भाई को गोली मारने का मामला : मां ने कहा कि गोली नहीं सरिया लगी है, इंस्पेक्टर पिता बोले - गलती हो गई, जाने दीजिए
इकलौते बेटे अमरेंद्र सिंह के शरीर पर तीन-तीन गोलियां उतराने वाली नाबालिग बेटी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने परिवार का कोई सदस्य सामने नहीं आया। पुलिस की लाख कोशिशों के बावजूद जब परिजन सामने नहीं आए तो इंस्पेक्टर नैनी जीतेंद्र सिंह को खुद मुकदमा वादी बने।
बेटी को बचाने के लिए परिवार ने हर पैतरा अपनाया, लेकिन फिलहाल पुलिस ने परिवार के हर पैतरे को काटकर किशोरी की गिरफ्तारी दिखा दी। मसलन बुधवार को सुबह इंस्पेक्टर सभाजीत सिंह की पत्नी सुभद्रा सिंह ने कहा कि उनके बेटे को गोली नहीं मारी गई, उसे सरिया लगी है। फिर पिता ने कहा कि गलती हो गई साहब जाने दीजिए, लेकिन पुलिस ने सीधे एफआईआर दर्ज की है।