Prayagraj : सीबीआई फिर पहुंची, सामूहिक दुष्कर्म में नामजद महिला के घर पर छापा
सीबीआई की टीम एक दिन पहले बैंक में पहुंची थी और कथित दुष्कर्म पीड़िता के खाते में हुए लेनदेन का ब्यौरा एकत्र किया था। मंगलवार दोपहर फिर सीबीआई की टीम मऊआइमा पहुंची। इसके बाद टीम तिलई घीनपुर स्थित कथित पीड़िता के घर पहुंची और उससे पूछताछ की।
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इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश पर दुष्कर्म के आरोप में फर्जी केस लिखाकर ब्लैकमेल करने के मामलों की जांच के क्रम में मंगलवार को सीबीआई फिर मऊआइमा पहुंची। सीबीआई ने तिलई घीनपुर निवासी कथित दुष्कर्म पीड़िता से पूछताछ की। साथ ही इस मामले में नामजद महिला महिला के घर भी पहुंची। वहां ताला लगा मिलने पर पड़ोसियों से पूछताछ की। साथ ही बैंक ऑफ बड़ौदा में दोबारा जाकर जानकारी जुटाई।
बता दें कि सीबीआई की टीम एक दिन पहले बैंक में पहुंची थी और कथित दुष्कर्म पीड़िता के खाते में हुए लेनदेन का ब्यौरा एकत्र किया था। मंगलवार दोपहर फिर सीबीआई की टीम मऊआइमा पहुंची। इसके बाद टीम तिलई घीनपुर स्थित कथित पीड़िता के घर पहुंची और उससे पूछताछ की। सूत्रों के मुताबिक, सीबीआई ने उसके खाते में हुए लेनदेन के बाबत उससे सवाल पूछे। करीब घंटे भर से ज्यादा चली पूछताछ के बाद सीबीआई टीम इस मामले में नामजद मोहन का पूरा घीनपुर निवासी महिला के घर पहुंची।
हालांकि उसके घर पर ताला लगा मिला। आसपास के लोगों से जानकारी की गई तो पता चला कि वह वाराणसी में अपने बेटे के पास गई है। इसके बाद सीबीआई ने उसके पड़ोसियों से पूछताछ की। उनका नाम दर्ज किया और आधार कार्ड की छायाप्रति भी ली। वहां से सीबीआई टीम तिलई बाजार स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा में दोबारा पहुंची और दुष्कर्म का आरोप लगाने वाली महिला के खाते का विवरण खंगाला। करीब आधे घंटे तक बैंक में रहने के बाद वापस चली गई।
सीबीआई चार, एसआईटी आठ मामलों की जांच में जुटी
दुष्कर्म के फर्जी मुकदमों में फंसाकर ब्लैकमेलिंग करने के आरोपों पर प्रयागराज में दर्ज कुल 12 मामलों की जांच की जा रही है। इनमें से चार मुकदमों की जांच सीबीआई लखनऊ की स्पेशल क्राइम ब्रांच जबकि आठ मामलों की जांच एसआईटी कर रही है।
सीबीआई लखनऊ की स्पेशल क्राइम ब्रांच ने इन मुकदमों में एफआईआर भी पंजीकृत की है। इसमें मऊआइमा थाने में वर्ष 2019, दारागंज थाने में वर्ष 2021 और शिवकुटी थाने में वर्ष 2016 में दर्ज कराए गए के दुष्कर्म और एससी-एसटी से संबंधित केस के अलावा एक अन्य मामला शामिल है। इन मुकदमों में अभियुक्तों को फर्जी फंसाने का आरोप है ऐसे में सीबीआई की ओर से विवेचना कर प्रामाणिकता की जांच की जा रही है।
ऐसे सामने आया था पूरा मामला
दुष्कर्म से संबंधित एक मुकदमे के शीघ्र निस्तारण का आदेश देने के लिए एक कथित पीड़िता ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। इस मुकदमे में अभियुक्त बनाए गए अधिवक्ता ने ऐसे 51 मुकदमों की सूची हाईकोर्ट को सौंपी। कोर्ट को बताया कि प्रयागराज में गैंग सक्रिय है, जिसमें कुछ महिलाएं और वकील शामिल हैं।
यह गैंग महिलाओं के जरिए निर्दोष लोगों के खिलाफ फर्जी मुकदमे दर्ज कराता है और फिर ब्लैकमेल करते हुए मुकदमा वापस लेने के नाम पर मोटी रकम की मांग करता है। अभियुक्त के अधिवक्ता को भी धमकाया जाता है कि वह मुकदमे में पैरवी न करे। यदि वकील मना करता है तो उसके खिलाफ भी दुष्कर्म व एससी-एसटी का मुकदमा दर्ज करा दिया जाता है। इसके बाद हाईकोर्ट ने सीबीआई को प्रारंभिक जांच करके रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया था।