फर्जी तरीके से जेल भेजना पड़ा भारी : इंस्पेक्टर-दरोगा समेत सात पर चलेगा जालसाजी का केस
मामले का खुलासा पांच दिन पहले हुआ था, जिसमें यह बात सामने आई थी कि गयासुद्दीनपुर, धूमनगंज निवासी संतोष रावत को शिवकुटी पुलिस ने चेन लूट के मामले में फर्जी तरीके से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
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शिवकुटी थाने में दर्ज चेन लूट के मुकदमे में फर्जी तरीके से युवक को जेल भेजने के मामले में इंस्पेक्टर समेत सात पुलिसकर्मियों पर मुकदमा दर्ज होगा। इसमें मुकदमे के विवेचक के अलावा कर्नलगंज थाने के छह पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। दरअसल गिरफ्तारी करने वाली फर्द में कर्नलगंज में तैनात पुलिसकर्मियों का भी नाम है क्योंकि आरोपियों से पूछताछ में लूट के कुल आठ केस के खुलासे का दावा पुलिस ने किया था। फिलहाल इस मामले को लेकर हड़कंप मचा हुआ है।
मामले का खुलासा पांच दिन पहले हुआ था, जिसमें यह बात सामने आई थी कि गयासुद्दीनपुर, धूमनगंज निवासी संतोष रावत को शिवकुटी पुलिस ने चेन लूट के मामले में फर्जी तरीके से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। उसने कोर्ट में अर्जी देकर बताया कि 27 जून 2019 को नया पुरवा, शिवकुटी में हुई चेन लूट की घटना में उसे जेल भेजा गया। जबकि वह 14 मई 2019 से एक जुलाई 2019 तक नैनी जेल में बंद था।
यह भी बताया कि उक्त केस अज्ञात में दर्ज हुआ था और दौरान विवेचना उसका नाम फर्जी तरीके से प्रकाश में लाया गया। सुनवाई करने के दौरान मामले से संबंधित पत्रावलियों के अवलोकन के बाद कोर्ट ने कथित अभियुक्त को आरोप मुक्त करते हुए विवेचक व संबंधित गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम पर एफआईआर दर्ज कराने का आदेश दिया।
एक इंस्पेक्टर, दो दरोगा व चार कांस्टेबल थे शामिल
सूत्रों का कहना है कि मामले में विवेचक समेत कुल सात पुलिसकर्मियों पर केस दर्ज किया जाएगा। दरअसल आरोपी की गिरफ्तारी कर्नलगंज थाने की टीम ने की थी जिसमें तत्कालीन इंस्पेक्टर, मम्फोर्डगंज चौकी प्रभारी और चार सिपाही शामिल थे। शिवकुटी थाने में दर्ज मामले के विवेचक ने केस डायरी में अंकित किया है कि आरटी सेट से मिली सूचना पर पहुंचकर उसने कर्नलगंज थाने में आरोपी का बयान लिया तो उसने घटना में शामिल होने की बात कबूल की। उधर, गिरफ्तारी करने वाली टीम में शामिल पुलिसकर्मियों ने भी यह बयान दिया कि अभियुक्त ने उनके समक्ष भी शिवकुटी में हुई वारदात में शामिल होने की बात स्वीकार की थी।
13 दिसंबर तक की जानी है कार्रवाई
कोर्ट की ओर से एसएसपी को मामले में कार्रवाई करने के लिए आदेशित किया गया है। साथ ही यह भी कहा गया है कि कृत कार्रवाई से कोर्ट को 13 दिसंबर तक अवगत कराया जाए।