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Prayagraj News: केस डायरी में सीसीटीवी फुटेज और मृतक के बयान का जिक्र नहीं, एसपी को सौंपी जांच
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हत्या के मामले की केस डायरी में घटना का सीसीटीवी फुटेज और मृतक के वीडियो बयान का जिक्र नहीं होने पर हैरानी जताई है। कोर्ट ने इसे विवेचना में लापरवाही मानते हुए बलिया के एसपी को जांच का आदेश दिया है। साथ ही दोषी विवेचक के खिलाफ कार्रवाई कर अगली सुनवाई पर व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल तलब किया है।
यह आदेश न्यायमूर्ति समीर जैन की एकल पीठ ने प्रिंस कुमार सिंह की जमानत अर्जी पर दिया है। कोर्ट ने एसपी को अगली सुनवाई पर व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल कर यह बताने को कहा है कि ऐसी लापरवाही दोबारा न हो, इसके लिए क्या कदम उठाए जाएंगे। उन्हें यह भी स्पष्ट करना होगा कि विवेचक के खिलाफ कार्रवाई की गई है या नहीं।
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मामला बलिया के गदावर थाना क्षेत्र का है। शिकायतकर्ता के अधिवक्ता ने दलील दी कि विवेचक ने कथित घटना का सीसीटीवी फुटेज प्राप्त किया था, लेकिन उसे केस डायरी का हिस्सा नहीं बनाया। वीडियो में पीड़ित ने मृत्यु से पहले याची और अन्य आरोपियों के नाम बताए थे। मृतक के इस वीडियो बयान को मृत्यु पूर्व बयान बताते हुए अधिवक्ता ने कहा कि इसका विवरण भी केस डायरी में दर्ज नहीं किया गया।
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वहीं, राज्य सरकार के अधिवक्ता ने भी स्वीकार किया कि सीसीटीवी फुटेज और मृतक के वीडियो बयान के अंश केस डायरी में दर्ज नहीं किए गए हैं। इस पर कोर्ट ने कहा कि विवेचक ने उचित तरीके से विवेचना नहीं की। अगली सुनवाई सुनवाई 19 नवंबर को होगी।