यूपीपीएससीः गृह मंत्रालय पहुंचा सीबीआई जांच में देरी का मामला
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उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) की परीक्षाओं की सीबीआई जांच शुरू हुए ढाई साल पूरे हो चुके हैं, लेकिन अब तक सीबीआई की ओर से ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। इनमें से दो भर्ती परीक्षाओं में सीबीआई जांच में देरी के मामले में एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह ने केंद्रीय गृह मंत्रालय में शिकायत दर्ज कराई है और अब मंत्रालय की ओर से जवाब दिया गया है कि यह मामला केंद्रीय कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) से संबंधित है, इसलिए डीओपीटी को पत्र भेजकर कहा गया है कि अब तक हुई कार्रवाई से एमएलसी को अवगत कराया जाए।
ढाई साल में सीबीआई ने पीसीएस-2015 में गड़बड़ी पाए जाने पर केवल मुकदमा दर्ज किया है और वह भी आयोग के अज्ञात अफसरों और बाहरी अज्ञात लोगों के खिलाफ है। इसके अलावा सीबीआई को एपीएस-2010 की भर्ती में धांधली के सुराग मिले थे, जिसके आधार पर इस भर्ती की जांच के लिए सीबीआई ने सरकार से विशेष अनुमति ली थी।
दोनों ही मामलों में सीबीआई ने अब तक किसी के खिलाफ कार्रवाई नहीं की है, जबकि आयोग के तमाम वर्तमान एवं पूर्व अफसरों के साथ इन परीक्षाओं के चयनित अभ्यर्थियों से पूछताछ की जा चुकी है। साथ ही परीक्षाओं से संबंधित सभी दस्तावेज खंगाले जा चुके हैं। सीबीआई जांच में देरी के मामले में प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति के मीडिया प्रभारी अवनीश पांडेय ने भी हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर रखी है। कोर्ट ने सीबीआई से जवाब मांगा है।
लॉक डाउन से पहले सीबीआई जांच में अचानक तेजी आई थी और आयोग के एक पूर्व सचिव से कई दिनों तक सीबीआई ने पूछताछ भी की थी लेकिन लॉक डाउन घोषित होते ही सीबीआई जांच फिर धीमी हो गई है।