Prayagraj : सपा से कौड़िहार ब्लॉक प्रमुख व गोतस्कर गिरोह सरगना के दो भाइयों पर केस, धमकी देने का मामला
रामजीवन भगवानपुर थाना सरायअकिल, जनपद कौशाम्बी का रहने वाला है। उसने तहरीर देकर आरोप लगाया है कि तीन सितंबर को वह अपने घर से प्रयागराज जा रहा था। रास्ते में ग्लास फैक्टरी बम्हरौली के पास चारपहिया वाहन से आए मो. अशरफ व अकरम निवासी बेगम बाजार ने उसे बुलाया और अपनी गाड़ी में बैठा लिया। इसके बाद कहने लगे कि तुमने जो मुकदमा हम भाइयों पर लिखवाया है, उसमें समझौता कर लो। नहीं तो तुम्हें जान से मार देंगे।
विस्तार
सपा से कौड़िहार ब्लॉक प्रमुख व गोतस्कर गिरोह सरगना मुजफ्फर के दो भाइयों पर एक और केस दर्ज हुआ है। एक करोड़ रंगदारी मांगने का मुकदमा दर्ज कराने वाले पीड़ित का आरोप है कि अकरम व अशरफ ने रास्ते में रोककर मुकदमे में पैरवी न करने के लिए धमकाया। सादे कागज पर जबरन दस्तखत भी करा लिए। पूरामुफ्ती पुलिस मुकदमा दर्ज कर जांच में जुटी है।
रामजीवन भगवानपुर थाना सरायअकिल, जनपद कौशाम्बी का रहने वाला है। उसने तहरीर देकर आरोप लगाया है कि तीन सितंबर को वह अपने घर से प्रयागराज जा रहा था। रास्ते में ग्लास फैक्टरी बम्हरौली के पास चारपहिया वाहन से आए मो. अशरफ व अकरम निवासी बेगम बाजार ने उसे बुलाया और अपनी गाड़ी में बैठा लिया। इसके बाद कहने लगे कि तुमने जो मुकदमा हम भाइयों पर लिखवाया है, उसमें समझौता कर लो। नहीं तो तुम्हें जान से मार देंगे।
दोनों ने काफी डराया धमकाया और कोर्ट का पेपर निकालकर हस्ताक्षर भी करवा लिया। पेपर पर क्या लिखा था, वह पढ़ नहीं पाया। डर के चलते उसने इस संबंध में किसी से बात नहीं की। अब लग रहा है कि उसे और उसके परिवार को खतरा है। बहुत हिम्मत करके कई दिनों बाद आकर शिकायत की। पूरामुफ्ती थाना प्रभारी मनोज कुमार सिंह ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर जांच पड़ताल की जा रही है।
सात भाई हुए थे नामजद, चार को मिली है राहत
पिछले सात 28 मई को रामजीवन ने पूरामुफ्ती में मुजफ्फर, अकरम, अशरफ समेत सातों भाइयों पर एक करोड़ रंगदारी मांगने समेत अन्य आरोपों में केस दर्ज कराया था। इस केस में जावेद, असलम व आजम को छोड़कर अन्य सभी आरोपियों को कोर्ट से राहत मिली है। एक महीने पहले इस मामले में कोर्ट ने फरार आरोपियों के खिलाफ कुर्की का नोटिस जारी किया था। यही नहीं, करीब हफ्ते भर पहले कोर्ट के आदेश की अवमानना के आरोप में भी तीनों पर केस दर्ज किया गया है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि अब जल्द ही कुर्की की कार्रवाई के लिए कोर्ट से अनुमति मांगी जाएगी।
यह है पूरा मामला
- वादी रामजीवन का आरोप है कि उनकी पत्नी आशा देवी के नाम पर अहमदपुर पावन स्थित 8320 वर्गमीटर जमीन पर 2008-09 में कब्जा कर मुजफ्फर व उसके भाई ईंट भट्ठा संचालित करने लगे थे।
- 2022 में पूरामुफ्ती पुलिस व जिला प्रशासन ने जमीन को मुक्त कराते हुए उसे सौंप दिया था। तभी से मुजफ्फर के भाई व सहयोगी लगातार उसे व उसके परिवार को जान से मारने और जबरन जमीन कब्जाने की धमकी दे रहे थे।
- 13 मई 2023 को जमानत पर रिहा होने के बाद से मुजफ्फर उसे फिर धमकाने लगा। जमीन देने के लिए दबाव बनाने लगा।
- 22 मई को वह बाइक से अपने साथी भीम पुत्र गुलाबचन्द्र निवासी भीखपुर मेंडवारा के साथ शहर जा रहा था। इसी दौरान मंदर मोड़ के आगे सफेद रंग के चारपहिया वाहन से पीछा करते हुए मुजफ्फर, अपने भाई अकरम, छोटे उर्फ अशरफ, जावेद अहमद, आजम व अन्य सहयोगियों संग आया और उसे रोक लिया। फिर मारापीटा और एक करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी।