जनरेटर में बाल फंसने का मामला : होश में आई गुंजा बोली, लगा पीछे से कोई तेजी से खींच रहा, फिर कुछ याद नहीं
हादसे का शिकार होने के तकरीबन 12 घंटे बाद मंगलवार की सुबह दस बजे गुंजा होश में आई। वह सभी को पहचान रही है और थोड़ा बहुत बात भी कर ले रही है। उसने बताया कि चचेेेरे भाई के घर से जा रहे निशान में वह भी गांव की अन्य युवतियों के साथ डीजे पर डांस कर रही थी। तभी ऐसा लगा जैसे किसी ने बड़ी तेजी से उसके बाल पीछे से पकड़कर खींचे हों।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
डीजे की धुन पर डांस करते वक्त जनरेटर के पंखे में बाल फंसने से हादसे का शिकार हुई हाईस्कूल की छात्रा गुंजा को 12 घंटे बाद मंगलवार की सुबह करीब दस बजे होश आया। सबसे पहले उसने अपनी मां को याद किया। इस पर मां मंजू देवी भागती-दौड़ती आईसीयू में गईं और बेटी को जख्मी हालत में देखकर बिलख पड़ीं। अस्पताल के चिकित्सकों के मुताबिक गुंजा अब खतरे से बाहर है। उधर, पैसों के अभाव में उसके सिर का सीटी स्कैन नहीं हो पाया। सोमवार की सुबह गुंजा के बाल चमड़ी समेत उखड़ गए थे। आपरेशन के दौरान उसके सिर में 700 टांके लगे थे।
हादसे का शिकार होने के तकरीबन 12 घंटे बाद मंगलवार की सुबह दस बजे गुंजा होश में आई। वह सभी को पहचान रही है और थोड़ा बहुत बात भी कर ले रही है। उसने बताया कि चचेेेरे भाई के घर से जा रहे निशान में वह भी गांव की अन्य युवतियों के साथ डीजे पर डांस कर रही थी। तभी ऐसा लगा जैसे किसी ने बड़ी तेजी से उसके बाल पीछे से पकड़कर खींचे हों। इसके बाद क्या हुआ, उसे कुछ भी याद नहीं। होश आया तो उसने अपने आपको इस हालत में अस्पताल में पाया।
फिलहाल चिकित्सकों ने उसे ज्यादा बोलने से मना किया है। हादसे में गुंजा के बाल चमड़ी समेत उखड़ गए थे। खून से लथपथ गुंजा को गंभीर हालत में परिजनों ने हनुमानगंज के बीकापुर गांव स्थित निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। तकरीबन तीन घंटे तक चले आपरेशन के बाद डॉ. लाल रत्नाकर तथा डॉ. अंजलि ने उसकी जान बचाई। आपरेशन के दौरान गुंजा के सिर में 700 से अधिक टांके लगे हैं। मंगलवार को गुंजा के सिर का सीटी स्कैन होना था लेकिन पैसे का इंतजाम न हो पाने के कारण नहीं हो सका। परिजन दिनभर पैसे के इंतजाम में लगे रहे।
सिर से आंख और गर्दन के पीछे तक का खाल गई है उखड़
जनरेटर के पंखे में बाल फंसने के कारण हाईस्कूल की छात्रा गुंजा के सिर के बालों के अलावा माथे और गर्दन के कुछ हिस्से की भी खाल उखड़ गई है। आंख की बरौनी तक की खाल उखड़ गई है। गुंजा का आपरेशन करने वाले चिकित्सक डॉ. लाल रत्नाकर और डॉ. अंजलि ने बताया कि खून से लथपथ तथा चमड़ी समेत बाल उखड़े देख कुछ देेर के लिए वे भी ठिठक गए थे। बताया कि उन्होंने पहला ऐसा केस देखा। उसे आईसीयू से वार्ड में शिफ्ट करने में अभी एक सप्ताह का समय लग सकता है।
डॉ. रत्नाकर का कहना है कि सबसे बड़ी चुनौती किशोरी के सिर की खाल को फिर से जुड़ने की है। यह सब पांंच से छह महीने बाद ही पता चल सकेगा। इसके साथ ही बीच में संक्रमण फैलने का भी खतरा है। घाव के सूखने के बाद भी सिर पर बाल नहींं आते हैं तो प्लास्टिक सर्जरी ही एकमात्र विकल्प है।
28 मई को गुंजा की बड़ी बहन पुष्पा का होना है विवाह
सैदाबाद के ढोकरी गांव के जालिमपुर मजरा निवासी के पांच बच्चे हैं। सबसे बड़ी बेटी चंदा का विवाह हो चुका है। दूसरी बेटी पुष्पा का विवाह इसी महीने की 28 तारीख होना है। पुष्पा के बाद बेटे विशाल और कलेक्टर हैं। सबसे छोटी गुंजा है। घर में खुशियों का माहौल था। परिवार के लोग शादी की तैयारियों में जुटे हुए थे। तभी सोमवार की सुबह हुई घटना से परिजनों पर मुसीबतों का पहाड़ गिर पड़ा।
सीटी स्कैन के नहीं हैं पैसे, लेना पड़ रहा है कर्ज
हाईस्कूल की छात्रा गुंजा के घर की आर्थिक हालत बेहद खराब है। पिता रामफल रोजाना मजदूरी करने जाते हैं तो दो वक्त की रोटी का जुगाड़ हो पाता है। रामफल के पास इतने भी पैसे नहीं है कि वह बेटी का बड़े अस्पताल में उपचार करा सकें। मंगलवार को डॉक्टर ने बिटिया गुंजा के सिर का सीटी स्कैन कराने के लिए कहा था लेकिन पैसे का इंतजाम न हो पाने के कारण नहीं हो पाया। रामफल ने बताया कि बेटे विशाल और कलेक्टर को कर्ज मांगने के लिए रिश्तेदारों के पास भेजा है।
पैसा आ जाए तो बिटिया का सीटी स्कैन कराया जाए। रामफल ने बताया कि उसका आयुष्मान कार्ड बना है। साथ ही सफेद कार्ड से सरकारी कोटे की दुकान से राशन भी मिल जाता है। गुंजा के उपचार के लिए आर्थिक मदद की जरूरत है। हालांकि बिटिया के उपचार में गामा चिकित्सा संस्थान भी उसकी मदद कर रहा है। संचालक डॉ. एसएन यादव का कहना है कि पैसे में अभाव में गुंजा का उपचार प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा। सीटी स्कैन की सुविधा हमारे अस्पताल में नहीं है।
होने वाले ससुराली बोले, पहले कराएं उपचार, नहीं करें शादी की चिंता
गुंजा की बड़ी बहन पुष्पा के होने वाले ससुराली भी परिजनों की मदद को आगे आए हैं। पुष्पा का विवाह धुनूपुर में तय हुआ है। 28 मई को उसकी बारात आनी है। पुष्पा के होने वाले ससुरालियों को घटना की जानकारी मिली तो वे भी मदद के लिए आगे आ गए। गुंजा के पिता रामफल से बोले कि आप लोग शादी की बिल्कुल चिंता न करें। पहले बेटी का इलाज कराएं।