{"_id":"5a91c6fd4f1c1b2d068b879e","slug":"cbi-will-return-with-concrete-proofs","type":"story","status":"publish","title_hn":"ठोस सबूतों के साथ लौटेगी सीबीआई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ठोस सबूतों के साथ लौटेगी सीबीआई
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Sun, 25 Feb 2018 01:45 AM IST
विज्ञापन
uppsc
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सीबीआई की टीम उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के सभी कंप्यूटरों से महत्वपूर्ण डाटा प्राप्त कर चुकी है। टीम अब दिल्ली लौट गई है लेकिन सूत्रों का कहना है कि 10 से 15 दिनों के भीतर सीबीआई टीम फिर इलाहाबाद लौटेगी। सूत्रों के मुताबिक आयोग के कंप्यूटरों से मिले डाटा का सीबीआई ने विश्लेषण शुरू कर दिया है। इसके साथ ही आयोग से जो दस्तावेज जब्त किए गए हैं, उनका और कंप्यूटर से प्राप्त संदिग्ध डाटा का मिलान भी शुरू कर दिया गया है। माना जा रहा है कि इस मिलान के दौरान कई विसंगतियां सामने आ सकती हैं और उन्हीं के आधार पर सीबीआई की टीम अपनी जांच को आगे बढ़ाएगी। सीबीआई ने आयोग के कुछ कर्मचारियों को भी चिह्नित किया है, जो पूर्व अध्यक्ष अनिल यादव के कार्यकाल में ज्यादा सक्रिय थे और इसकी शिकायतें भी सबसे अधिक आई हैं।
सीबीआई की टीम अब उन कर्मचारियों से पूछताछ की तैयारी में है। सीबीआई की इस कार्रवाई से उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग में खलबली मची हुई है। सीबीआई की टीम ने आयोग के गोपनीय विभाग के कंप्यूटरों से भी कई सबूत प्राप्त किए हैं, जो भर्ती परीक्षा में धांधली की ओर इशारा कर रहे हैं।
सीबीआई के गोविंदपुर स्थित कैंप कार्यालय में शनिवार को भी शिकायतकर्ताओं की लाइन लगी रही। उन्होंने सीबीआई अफसरों को अलग-अलग भर्ती परीक्षाओं में हुई गड़बड़ी से संबंधित साक्ष्य भी दिए। अभ्यर्थियों की ओर से उपलब्ध कराए गए सभी साक्ष्य दिल्ली स्थित सीबीआई मुख्यालय भेजे जा रहे हैं।
विज्ञापन
लोअर सबआर्डिनेट 2008 पर अनूप सिंह ने सीबीआई टीम को शनिवार सुबह बड़े साक्ष्य सौंपे। उनका भूगोल और समाजशास्त्र विषय था। साक्ष्य में उन्होंने सिद्ध किया है कि भूगोल में सभी सफल अभ्यर्थियों के अंक बढ़ाए गए जबकि उनके 12 अंक कम कर दिए गए। उन्होंने इंटरव्यू में भी 20 अंक घटाने का आरोप लगाया है। समीक्षा अधिकारी 2014 में एक अंक से चयन से वंचित बागपत की अंकिता पांडेय शनिवार को सीबीआई के गोविंदपुर स्थित कार्यालय में शिकायत करने पहुंची। यहां सीबीआई के एसपी के न मिलने पर अंकिता ने अब दिल्ली जाकर अफसरों को साक्ष्य देने का निर्णय लिया है। अंकिता ने बताया कि उन्हें सामान्य अध्ययन में किए गए प्रश्नों से 20 अंक कम मिले। लोक सेवा आयोग से आरटीआई के जरिए ओएमआर शीट दिखाने को कहा गया तो वहां से इंकार कर दिया गया।
