भाजपा कार्यकर्ता की मौत का मामला : आरोपियों की तलाश में दबिश, दरोगा समेत नौ के खिलाफ जांच शुरू
सीओ सोमवार दोपहर में नेवादा गांव पहुंचे। यहां सबसे पहले उन्होंने मृतक के परिजनों से पूछताछ की। इसके बाद गांव में पहुंचकर गांववालों से बातचीत की। यही नहीं, उन्होंने उस बस्ती के पास भी पहुंचकर जायजा लिया जहां जुलूस पर हमले का आरोप भाजपा कार्यकर्ताओं व मुकदमा वादी की ओर से लगाया गया है।
विस्तार
भाजपा कार्यकर्ता सतीश चौहान (21) की मौत के मामले में दर्ज मुकदमे की जांच सोमवार को शुरू हो गई। मुकदमे के विवेचक सीओ फूलपुर नेवादा गांव पहुंचे और ग्रामीणों के साथ ही भाजपाइयों से भी घटना के बाबत जानकारी ली। साथ ही उस गांव में भी पहुंचे, जहां जुलूस पर पथराव व लाठी डंडों से हमले का आरोप मुकदमा वादी ने लगाया है। सीओ का कहना है कि मामले में जांच पड़ताल शुरू कर दी गई है।
सीओ सोमवार दोपहर में नेवादा गांव पहुंचे। यहां सबसे पहले उन्होंने मृतक के परिजनों से पूछताछ की। इसके बाद गांव में पहुंचकर गांववालों से बातचीत की। यही नहीं, उन्होंने उस बस्ती के पास भी पहुंचकर जायजा लिया जहां जुलूस पर हमले का आरोप भाजपा कार्यकर्ताओं व मुकदमा वादी की ओर से लगाया गया है।
ग्रामीणों के साथ ही उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं से भी बात की। इसके बाद वापस चले आए। उन्होंने बताया कि विवेचना शुरू कर साक्ष्य एकत्रित करने का काम किया जा रहा है। विवेचना में सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
दर्ज होगा आरोपी दरोगा का बयान
मुकदमे में आरोपी बनाए गए दरोगा संजय यादव से भी जल्द ही पूछताछ की जाएगी। गौरतलब है कि दरोगा पर एससी एसटी एक्ट समेत गालीगलौज व अन्य धाराओं में केस दर्ज किया गया है। साथ ही घटना के दौरान थाने में ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मियों से भी पूछताछ की जाएगी।
यह था पूरा मामला
सतीश की शनिवार रात इलाज के दौरान अस्पताल में मौत हो गई थी। पिता बाबूराम ने बताया था कि वह हादसे में जख्मी होने के बाद अस्पताल भेजा गया था। जबकि भाजपा कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि पार्टी की जीत के जश्न के जुलूस पर हुए हमले में सतीश जख्मी हुआ जिसके बाद उसकी मौत हुई। आरोप यह भी है कि भाजपा के दो पदाधिकारियों को हल्का एसआई ने थाने में बंद कर पीटा। जिस पर उनकी तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज की गई। साथ ही इंस्पेक्टर, दरोगा समेत चार पुलिसकर्मी निलंबित कर दिए गए।
सिर में लगी चोट बनी मौत का कारण
उधर पोस्टमार्टम में सामने आया है कि सतीश की मौत सिर में लगी चोट की वजह से हुई। उसके शरीर पर कुछ अन्य चोटों के निशान भी मिले हैं लेकिन यह हमले में लगीं या हादसे में, यह स्पष्ट नहीं है। उधर इस बाबत सीओ रामसागर ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट की स्पष्ट कॉपी अभी मिली नहीं है। चोटों के बाबत स्पष्ट कॉपी मिलने के बाद ही कुछ बताया जा सकेगा।