प्रयागराज। शहर उत्तरी से भाजपा के पूर्व विधायक और पूर्व मंत्री डॉ. नरेंद्र सिंह गौर सहित तीन अन्य के खिलाफ लंबित मुकदमा सरकार ने वापस ले लिया है। स्पेशल कोर्ट एमपीएमएलए ने इसकी मंजूरी देते हुए आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया। नरेंद्र सिंह पर भारत बंद के दौरान चक्काजाम कर प्रदर्शन करने के मामले में मुकदमा लंबित था। शासन के आदेश से अभियोजन ने मुकदमा वापसी की अर्जी कोर्ट में प्रस्तुत की थी। यह आदेश स्पेशल कोर्ट के जज डॉ. बालमुकुंद ने अभियोजन के अधिवक्ता एसपीओ श्यामधर द्विवेदी , विशेष अधिवक्ता वीरेंद्र सिंह, एडीजीसी राजेश गुप्ता को सुनकर दिया है।
घटना 15 मार्च 2011 की दारागंज की है। वादी प्रभारी निरीक्षक सुरेंद्र सिंह ने मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप था कि भारत बंद के दौरान अलोपीबाग के शास्त्री पुल के पास रास्ता जाम किया गया और नारेबाजी कर उग्र प्रदर्शन किया गया। शंातिभंग कर यातायात बाधित किया था। पुलिस ने पूर्व मंत्री डॉ. नरेंद्र सिंह गौर, उमेश द्विवेदी और दिनेश पाठक के खिलाफ आरोपपत्र भेजा था। डॉ. गौर ने स्पेशल कोर्ट में हाजिर होकर अपनी जमानत करा ली थी। प्रकरण में आरोप तय नहीं हुआ था। अभियोजन की ओर से मुकदमा वापसी की अर्जी कोर्ट ने स्वीकार कर डॉ. गौर सहित तीनाें को अपराध से उन्मोचित कर मुकदमा समाप्त कर दिया है।