शनिवार को दोपहर 12 बजे तक की शिकायत ली गई लेकिन उसके बाद भी काफी अभ्यर्थी शिकायत लेकर कैंप कार्यालय पहुंचे। उन्हीं में कृषि सहायक वर्ग से दिव्यांग अभ्यर्थी बस्ती के मनोज प्रजापति भी शामिल थे, जो सीबीआई को साक्ष्य देने पहुंचे थे लेकिन अफसरों से मुलाकात नहीं हो सकी। मनोज का कहना है कि उनका दिव्यांग वर्ग के कटऑफ से 90 अंक ज्यादा है। वे जिस वर्ग से दिव्यांग हैं, उसकी सीट भी थी जो आरटीआई से मनोज ने प्राप्त की है। बावजूद इसके उनका चयन नहीं हुआ। इसके अलावा कई अभ्यर्थी स्त्री तथा प्रसूति रोग विशषज्ञ भर्ती में गड़बड़ी की भी शिकायत लेकर पहुंचे। कुछ लोगों ने बंद लिफाफे में शिकायत कैंप कार्यालय में सौंपी।
विज्ञापन
सीबीआई की टीम अब उन कर्मचारियों से पूछताछ की तैयारी में है। सीबीआई की इस कार्रवाई से उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग में खलबली मची हुई है। सीबीआई की टीम ने आयोग के गोपनीय विभाग के कंप्यूटरों से भी कई सबूत प्राप्त किए हैं, जो भर्ती परीक्षा में धांधली की ओर इशारा कर रहे हैं।
विज्ञापन
सीबीआई के गोविंदपुर स्थित कैंप कार्यालय में शनिवार को भी शिकायतकर्ताओं की लाइन लगी रही। उन्होंने सीबीआई अफसरों को अलग-अलग भर्ती परीक्षाओं में हुई गड़बड़ी से संबंधित साक्ष्य भी दिए। अभ्यर्थियों की ओर से उपलब्ध कराए गए सभी साक्ष्य दिल्ली स्थित सीबीआई मुख्यालय भेजे जा रहे हैं।
विज्ञापन
लोअर सबआर्डिनेट 2008 पर अनूप सिंह ने सीबीआई टीम को शनिवार सुबह बड़े साक्ष्य सौंपे। उनका भूगोल और समाजशास्त्र विषय था। साक्ष्य में उन्होंने सिद्ध किया है कि भूगोल में सभी सफल अभ्यर्थियों के अंक बढ़ाए गए जबकि उनके 12 अंक कम कर दिए गए। उन्होंने इंटरव्यू में भी 20 अंक घटाने का आरोप लगाया है। समीक्षा अधिकारी 2014 में एक अंक से चयन से वंचित बागपत की अंकिता पांडेय शनिवार को सीबीआई के गोविंदपुर स्थित कार्यालय में शिकायत करने पहुंची। यहां सीबीआई के एसपी के न मिलने पर अंकिता ने अब दिल्ली जाकर अफसरों को साक्ष्य देने का निर्णय लिया है। अंकिता ने बताया कि उन्हें सामान्य अध्ययन में किए गए प्रश्नों से 20 अंक कम मिले। लोक सेवा आयोग से आरटीआई के जरिए ओएमआर शीट दिखाने को कहा गया तो वहां से इंकार कर दिया गया।
शनिवार को दोपहर 12 बजे तक की शिकायत ली गई लेकिन उसके बाद भी काफी अभ्यर्थी शिकायत लेकर कैंप कार्यालय पहुंचे। उन्हीं में कृषि सहायक वर्ग से दिव्यांग अभ्यर्थी बस्ती के मनोज प्रजापति भी शामिल थे, जो सीबीआई को साक्ष्य देने पहुंचे थे लेकिन अफसरों से मुलाकात नहीं हो सकी। मनोज का कहना है कि उनका दिव्यांग वर्ग के कटऑफ से 90 अंक ज्यादा है। वे जिस वर्ग से दिव्यांग हैं, उसकी सीट भी थी जो आरटीआई से मनोज ने प्राप्त की है। बावजूद इसके उनका चयन नहीं हुआ। इसके अलावा कई अभ्यर्थी स्त्री तथा प्रसूति रोग विशषज्ञ भर्ती में गड़बड़ी की भी शिकायत लेकर पहुंचे। कुछ लोगों ने बंद लिफाफे में शिकायत कैंप कार्यालय में सौंपी।