरता से काम करने को कहा गया है।
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सीबीएसई की सहायक निदेशक सुगंध शर्मा का कहना है कि बोर्ड की ओर से स्कूलों को इंटरनेट से जानकारी लेकर बच्चों को रोबोट की जानकारी देेने को कहा गया है। सीबीएसई की सहायक निदेशक का कहना है कि इस अनोखी पहल से हमारे विद्यार्थी लाभान्वित होंगे। इससे भारतीय छात्र अंतर्राष्ट्रीय स्तर की टीम के साथ मिलकर रोबोटिक्स विधा के बारे में जान सकेंगे। वर्ल्ड रोबोट ओलंपियाड के दौरान बच्चों को विश्व स्तर के विशेषज्ञों के अनुभव का लाभ मिलेगा। इस दौरान बच्चे साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और मैथ (एसटीईएम) के बारे में सही माहौल पाने में सफल होंगे। इससे बच्चों में क्रियेटिव थिंकिंग, प्रॉब्लम सॉल्विंग स्किल का विकास होगा। यह युवा बच्चों के लिए सही प्लेटफार्म साबित होगा।
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