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एपीएस भर्ती-2010 की सीबीआई जांच अटकी, आयोग कर्मियों के खिलाफ सीबीआई को नहीं मिली अभियोजन की स्वीकृति

Wed, 03 Aug 2022 01:27 AM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Wed, 03 Aug 2022 01:27 AM IST
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CBI investigation of APS Recruitment-2010 stuck, CBI did not get approval for prosecution against commission personnel
अपर निजी सचिव (एपीएस) भर्ती-2010 में हुई धांधली के मामले में उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) के कुछ कर्मचारियों के खिलाफ अभियोजन की स्वीकृति न मिलने से पूरी जांच अटकी हुई है। इस मसले पर प्रतियोगी छात्रों ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर मांग की है कि सीबीआई को अभियोजन की स्वीकृति दी जाए।
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एपीएस भर्ती-2010 में धांधली के सुबूत मिलने के बाद सीबीआई ने चार अगस्त 2021 को एफआईआर दर्ज की थी। एफआईआर में पूर्व परीक्षा नियंत्रक प्रभुनाथ को नामजद किया गया था। सीबीआई ने जांच को आगे बढ़ाते हुए दोषियों पर कार्रवाई के लिए आयोग के कुछ कर्मचारियों के खिलाफ अभियोजन की स्वीकृति मांगी थी, जो अब तक नहीं मिली।
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प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति के अध्यक्ष अवनीश पांडेय का कहना है कि उनकी शिकायत के आधार पर पर केंद्रीय सतर्कता आयोग, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग और राज्य मानवाधिकार आयोग ने आयोग के सचिव को अभियोजन स्वीकृति देने के तमाम निर्देश दिए हैं, लेकिन ऐसे संदिग्ध कर्मचारियों पर कार्रवाई की जगह उनसे परीक्षा संबंधी कार्य लिए जा रहे हैं। इस मामले में सीबीआई के निदेशक को भी पत्र लिखकर मांग की गई है कि अभियोजन की स्वीकृति न देने वाले अफसरों को भी सीबीआई जांच के दायरे में लाया जाए।
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